राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ का अग्रिम कर हस्तांतरण और RBI का विदेशी संपत्ति सर्वेक्षण
केंद्र सरकार ने राज्यों के पूंजीगत व्यय को रफ्तार देने के लिए ₹1.09 लाख करोड़ का अग्रिम कर हस्तांतरण जारी किया, वहीं RBI के सर्वेक्षण में भारतीय कंपनियों का विदेशी निवेश 41% बढ़ा।
⭐ मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार ने नवंबर के कर हस्तांतरण के रूप में राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ की राशि निर्धारित समय से 5 दिन पहले जारी की।
- यह अग्रिम हस्तांतरण राज्यों के पूंजीगत व्यय और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से किया गया है।
- 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत केंद्रीय विभाज्य कर पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 41% तय है।
- RBI के FLA सर्वेक्षण के अनुसार भारतीय कंपनियों का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ODI) 41% उछलकर ₹16.71 लाख करोड़ हो गया।
- भारत में अंतर्वाह FDI और बाहर जाने वाले ODI का अनुपात घटकर 4.2 गुना पर आ गया, जो भारतीय बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विस्तार को दिखाता है।
- प्रत्यक्ष विदेशी निवेश दर्ज करने वाली कुल भारतीय संस्थाओं में से लगभग 97% गैर-सूचीबद्ध (Unlisted) कंपनियां हैं।
- सेबी ने बिना अंतर्निहित व्यापार जोखिम के मुद्रा डेरिवेटिव सौदों के लिए अधिकतम $5 मिलियन की सीमा तय की है।
भारतीय अर्थव्यवस्था में राजकोषीय प्रबंधन और बाहरी क्षेत्र (External Sector) के मोर्चे पर दो महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। केंद्र सरकार ने राज्यों के विकास व पूंजीगत व्यय को बल देने हेतु कर हस्तांतरण की मासिक किस्त समय से पूर्व जारी कर दी है। दूसरी ओर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा जारी भारतीय कंपनियों की विदेशी देनदारियों और परिसंपत्तियों पर वार्षिक सर्वेक्षण (FLA Census) ने भारतीय कॉरपोरेट्स के बढ़ते वैश्विक निवेश को रेखांकित किया है। साथ ही, वित्तीय बाजार नियामक सेबी ने मुद्रा डेरिवेटिव्स में सट्टेबाजी नियंत्रित करने हेतु नए नियम तय किए हैं।
1. केंद्र सरकार द्वारा राज्यों को ₹1.09 लाख करोड़ का अग्रिम कर हस्तांतरण
क्या हुआ?
केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने नवंबर माह के लिए राज्यों को कर हस्तांतरण (Tax Devolution) की नियमित किस्त को पांच दिन पहले ही 5 नवंबर को जारी कर दिया। इसके तहत राज्यों को कुल ₹1,09,142 करोड़ (लगभग ₹1.09 लाख करोड़) की राशि हस्तांतरित की गई है। सामान्यतः यह मासिक किस्त प्रत्येक माह की 10 तारीख को जारी की जाती है।
पृष्ठभूमि व उद्देश्य
त्योहारी सीजन और वित्तीय वर्ष की दूसरी छमाही के दौरान राज्यों के पास तरलता (Liquidity) की कोई कमी न रहे, इसे ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया। इसका प्राथमिक उद्देश्य राज्यों को अपने पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) की गति को तेज करने और विकास तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाने में सक्षम बनाना है। इससे पूर्व केंद्र सरकार ने अक्टूबर माह में भी त्योहारी मांग को सहारा देने के लिए अतिरिक्त किस्त जारी की थी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- संवैधानिक प्रावधान (अनुच्छेद 280): संविधान के अनुच्छेद 280 के तहत गठित वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर केंद्र सरकार अपने विभाज्य कर पूल (Divisible Pool of Central Taxes) से राज्यों को हिस्सा आवंटित करती है।
- 15वां वित्त आयोग: एन. के. सिंह की अध्यक्षता वाले 15वें वित्त आयोग ने 2021-26 की अवधि के लिए विभाज्य कर पूल में राज्यों की हिस्सेदारी 41% निर्धारित की थी (पूर्ववर्ती 42% से 1% की कटौती जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नवगठित केंद्र शासित प्रदेशों की आवश्यकताओं हेतु की गई थी)।
- वित्तीय संघवाद (Fiscal Federalism): राज्यों को समय पर संसाधन उपलब्ध कराने से समग्र अर्थव्यवस्था में मांग और निजी निवेश को प्रेरित करने वाला 'क्राउडिंग-इन प्रभाव' (Crowding-in Effect) उत्पन्न होता है।
2. RBI का विदेशी देनदारियों और परिसंपत्तियों पर वार्षिक सर्वेक्षण (FLA Census)
क्या हुआ?
