‘नदी संजीवनी’ के तहत NHAI से समझौता और 3 नदियों की फ्लडप्लेन मैपिंग को मंजूरी
बिहार में नदियों की गाद से राष्ट्रीय राजमार्ग बनाने हेतु ‘नदी संजीवनी’ समझौता हुआ, साथ ही कोसी, गंडक व सोन के फ्लडप्लेन अध्ययन को मंजूरी मिली।
⭐ मुख्य बिंदु
- बिहार सरकार और NHAI के बीच नदियों की गाद के राजमार्ग निर्माण में उपयोग हेतु 'नदी संजीवनी' समझौता हुआ।
- बिहार 'जलस्रोत पुनरुद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026' लागू करने वाला देश का पहला राज्य बना।
- NHAI की 16 चालू परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर नदी सिल्ट का उपयोग किया जाएगा।
- कोसी, गंडक और सोन नदियों की फ्लडप्लेन मैपिंग हेतु NIH रुड़की के साथ ₹1.99 करोड़ का एमओयू हुआ।
- डैम सेफ्टी एक्ट 2021 के तहत बिहार के 24 बांधों के सुरक्षा मूल्यांकन हेतु ₹8.39 करोड़ स्वीकृत किए गए।
- पटना में पहले भूमिगत सड़क कॉरिडोर की फीजिबिलिटी स्टडी हेतु ₹18.21 करोड़ की मंजूरी मिली।
- मसौढ़ी (पटना) और चनपटिया (पश्चिम चंपारण) में 560-560 सीटों वाले दो अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय बनेंगे।
बिहार में पर्यावरण संरक्षण, बाढ़ प्रबंधन और आधुनिक अवसंरचना विकास को एक साथ जोड़ने की दिशा में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। राज्य सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के अधीन भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है, जिसके तहत नदियों की गाद (Silt) का वैज्ञानिक निष्कासन कर उसका उपयोग राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में किया जाएगा। इसके साथ ही, राज्य मंत्रिमंडल ने गंगा की प्रमुख सहायक नदियों के फ्लडप्लेन मैपिंग और राजधानी पटना में पहले भूमिगत सड़क कॉरिडोर की व्यवहार्यता अध्ययन को भी हरी झंडी दी है।
1. 'नदी संजीवनी' पहल: नदियों की गाद से बनेंगे राष्ट्रीय राजमार्ग
क्या हुआ?
नई दिल्ली में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री और बिहार सरकार के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में 'नदी संजीवनी' पहल के तहत समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत बिहार की चिह्नित नदियों व जलस्रोतों से वैज्ञानिक तरीके से सिल्ट (गाद और बालू) निकाली जाएगी और इसका उपयोग राज्य में बनने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों के तटबंध एवं भराई कार्यों में किया जाएगा।
पृष्ठभूमि व नीतिगत ढांचा
बिहार देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने 'बिहार जलस्रोत पुनरुद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026' (Bihar Water Sources Restoration and Silt Management Policy, 2026) को अधिसूचित और लागू किया है। राज्य में प्रतिवर्ष आने वाली बाढ़ के कारण नदियों के तल में भारी मात्रा में गाद जमा हो जाती है, जिससे नदियों की जल-वहन क्षमता घटती है और बाढ़ की विभीषिका बढ़ती है। इसके अलावा कृषि योग्य भूमि पर गाद जमा होने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- उपयोग का पैमाना: NHAI ने राज्य में चल रही 16 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं में 243 लाख घन मीटर उपयुक्त सिल्ट के उपयोग की पहचान की है, जबकि 27 भावी परियोजनाओं में लगभग 835 लाख घन मीटर गाद का उपयोग प्रस्तावित है।
- दोहरा लाभ: इससे एक ओर राजमार्ग निर्माण हेतु मिट्टी खनन (Soil excavation) की आवश्यकता कम होगी जिससे पर्यावरण संरक्षण होगा, वहीं दूसरी ओर नदियों का जलमार्ग गहरा होने से जल-वहन क्षमता में वृद्धि होगी।
- भूमि की उपलब्धता: गाद निष्कासन से नदियों के किनारे लगभग एक लाख एकड़ नई भूमि उपलब्ध होने का अनुमान है, जिसका उपयोग सुनियोजित रिवरफ्रंट और हरित पट्टी विकास के लिए किया जा सकेगा।
2. कोसी, गंडक और सोन नदियों का फ्लडप्लेन जोनिंग अध्ययन
क्या हुआ?
