DRDO का उच्च-ऊंचाई पैराशूट लाइव जंप, हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप ट्रायल और IndiaAI का AIKosh आउटरीच
पिछले 24–48 घंटों में: DRDO ने नयोमा में एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट का लाइव जंप कराया, हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप प्लेटफॉर्म का ट्रायल हुआ; IndiaAI ने NIT आंध्र प्रदेश में AIKosh प्रोग्राम आयोजित किया।
⭐ मुख्य बिंदु
- DRDO ने 6 अक्टूबर 2026 को नयोमा (लद्दाख) में AHAP का maiden live jump सफलतापूर्वक कराया।
- AHAP को ADRDE आगरा ने विकसित किया; OPF कानपुर में निर्माण, DGAQA निरीक्षण और CEMILAC प्रमाणन हुआ।
- स्थिर-लाइन जंप उच्च-ऊंचाई पर कठिन होते हैं; इस सफलता से पर्वतीय क्षेत्रों में सामरिक तैनाती क्षमता बढ़ेगी।
- DRDO के हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप प्लेटफॉर्म का उड़ान परीक्षण भी 6 अक्टूबर 2026 को रिपोर्ट किया गया।
- HAPS/एयरशिप लंबे समय तक क्षेत्रीय निगरानी और संचार रिले के लिए उपयोगी माने जाते हैं।
- IndiaAI Mission के तहत AIKosh UEP, NIT आंध्र प्रदेश में 5 अक्टूबर को आयोजित हुआ।
- IndiaAI Mission को मार्च 2024 में लगभग ₹10,371.92 करोड़ की स्वीकृति मिली।
- AIKosh राष्ट्रीय डेटासेट/मॉडल प्लेटफॉर्म है, जो अकादमिक व प्रशासनिक उपयोग को सशक्त बनाता है।
1) DRDO ने एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट (AHAP) का नयोमा में maiden live jump कराया
क्या हुआ?
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 6 अक्टूबर 2026 को लद्दाख के नयोमा (Mudh DZ) जैसे उच्च-ऊंचाई ड्रॉप ज़ोन पर एडवांस्ड हाई-एल्टीट्यूड पैराशूट (AHAP) का पहला लाइव जंप सफलतापूर्वक कराया। जंप 16,000 फीट AMSL पर किया गया; पैराशूट 15,500 फीट AMSL पर खुला और लैंडिंग 13,700 फीट AMSL वाले नयोमा में हुई। यह प्रणाली एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट (ADRDE), आगरा द्वारा विकसित, ऑर्डनेंस पैराशूट फ़ैक्टरी (OPF) कानपुर में निर्मित, DGAQA द्वारा निरीक्षित और CEMILAC (RCMA कानपुर) से प्रमाणित है। रक्षा मंत्री ने इसे आत्मनिर्भर रक्षा प्रौद्योगिकी की दिशा में बड़ा कदम बताया। स्रोत: PIB, PIB-हिंदी।
पृष्ठभूमि
उच्च-ऊंचाई वाले इलाकों में स्थिर-लाइन (static line) जंप अधिक चुनौतीपूर्ण होते हैं क्योंकि वायुगतिकीय परिस्थितियाँ कठोर होती हैं और ओपनिंग शॉक अधिक हो सकता है। भारतीय सशस्त्र बलों के लिए उच्च-ऊंचाई वाले इलाकों में तेज़ तैनाती और रसद आपूर्ति हेतु स्वदेशी पैराशूट का विकास सामरिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- AHAP: स्थिर-लाइन पैराशूट, उच्च-ऊंचाई पर बड़े पैमाने पर पैरा-ट्रूपर्स की ड्रॉपिंग के लिए।
- विकास/निर्माण/प्रमाणीकरण संस्थाएँ: ADRDE (DRDO) – विकास; OPF कानपुर – निर्माण; DGAQA – गुणवत्ता निरीक्षण; CEMILAC/RCMA – एअरवर्दीनेस/प्रमाणीकरण।
- स्थान व ऊंचाई: नयोमा (लद्दाख) – लगभग 13,700 फीट AMSL ड्रॉप ज़ोन; जंप 16,000 फीट पर।
2) DRDO का हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप प्लेटफॉर्म का उड़ान परीक्षण
क्या हुआ?