भारतीय रिजर्व बैंक ने प्रत्यक्ष निवेश संस्थाओं के विदेशी दायित्वों और परिसंपत्तियों पर वार्षिक जनगणना (Census on Foreign Liabilities and Assets - 2025-26) के अनंतिम परिणाम जारी किए। इस रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय कंपनियों का विदेश में प्रत्यक्ष निवेश (Overseas Direct Investment - ODI) स्टॉक सालाना आधार पर 41% बढ़कर ₹16.71 लाख करोड़ पर पहुंच गया।
सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष
- FDI और ODI का अनुपात: भारत में आने वाले विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (Inward FDI) और भारत से बाहर जाने वाले विदेशी निवेश (ODI) का अनुपात घटकर 4.2 गुना रह गया, जो एक वर्ष पूर्व 5.5 गुना था। यह भारतीय कंपनियों की वैश्विक बाजार में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
- गैर-सूचीबद्ध कंपनियों का दबदबा: प्रत्यक्ष निवेश में शामिल कुल भारतीय संस्थाओं में से लगभग 97% संस्थाएं गैर-सूचीबद्ध (Unlisted) थीं। इसके अतिरिक्त, गैर-सूचीबद्ध कंपनियों के पास कुल FDI ऋण का 96.6% हिस्सा है।
- गैर-वित्तीय क्षेत्र की प्रधानता: कुल FDI इक्विटी पूंजी (अंकित मूल्य पर) में 90% से अधिक हिस्सेदारी गैर-वित्तीय कंपनियों (Non-financial Companies) की रही।
- चीन में नगण्य निवेश: भारतीय कंपनियों के कुल विदेशी निवेश स्टॉक में पड़ोसी देश चीन की हिस्सेदारी मात्र 0.7% (₹12,373 करोड़) दर्ज की गई, जो भारतीय उद्यमों के सीमित आर्थिक जोखिम को दर्शाती है।
FLA रिपोर्ट का विनियामक महत्व
विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA, 1999) के अंतर्गत उन सभी भारतीय कंपनियों के लिए FLA रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य होता है, जिन्होंने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त किया है अथवा विदेश में प्रत्यक्ष निवेश किया है। यह डेटा देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) और अंतरराष्ट्रीय निवेश स्थिति (International Investment Position - IIP) के सटीक आकलन हेतु आधार तैयार करता है।
3. सेबी द्वारा अनहेज्ड मुद्रा डेरिवेटिव्स पर $5 मिलियन की सीमा तय
क्या हुआ?
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने विनिमय-व्यापारित मुद्रा डेरिवेटिव्स (Exchange-Traded Currency Derivatives) के नियमों में संशोधन करते हुए बिना किसी अंतर्निहित जोखिम (Unhedged Exposure) वाले सौदों के लिए $5 मिलियन (50 लाख अमेरिकी डॉलर) या समकक्ष मूल्य की समग्र सीमा निर्धारित की है।
नियम के मुख्य प्रावधान
- घरेलू ग्राहक और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) अब अंतर्निहित अनुबंध के बिना भारतीय रुपये (INR) से जुड़ी मुद्रा जोड़ियों में अधिकतम $5 मिलियन तक की ही पोजीशन (लॉन्ग या शॉर्ट) ले सकते हैं।
- यदि किसी प्रतिभागी को $5 मिलियन से अधिक का सौदा करना है, तो उसके पास भारतीय प्रतिभूतियों, ऋण पत्रों या वास्तविक आयात-निर्यात व्यापार का वास्तविक जोखिम (Underlying Exposure) प्रमाणित होना अनिवार्य होगा।
- यह कदम विदेशी मुद्रा बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी को रोकने और रुपये की विनिमय दर में अनावश्यक अस्थिरता को थामने के उद्देश्य से RBI के फॉरेक्स नियमों के साथ समन्वय बिठाने के लिए उठाया गया है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| राज्यों को हस्तांतरित कर राशि | ₹1,09,142 करोड़ (₹1.09 लाख करोड़) |
|---|---|
| विभाज्य कर पूल में राज्यों का हिस्सा | 41% (15वां वित्त आयोग) |
| वित्त आयोग का संवैधानिक अनुच्छेद | अनुच्छेद 280 |
| भारत का विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (ODI) स्टॉक | ₹16.71 लाख करोड़ (+41%) |
| Inward FDI और ODI अनुपात | 4.2 गुना (पूर्व में 5.5 गुना) |
| चीन में भारत का ODI शेयर | 0.7% (₹12,373 करोड़) |
| सेबी अनहेज्ड मुद्रा डेरिवेटिव सीमा | $5 मिलियन समकक्ष |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुसार केंद्रीय करों के विभाज्य पूल (Divisible Pool) में राज्यों की हिस्सेदारी कितनी प्रतिशत निर्धारित है?
Q2 भारतीय संविधान के किस अनुच्छेद के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा प्रत्येक पाँच वर्ष में वित्त आयोग का गठन किया जाता है?
Q3 भारतीय रिजर्व बैंक के FLA सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार भारतीय कंपनियों का विदेशी परिसंपत्ति (ODI) स्टॉक बढ़कर कितना हो गया है?
Q4 पूंजी बाजार नियामक सेबी (SEBI) द्वारा बिना अंतर्निहित जोखिम (Unhedged Exposure) वाले मुद्रा डेरिवेटिव सौदों पर कितनी अधिकतम सीमा तय की गई है?
Q5 भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के लेखांकन में विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) और विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) को किस खाते में दर्ज किया जाता है?







