वायु प्रदूषण निगरानी हेतु 'PAVAN-I3C' और राष्ट्रीय विज्ञान नवाचार विज़न 2026
दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण के लिए सीएक्यूएम के 'PAVAN-I3C' केंद्र की शुरुआत तथा राष्ट्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विज़न 2026 के प्रमुख बिंदु।
⭐ मुख्य बिंदु
- सीएक्यूएम ने दिल्ली-एनसीआर में रियल-टाइम वायु गुणवत्ता निगरानी और सख्त प्रवर्तन हेतु 'PAVAN-I3C' कमान केंद्र शुरू किया।
- PAVAN-I3C प्रणाली 111 सीएक्यूएमएस स्टेशनों, 2,300 उद्योगों और उपग्रह डेटा सहित 30 से अधिक डेटा स्रोतों को एकीकृत करती है।
- यह कमान केंद्र 'डिटेक्ट, एनालाइज़, एक्ट' के आधार पर कार्य कर राज्यों के बीच समन्वय में तेजी लाएगा।
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने 'राष्ट्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विज़न' तथा 'एसटीआई आउटलुक 2026' जारी किए।
- सीएसआईआर-एनआईआईएसटी ने लगभग 20% प्रोटीन और 54 के निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स (Low-GI) वाला 'डिज़ाइनर राइस' पेश किया।
- एनएम-आईसीपीएस मिशन के तहत 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब के माध्यम से फिजिकल एआई और स्वायत्त रोबोटिक्स पर बल दिया जा रहा है।
- सीएसआईआर-निस्पर की 'स्वास्तिक' (SVASTIK) पहल के माध्यम से पारंपरिक ज्ञान का वैज्ञानिक सत्यापन और पेटेंट संरक्षण किया जा रहा है।
भारत में पर्यावरण संरक्षण, उन्नत डिजिटल प्रौद्योगिकियों और वैज्ञानिक अनुसंधान के क्षेत्र में हाल के दिनों में दो अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत एवं तकनीकी प्रगति दर्ज की गई है। पहला, दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता की प्रभावी और वास्तविक समय (रियल-टाइम) में निगरानी हेतु आयोग द्वारा 'PAVAN-I3C' एकीकृत कमान केंद्र स्थापित किया गया है। दूसरा, नई दिल्ली में आयोजित इमर्जिंग साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC 2026) के समापन पर 'राष्ट्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार विज़न' तथा 'इंडियाज एसटीआई आउटलुक 2026' जारी किए गए, जिसके साथ उच्च-प्रोटीन 'सीएसआईआर डिज़ाइनर राइस' व फिजिकल एआई के अनुप्रयोग सामने आए हैं।
1. वायु प्रदूषण निगरानी हेतु 'PAVAN-I3C' एकीकृत कमान केंद्र
क्या हुआ?
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री ने नई दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के नवनिर्मित एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र (I3C) PAVAN (Platform for Air quality Vigilance and Analytics for NCR) की तकनीकी कार्यप्रणाली और परिचालन तत्परता की समीक्षा की। यह डिजिटल नियंत्रण केंद्र दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता डेटा और प्रदूषण स्रोतों के वास्तविक समय विश्लेषण के लिए 30 से अधिक एपीआई (APIs) और डेटा प्रवाह को एक ही स्क्रीन पर एकीकृत करता है।
प्रणाली की मुख्य विशेषताएं व कार्यप्रणाली
- सिंगल-विंडो डिजिटल ढांचा: यह केंद्र 111 निरंतर परिवेशी वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशनों (CAAQMS), 2,300 से अधिक औद्योगिक इकाइयों (OCEMS द्वारा), 3,200 सक्रिय निर्माण स्थलों और यातायात जाम वाले हॉटस्पॉट्स से रियल-टाइम डेटा एकत्र करता है।
- डिटेक्ट, एनालाइज़, एक्ट (Detect, Analyse, Act) दृष्टिकोण: पारंपरिक विलंब को समाप्त करते हुए यह प्रणाली उपग्रह आधारित डेटा (ISRO, IARI व FIRMS) के माध्यम से पराली जलाने और कचरा डंपिंग स्थलों की तुरंत पहचान कर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों (SPCBs) को तत्काल कार्रवाई का निर्देश देती है।
- पारदर्शिता और उत्तरदायित्व: यह डेटा के बिखराव (डेटा साइलो) को समाप्त कर विभिन्न राज्यों (दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब) की प्रवर्तन एजेंसियों के लिए एकल सत्यापन योग्य सूचना स्रोत उपलब्ध कराता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण (पृष्ठभूमि व स्टैटिक GK)
- CAQM की वैधानिक स्थिति: वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की स्थापना ‘राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और सीमावर्ती क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021’ के अंतर्गत एक सांविधिक निकाय के रूप में की गई थी। इसने पूर्ववर्ती EPCA (पर्यावरण प्रदूषण रोकथाम व नियंत्रण प्राधिकरण) का स्थान लिया था।
- पर्यावरणीय सूचकांक: राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) में 8 प्रमुख प्रदूषकों की निगरानी होती है—PM2.5, PM10, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO2), सल्फर डाइऑक्साइड (SO2), कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), ओजोन (O3), अमोनिया (NH3) और सीसा (Pb)।
2. राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी नवाचार विज़न और 'सीएसआईआर डिज़ाइनर राइस'
क्या हुआ?