6 अक्टूबर 2026 को DRDO के उच्च-ऊंचाई एयरशिप (High-Altitude Airship Platform) से संबंधित उड़ान परीक्षण पर रक्षा सचिव एवं DRDO अध्यक्ष ने टीमों को बधाई दी। यह परीक्षण स्वदेशी दीर्घ-अवधि निगरानी/संचार रिले जैसे अनुप्रयोगों हेतु ऊंचे आयामों पर परिचालन क्षमता की दिशा में एक और कड़ी है। स्रोत: PIB, PIB-हिंदी।
पृष्ठभूमि
हाई-एल्टीट्यूड प्लेटफॉर्म सिस्टम्स (HAPS/एयरशिप) को ‘क्वासी-सैटेलाइट’ माना जाता है क्योंकि ये पारंपरिक विमानों से ऊंचे और उपग्रहों से नीचे स्तर पर लंबे समय तक रहकर निगरानी, संचार बैकहॉल, आपदा प्रबंधन और सीमा प्रहर जैसे कार्य कर सकते हैं। स्वदेशी एयरशिप/बलून आधारित प्लेटफॉर्म भारतीय भूभाग के दुर्गम इलाकों में सतत कवरेज उपलब्ध करा सकते हैं।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- High-Altitude Airship: दीर्घ-अवधि निगरानी/संचार के लिए ऊंचे स्तर पर संचालन योग्य प्लेटफॉर्म।
- लाभ: सैटेलाइट की तुलना में त्वरित तैनाती और लक्षित क्षेत्र पर निरंतर ‘स्टेशन-कीपिंग’।
- निगरानी व स्ट्रैटेजिक संचार में स्वदेशी समाधान—आत्मनिर्भर भारत/Indigenisation का उद्देश्य।
3) IndiaAI Mission: AIKosh University Engagement Programme @ NIT आंध्र प्रदेश
क्या हुआ?
IndiaAI Mission (MeitY) के तहत 5 अक्टूबर 2026 को NIT आंध्र प्रदेश, तडेपाल्लीगुडेम में AIKosh University Engagement Programme (UEP) आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य छात्रों/शोधार्थियों तक राष्ट्रीय AI परिसंपत्तियों की पहुँच, जागरूकता और कौशल-विकास को सुदृढ़ करना है। यह कार्यक्रम 6 अक्टूबर 2026 को PIB पर प्रकाशित हुआ। स्रोत: PIB।
पृष्ठभूमि
भारत सरकार ने मार्च 2024 में IndiaAI Mission को पाँच वर्षों के लिए लगभग ₹10,371.92 करोड़ के वित्तीय प्रावधान के साथ स्वीकृत किया, ताकि जिम्मेदार AI पारिस्थितिकी, देशी क्षमताएँ और व्यापक पहुँच सुनिश्चित हो सके। AIKosh राष्ट्रीय डेटासेट/मॉडल प्लेटफॉर्म है, जिस पर सरकारी/शैक्षणिक/उद्योग स्रोतों से हजारों डेटासेट और सैकड़ों AI मॉडल एकीकृत किए जा रहे हैं। संदर्भ: PIB दस्तावेज़।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- IndiaAI Mission: MeitY के अंतर्गत राष्ट्रीय AI पहल—डेटा (AIKosh), कंप्यूट, फाउंडेशन मॉडल, स्किलिंग, स्टार्टअप्स आदि पर फोकस।
- AIKosh: राष्ट्रीय स्तर का डेटासेट/मॉडल रिपॉज़िटरी—शिक्षा/शोध/गवर्नेंस में उपयोगी।
- नीति-सम्बंध: ‘Responsible AI’ सिद्धांत—पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और प्राइवेसी।
स्थैतिक GK/समेकित चर्चा
UPSC/SSC/बैंकिंग परीक्षाओं में DRDO/ISRO/MeitY से जुड़े संगठनों की भूमिकाएँ, स्वदेशीकरण (Aatmanirbhar Bharat) के उदाहरण, और HAPS/एयरवर्दीनेस नियामकों (DGAQA, CEMILAC) के दायित्व अक्सर पूछे जाते हैं। लद्दाख के उच्च-ऊंचाई क्षेत्र में सैन्य रसद का महत्व, और AI नीति/इन्फ्रास्ट्रक्चर (IndiaAI) के स्तंभ—ये सभी समसामयिक तथा अवधारणात्मक प्रश्नों का आधार बनते हैं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| कार्यक्रम/तिथि | AHAP live jump: 6 अक्टूबर 2026; स्थान: नयोमा (Mudh DZ), लद्दाख |
|---|---|
| AHAP विकास | ADRDE (DRDO), आगरा |
| निर्माण/निरीक्षण/प्रमाणीकरण | OPF कानपुर / DGAQA / CEMILAC (RCMA कानपुर) |
| जंप प्रोफ़ाइल | जंप: 16,000 ft AMSL; डिप्लॉयमेंट: 15,500 ft; लैंडिंग: 13,700 ft AMSL (नयोमा) |
| एयरशिप ट्रायल | DRDO हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप प्लेटफॉर्म का उड़ान परीक्षण (6 अक्टूबर 2026) |
| IndiaAI Mission | स्वीकृति: मार्च 2024; अनुमानित व्यय: ₹10,371.92 करोड़ |
| AIKosh UEP | NIT आंध्र प्रदेश, 5 अक्टूबर 2026; उद्देश्य: AI संसाधनों की पहुँच व स्किलिंग |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 AHAP पैराशूट का maiden live jump किस स्थान पर कराया गया?
Q2 AHAP किस प्रकार का पैराशूट है?
Q3 AHAP का विकास किस DRDO प्रयोगशाला ने किया?
Q4 DRDO के हाई-एल्टीट्यूड एयरशिप प्लेटफॉर्म का हालिया उल्लेख किस तिथि से जुड़ा है?
Q5 IndiaAI Mission के अंतर्गत AIKosh UEP 5 अक्टूबर 2026 को कहाँ आयोजित हुआ?








