बिहार विशेष

बिहार में ₹1.64 लाख करोड़ की 32 सड़क परियोजनाएँ, गंगा पथ व सहरसा में पायलट सेंटर मंजूर

बिहार में बुनियादी ढांचा और विमानन क्षेत्र को बड़ा विस्तार मिला है। ₹1.64 लाख करोड़ की 32 सड़कें, मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ और सहरसा में दूसरा पायलट ट्रेनिंग सेंटर स्वीकृत हुआ।

⭐ मुख्य बिंदु

  • MoRTH ने बिहार की वार्षिक कार्ययोजना के तहत ₹1.64 लाख करोड़ की 32 सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी।
  • इन सड़क परियोजनाओं की कुल लंबाई 2,424 किमी होगी, जिनमें 18 राज्य RCD और 14 NHAI की सड़कें हैं।
  • मुंगेर से सबौर (भागलपुर) के बीच 82.80 किमी लंबा 4-लेन गंगा पथ ₹9,970 करोड़ की लागत से बनेगा।
  • गंगा पथ का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) के हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM) पर होगा।
  • पटना के बाद सहरसा में बिहार का दूसरा पायलट प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने की मंजूरी दी गई है।
  • सहरसा हवाई पट्टी पर 1,000 वर्ग मीटर भूमि GRD एयर एकेडमी को 30 साल के पट्टे पर आवंटित की गई है।
  • क्षेत्रीय विमानन विस्तार हेतु उड़ान (UDAN) योजना के लिए ₹4.35 करोड़ की Viability Gap Funding मंजूर हुई।

बिहार में सड़क अवसंरचना, नदी तटीय एक्सप्रेसवे और क्षेत्रीय विमानन क्षेत्र के कायाकल्प के लिए केंद्र और राज्य सरकार द्वारा कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। वार्षिक कार्ययोजना के तहत राज्य में ₹1.64 लाख करोड़ की 32 वृहद सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही, मुंगेर से सबौर (भागलपुर) के बीच ₹9,970 करोड़ लागत वाले 82.8 किलोमीटर लंबे फोर-लेन गंगा पथ के निर्माण और सहरसा में राज्य के दूसरे पायलट प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हुआ है। ये परियोजनाएँ BPSC और अन्य राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

₹1.64 लाख करोड़ की 32 सड़क परियोजनाएँ: बिहार में कनेक्टिविटी का विस्तार

क्या हुआ?

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) द्वारा वार्षिक कार्ययोजना के तहत बिहार में 2,424 किलोमीटर लंबाई की 32 सड़क अवसंरचना परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिसकी कुल अनुमानित लागत लगभग ₹1.64 लाख करोड़ है। इन परियोजनाओं में नए राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण, मौजूदा मार्गों का चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण, बाईपास और रेलवे ओवरब्रिज (ROBs) शामिल हैं |

परियोजना का प्रशासनिक ढांचा

  • कार्यान्वयन एजेंसियां: स्वीकृत 32 परियोजनाओं में से 18 परियोजनाएँ बिहार पथ निर्माण विभाग (RCD) द्वारा और शेष 14 परियोजनाएँ (1,685 किमी) भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा क्रियान्वित की जाएंगी।
  • प्रमुख गलियारे: इसमें NH-333A का उन्नयन, दरभंगा-जयनगर भारत-नेपाल सीमा संपर्क मार्ग, बरियारपुर-विशनपुर और सीतामढ़ी-चिरौथ खंड का सुदृढ़ीकरण तथा मधेपुरा एवं डुमरांव में नए बाईपास का निर्माण शामिल है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

यह परियोजना राज्य के लॉजिस्टिक प्रदर्शन सूचकांक (Logistics Ease Across Different States - LEADS) में सुधार लाने के साथ-साथ उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच अंतर-जिला व्यापार को गति प्रदान करेगी।

मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ: ₹9,970 करोड़ से पूर्वी बिहार को मिलेगा आधुनिक एक्सप्रेसवे

क्या हुआ?

