अक्टूबर की शुरुआत में दिल्ली की वायु गुणवत्ता फिसली; GRAP सतर्क, IMD ने WD का संकेत
दिल्ली में 1–2 अक्टूबर को AQI में गिरावट दर्ज; 2 अक्टूबर को भी गिरावट का रुझान जारी। GRAP की पृष्ठभूमि व IMD–IITM पूर्वानुमान प्रणाली परीक्षा हेतु महत्वपूर्ण।
⭐ मुख्य बिंदु
- दिल्ली में 1 अक्टूबर को AQI 166 रहा; चार वर्षों में सबसे प्रदूषित शुरुआत।
- 2–4 अक्टूबर के लिए ‘मॉडरेट’ श्रेणी का पूर्वानुमान जारी था।
- CAQM के GRAP में अब पूर्वानुमान-आधारित ट्रिगर भी मान्य है।
- 20 जनवरी 2026 को AQI सुधरने पर GRAP स्टेज-IV हटाया गया था (पृष्ठभूमि)।
- IMD ने पहले सप्ताह में WD की सक्रियता के संकेत बताए; अस्थायी राहत संभव।
- AQI की 6 श्रेणियाँ CPCB द्वारा परिभाषित; 8 प्रमुख प्रदूषक शामिल।
- अक्टूबर–जनवरी में कम हवा/इनवर्ज़न व पराली धुआँ AQI गिराते हैं।
- GRAP चरणबद्ध पाबंदियों से निर्माण-धूल, DG सेट, ट्रक आदि पर नियंत्रण होता है।
1) दिल्ली में अक्टूबर की शुरुआत पर वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ी
क्या हुआ: नई दिल्ली में 1 अक्टूबर 2026 को औसत AQI 166 (मॉडरेट) दर्ज हुआ—यह पिछले चार वर्षों में अक्टूबर की सबसे प्रदूषित शुरुआत रही। पूर्वानुमानों के अनुसार 2–4 अक्टूबर के बीच वायु गुणवत्ता ‘मॉडरेट’ दायरे में रहनी थी। 2 अक्टूबर की सुबह तक गिरावट का यह रुझान बना रहा और तापमान व पवन की मंद गति के कारण वेंटिलेशन कमजोर रहा। यह संकेत देता है कि पराली सीजन और सर्दी की शुरुआत के साथ प्रदूषण नियंत्रण के आपात-उपाय (GRAP) की समय पर सक्रियता अहम होगी। संदर्भ: India Today, Hindustan Times.
पृष्ठभूमि
दिल्ली–NCR के लिए Graded Response Action Plan (GRAP) को CAQM (Commission for Air Quality Management) लागू कराता है। यह योजना AQI के स्तर के अनुसार चरणबद्ध पाबंदियाँ लागू करती है—स्टेज I (Poor) से लेकर स्टेज IV (Severe+) तक। 2025–26 में शीतकालीन प्रदूषण के दौरान CAQM ने आवश्यकता पड़ने पर उच्च चरण लागू/हटाए थे; 20 जनवरी 2026 को AQI में सुधार पर स्टेज-IV हटाया भी गया था। यह व्यवस्था अब मौसम एवं प्रदूषण के फोरकास्ट को भी कानूनी ट्रिगर मानती है, ताकि संभावित खराबी से पहले ही उपाय लागू हो सकें। संदर्भ: CAQM, PIB.
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- AQI की छह श्रेणियाँ (Good–Severe+) और उनका स्वास्थ्य-प्रभाव; NCR में मापक एजेंसियाँ (CPCB/DPCC) से जुड़े तथ्य।
- GRAP के चरण: स्टेज-I (AQI 201–300) से स्टेज-IV (AQI 450+) तक; प्रत्येक चरण में प्रमुख प्रतिबंध (DG सेट, निर्माण धूल, ट्रकों/पुराने वाहनों पर नियंत्रण आदि)।
- CAQM: स्थापना वर्ष 2021; कानूनी आधार—आदेश देने की वैधानिक शक्ति; NCR एयरशेड-आधारित शासन का उद्देश्य।
- पूर्वानुमान तंत्र: IMD–IITM की मॉडलिंग; ‘फोरकास्ट-ट्रिगर’ के आधार पर अग्रिम कार्रवाई की व्यवस्था।
- भू–मौसमीय कारण: कम हवा, तापमान उलटना (इनवर्ज़न), और पराली धुएँ का एडवेक्शन—अक्टूबर–जनवरी में AQI गिरने के मुख्य कारण।
2) IMD का संकेत: पहले सप्ताह में वेस्टर्न डिस्टर्बेन्स (WD) सक्रिय, AQI पर अस्थायी राहत संभव
क्या हुआ: 2 अक्टूबर 2026 की रिपोर्टिंग के अनुसार, उत्तर–पश्चिम भारत पर अक्टूबर के पहले सप्ताह में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेन्स सक्रिय होने के संकेत हैं। ऐसी प्रणालियाँ हवाओं के पैटर्न, नमी और हल्की वर्षा लाकर वायु-प्रदूषकों के डिस्पर्शन में अस्थायी मदद कर सकती हैं; हालांकि, सिस्टम के गुजरते ही शांति/उमस और इनवर्ज़न लौटने पर AQI फिर गिर सकता है। संदर्भ: Hindustan Times.