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में 'नेशनल विज़न फॉर साइंस, टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन' और 'इंडियाज एसटीआई आउटलुक 2026' नामक दो ऐतिहासिक दस्तावेज़ जारी किए गए। इसके अतिरिक्त, सीएसआईआर-एनआईआईएसटी (CSIR-NIIST) द्वारा विकसित पोषण-संवर्धित 'सीएसआईआर डिज़ाइनर राइस' और फिजिकल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (Physical AI) का रोडमैप प्रस्तुत किया गया।
प्रमुख बिंदु व तकनीकी प्रगति
- मापने योग्य परिणाम (Measurable Outcomes): सरकार ने निर्देश दिया है कि वैज्ञानिक अनुसंधान केवल प्रयोगशालाओं तक सीमित न रहे, बल्कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य को साधने हेतु अगले 3 वर्षों के भीतर सामाजिक और औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुसार मापने योग्य परिणाम दे।
- सीएसआईआर डिज़ाइनर राइस (CSIR Designer Rice): तिरुवनंतपुरम स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय अंतःविषय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CSIR-NIIST) ने चावल के अंशों और संरचनात्मक संशोधन के माध्यम से उच्च-प्रोटीन (लगभग 20%) और निम्न ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI मान 54) वाला चावल विकसित किया है, जो कुपोषण दूर करने और मधुमेह प्रबंधन में सहायक सिद्ध होगा।
- फिजिकल एआई और रोबोटिक्स रोडमैप: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के 'राष्ट्रीय अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन' (NM-ICPS) के अंतर्गत निर्मित 25 टेक्नोलॉजी इनोवेशन हब्स (जैसे आईआईटी हैदराबाद का TiHAN, आईआईएससी का ARTPARK) के माध्यम से विनिर्माण, सटीक कृषि और स्वास्थ्य में रोबोटिक्स व ऑटोनॉमस सिस्टम्स को गति दी जाएगी।
पारंपरिक ज्ञान का डिजिटलीकरण और 'स्वास्तिक' (SVASTIK)
सीएसआईआर-निस्पर (CSIR-NIScPR) द्वारा आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में भारत के पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने वाली ‘स्वास्तिक’ (Scientifically Validated Societal Traditional Knowledge) पहल और पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (TKDL) के 25 वर्षों के योगदान को रेखांकित किया गया। यह बायो-पायरेसी रोकने और पेटेंट संरक्षण में भारत की संप्रभु डिजिटल ढाल है।
| पहल / तकनीक | नोडल एजेंसी / संस्थान | उद्देश्य / मुख्य अनुप्रयोग |
|---|---|---|
| PAVAN-I3C | वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) | दिल्ली-एनसीआर में 30+ डेटा प्रवाह से रियल-टाइम वायु प्रदूषण नियंत्रण |
| डिज़ाइनर राइस | CSIR-NIIST (तिरुवनंतपुरम) | 20% प्रोटीन व 54 लो-जीआई के साथ पोषण संवर्धन |
| NM-ICPS मिशन | विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) | फिजिकल एआई, साइबर-भौतिक प्रणाली और रोबोटिक्स नवाचार |
| स्वास्तिक (SVASTIK) | CSIR-NIScPR | भारतीय पारंपरिक ज्ञान का साक्ष्य-आधारित वैज्ञानिक सत्यापन |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| PAVAN का पूर्ण रूप | Platform for Air quality Vigilance and Analytics for NCR |
|---|---|
| CAQM की स्थापना वर्ष | 2021 (सांविधिक निकाय) |
| डिज़ाइनर राइस का विकासकर्ता | CSIR-NIIST, तिरुवनंतपुरम |
| डिज़ाइनर राइस का ग्लाइसेमिक इंडेक्स | 54 (कम जीआई श्रेणी) |
| NM-ICPS की शुरुआत | 2018 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग) |
| SVASTIK का पूर्ण रूप | Scientifically Validated Societal Traditional Knowledge |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 हाल ही में दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण निगरानी के लिए शुरू किए गए 'PAVAN-I3C' कमान केंद्र का विकास किस निकाय द्वारा किया गया है?
Q2 हाल ही में समाचारों में रहे 'सीएसआईआर डिज़ाइनर राइस' (CSIR Designer Rice) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?
Q3 'राष्ट्रीय अंतःविषय साइबर-भौतिक प्रणाली मिशन' (NM-ICPS) किस केंद्रीय मंत्रालय/विभाग द्वारा संचालित किया जा रहा है?
Q4 भारत में पारंपरिक ज्ञान के वैज्ञानिक सत्यापन हेतु शुरू की गई 'स्वास्तिक' (SVASTIK) पहल का संबंध किस संस्था से है?
Q5 राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के निर्धारण में निम्नलिखित में से किस प्रदूषक को शामिल नहीं किया जाता है?