पटना के जेपी गंगा पथ (Marine Drive) की अभूतपूर्व सफलता के बाद, राज्य मंत्रिमंडल ने मुंगेर और भागलपुर जिलों में गंगा नदी के समानांतर 82.80 किलोमीटर लंबे 4-लेन गंगा पथ के निर्माण को वित्तीय व प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है। इस समग्र परियोजना पर ₹9,969.63 करोड़ (लगभग ₹9,970 करोड़) खर्च होंगे।

परियोजना का विभाजन और प्रारूप

  • पैकेज 1: मुंगेर (साफियाबाद) - बरियारपुर - घोरघट - सुल्तानगंज खंड (लंबाई: 42 किमी, लागत: ₹5,119 करोड़)।
  • पैकेज 2: सुल्तानगंज - भागलपुर - सबौर खंड (लंबाई: 40.80 किमी, लागत: ₹4,849 करोड़)।
  • पीपीपी मॉडल: इस एक्सप्रेसवे का निर्माण ‘हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल’ (HAM) के तहत किया जाएगा। इसमें 40% पूंजी राज्य सरकार चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराएगी और शेष 60% राशि निजी विकासकर्ता द्वारा जुटाई जाएगी।

सामाजिक और आर्थिक प्रभाव

यह मार्ग सुल्तानगंज (अजगैवीनाथ धाम) से श्रावणी मेले के दौरान देवघर जाने वाले लाखों कांवड़ियों के लिए यातायात सुगम बनाएगा तथा भागलपुर के ऐतिहासिक रेशम उद्योग (Silk City) व विक्रमशिला विश्वविद्यालय खंडहर क्षेत्र को सीधे उच्च गति कनेक्टिविटी प्रदान करेगा।

सहरसा में खुलेगा राज्य का दूसरा पायलट प्रशिक्षण संस्थान

क्या हुआ?

राज्य सरकार ने विमानन और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए सहरसा हवाई पट्टी पर जी.आर.डी. एयर एकेडमी (GRD Air Academy) को 30 वर्षों के पट्टे (Lease) पर 1,000 वर्ग मीटर भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया है। पटना स्थित फ्लाइंग क्लब के बाद यह बिहार का दूसरा नागरिक उड्डयन पायलट प्रशिक्षण केंद्र (Flying Training Organisation - FTO) होगा।

उड़ान (UDAN) योजना के तहत वित्तीय सहायता

केंद्र सरकार की ‘उड़े देश का आम नागरिक’ (UDAN) क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना को सहयोग देने के लिए मंत्रिमंडल ने ₹4.35 करोड़ (43.5 मिलियन रुपये) की वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF) स्वीकृत की है। इससे सहरसा, बीरपुर (सुपौल), वाल्मीकिनगर और मुंगेर जैसे छोटे हवाई अड्डों से 20 सीटर छोटे विमानों का संचालन सुलभ हो सकेगा।

मुख्य परियोजनाओं का सारांश

परियोजनालंबाई / दायरास्वीकृत लागतमॉडल / नोडल निकाय
वार्षिक सड़क कार्ययोजना2,424 किमी (32 सड़कें)₹1,64,000 करोड़NHAI और पथ निर्माण विभाग (RCD)
मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ82.80 किमी (4-लेन)₹9,970 करोड़हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM)
सहरसा पायलट ट्रेनिंग केंद्र1,000 वर्ग मीटर FTO लीज30 वर्ष का पट्टानागर विमानन निदेशालय / GRD एकेडमी
उड़ान (UDAN) VGF सहायताटियर-3 क्षेत्रीय कनेक्टिविटी₹4.35 करोड़राज्य नागर विमानन विभाग

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सड़क कार्ययोजना कुल लागत₹1.64 लाख करोड़
सड़क परियोजनाओं की संख्या व लंबाई32 परियोजनाएँ, 2,424 किलोमीटर
मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ लंबाई82.80 किलोमीटर
गंगा पथ की कुल स्वीकृत लागत₹9,969.63 करोड़ (लगभग ₹9,970 करोड़)
गंगा पथ कार्यान्वयन मॉडलहाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (HAM)
राज्य का दूसरा पायलट संस्थानसहरसा हवाई अड्डा (GRD एयर एकेडमी)
उड़ान VGF स्वीकृति₹4.35 करोड़

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 MoRTH द्वारा बिहार की 2026-27 कार्ययोजना के तहत कितनी सड़क परियोजनाओं और कुल लागत को स्वीकृति दी गई है?

Q2 मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ परियोजना की कुल लंबाई और अनुमानित लागत कितनी है?

Q3 मुंगेर-भागलपुर गंगा पथ परियोजना किस सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत बनाई जाएगी?

Q4 पटना के बाद बिहार का दूसरा पायलट प्रशिक्षण संस्थान (FTO) किस जिले की हवाई पट्टी पर स्थापित किया जा रहा है?

Q5 सड़क कार्ययोजना 2026-27 के तहत स्वीकृत 32 परियोजनाओं में से NHAI और बिहार RCD को क्रमशः कितनी परियोजनाएँ सौंपी गई हैं?

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