पृष्ठभूमि
IMD का AQI पूर्वानुमान मॉड्यूल अब दिल्ली सहित कई शहरों के लिए श्रेणी-आधारित (Good/Moderate/Poor…) करेक्टनेस आँकड़े प्रकाशित करता है और IITM के साथ समन्वयित मॉडलिंग से अगले 3–5 दिनों के प्रदूषण स्तर का परिदृश्य देता है। यह जानकारी CAQM/राज्य एजेंसियों को अग्रिम रूप से GRAP/स्थानीय उपाय सक्रिय करने में सहायक होती है। संदर्भ: IMD वार्षिक रिपोर्ट.
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- वेस्टर्न डिस्टर्बेन्स: उत्पत्ति (भूमध्य सागर–कास्पियन क्षेत्र), भारत पर प्रभाव (उत्तर–पश्चिमी वर्षा/बर्फबारी, पवन बदलाव)।
- डिस्पर्शन मैकेनिक्स: हवा की रफ्तार, मिक्सिंग हाइट, और रिलेटिव ह्यूमिडिटी—PM2.5/PM10 पर प्रभाव।
- नीतिगत समन्वय: IMD–IITM–CPCB–CAQM डेटा-लिंक; कैसे फोरकास्ट-ट्रिगर को GRAP में जोड़ा गया।
स्टैटिक GK/कॉन्सेप्ट जोड़
- AQI सूत्रीकरण: CPCB द्वारा 2015 में राष्ट्रीय AQI लांच; 8 प्रदूषक पैरामीटर (PM10, PM2.5, NO2, SO2, CO, O3, NH3, Pb)।
- GRAP इतिहास: मूलत: सुप्रीम कोर्ट/EPCA निर्देशों (2016–17) से शुरू; 2021 के बाद CAQM के तहत संशोधित/कड़ाई।
- CAQM का दायरा: NCR व आस-पास क्षेत्र; पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम की धारा शक्तियाँ; बाध्यकारी निर्देश जारी करने का अधिकार।
- स्वास्थ्य लिंक: PM2.5 फेफड़े/हृदय पर असर; संवेदनशील समूह—बच्चे, वृद्ध, अस्थमा/सीओपीडी मरीज।
नीति/एग्जाम एंगल: क्या पूछा जा सकता है?
- GRAP के प्रत्येक चरण में ट्रांसपोर्ट, इंडस्ट्रियल, डस्ट के लिए कौन-कौन से कदम अनिवार्य हैं?
- IMD–IITM पूर्वानुमान किस तरह AQI/GRAP निर्णयों का कानूनी ट्रिगर बनता है?
- AQI श्रेणियाँ, सीमा-मूल्य (ब्रेकप्वाइंट) और CPCB की भूमिका।
- WD व स्थानीय मौसम विज्ञान (इनवर्ज़न) का PM2.5/PM10 पर तुलनात्मक प्रभाव।
नोट: यह संकलन 1–4 अक्टूबर 2026 के विश्वसनीय रिपोर्टों/सरकारी पृष्ठभूमि दस्तावेज़ों पर आधारित है; जैसे-जैसे CAQM के ताज़ा आदेश/IMD बुलेटिन जारी होंगे, GRAP के चरणों व स्थानीय प्रतिबंधों में परिवर्तन संभव है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| AQI 1 अक्टूबर 2026 (दिल्ली) | 166 ‘मॉडरेट’ (India Today रिपोर्ट) |
|---|---|
| CAQM वैधानिक निकाय | स्थापना: 2021; NCR एयरशेड के लिए आदेश-निष्पादन शक्ति |
| GRAP चरण | I (Poor, 201–300) से IV (Severe+, ≥450) तक |
| स्टेज-IV हटाने का आदेश | 20 जनवरी 2026 को CAQM ने हटाया (PIB/CAQM) |
| AQI पैरामीटर | PM2.5, PM10, NO2, SO2, CO, O3, NH3, Pb |
| WD का उद्गम क्षेत्र | भूमध्य सागर–कास्पियन; उत्तर–पश्चिम भारत पर प्रभाव |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 GRAP को NCR में लागू कराने वाली वैधानिक संस्था कौन सी है?
Q2 AQI की ‘Severe+’ (GRAP Stage-IV) अवस्था का सामान्य ट्रिगर क्या होता है?
Q3 AQI प्रणाली भारत में किस एजेंसी द्वारा मानकीकृत है?
Q4 वेस्टर्न डिस्टर्बेन्स के बारे में सही कथन चुनें:
Q5 AQI ‘मॉडरेट’ श्रेणी का दायरा सामान्यतः क्या माना जाता है?