बिहार मंत्रिमंडल ने गंगा की तीन प्रमुख सहायक नदियों—कोसी, गंडक और सोन के लिए 'फ्लड प्लेन ज़ोन परिसीमन अध्ययन' (Flood Plain Zone Delineation Study) कराने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। यह वैज्ञानिक अध्ययन राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की के तकनीकी सहयोग से पूरा किया जाएगा।
पृष्ठभूमि व उद्देश्य
उत्तर और दक्षिण बिहार दोनों ही क्षेत्र मौसमी बाढ़ से प्रभावित होते हैं। कोसी को ‘बिहार का शोक’ कहा जाता है, जबकि गंडक और सोन नदियां भी मानसून में उफान पर रहती हैं। फ्लडप्लेन मैपिंग के माध्यम से उच्च-जोखिम, मध्यम-जोखिम और सुरक्षित क्षेत्रों का वैज्ञानिक सीमांकन किया जाएगा। इससे अनियंत्रित निर्माण कार्यों पर रोक लगेगी और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (DRR) की रणनीति तैयार की जा सकेगी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- लागत व एजेंसी: जल संसाधन विभाग और NIH रुड़की के बीच ₹1.99 करोड़ के बजटीय प्रावधान के साथ यह एमओयू किया गया है।
- डैम सेफ्टी असेसमेंट: इसके साथ ही 'बांध सुरक्षा अधिनियम, 2021' (Dam Safety Act, 2021) के तहत बिहार के 24 प्रमुख बांधों के व्यापक सुरक्षा मूल्यांकन कार्यक्रम को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी अनुमानित लागत ₹8.39 करोड़ है।
3. पटना भूमिगत सड़क कॉरिडोर व अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय
क्या हुआ?
राज्य मंत्रिमंडल ने शहरी यातायात सुधार और सामाजिक कल्याण के तहत कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी है:
- पटना अंडरग्राउंड रोड कॉरिडोर: राजधानी पटना में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए पहले भूमिगत सड़क कॉरिडोर (Underground Road Corridor) के व्यवहार्यता अध्ययन (Feasibility Study) हेतु ₹18.21 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
- अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय: अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अंतर्गत 560-560 सीटों की क्षमता वाले दो अत्याधुनिक अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के निर्माण हेतु ₹107.12 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। ये विद्यालय पटना जिले के मसौढ़ी और पश्चिम चंपारण जिले के चनपटिया में स्थापित किए जाएंगे।
- सड़क व आरओबी परियोजनाएं: पटना जिले में दुमरी हॉल्ट और पोठही रेलवे स्टेशनों के बीच आरओबी (ROB) निर्माण हेतु ₹109.21 करोड़, छपरा में दो सड़कों हेतु ₹43.40 करोड़ तथा लखीसराय में एनएच-80 के सुदृढ़ीकरण हेतु ₹44.91 करोड़ मंजूर किए गए।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| समझौते का नाम | नदी संजीवनी (Nadi Sanjivani) पहल |
|---|---|
| नीति लागू करने वाला पहला राज्य | बिहार (जलस्रोत पुनरुद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026) |
| फ्लडप्लेन अध्ययन सहयोगी संस्थान | राष्ट्रीय जलविज्ञान संस्थान (NIH), रुड़की |
| अध्ययन हेतु चयनित नदियां | कोसी, गंडक और सोन |
| सुरक्षा मूल्यांकन हेतु चयनित बांध | बिहार के 24 बांध (डैम सेफ्टी एक्ट 2021) |
| अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालय स्थल | मसौढ़ी (पटना) एवं चनपटिया (पश्चिम चंपारण) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 हाल ही में बिहार सरकार ने नदियों से गाद (Silt) निकालने और उसका उपयोग सड़क निर्माण में करने हेतु किस एजेंसी के साथ 'नदी संजीवनी' समझौता किया है?
Q2 'जलस्रोत पुनरुद्धार एवं गाद प्रबंधन नीति, 2026' (Water Sources Restoration and Silt Management Policy) तैयार और लागू करने वाला देश का पहला राज्य कौन सा है?
Q3 बिहार सरकार ने कोसी, गंडक और सोन नदियों के 'फ्लड प्लेन ज़ोन परिसीमन अध्ययन' के लिए किस संस्थान के साथ समझौता किया है?
Q4 बिहार में यातायात दबाव कम करने के उद्देश्य से किस शहर में पहले 'भूमिगत सड़क कॉरिडोर' (Underground Road Corridor) के फिजिबिलिटी स्टडी को स्वीकृति दी गई है?
Q5 बिहार मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में 560-560 सीटों वाले दो नए अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों के निर्माण की स्वीकृति किन स्थानों के लिए दी गई है?








