स्वदेशी एआईपी प्रणाली का 'फेज-2' परीक्षण और भारत की भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था का नया रोडमैप
डीआरडीओ ने स्वदेशी ईंधन सेल आधारित एआईपी मॉड्यूल का फेज-2 परीक्षण शुरू किया, वहीं डीएसटी ने विकसित भारत 2047 के लिए भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था का खाका प्रस्तुत किया।
⭐ मुख्य बिंदु
- डीआरडीओ-एनएमआरएल ने एलएंडटी हजीरा में स्वदेशी एआईपी एनर्जी मॉड्यूल का 'सेटिंग टू वर्क फेज-2' शुरू किया।
- यह एआईपी प्रणाली फॉस्फोरिक एसिड फ्यूल सेल (PAFC) आधारित है, जो ऑन-बोर्ड हाइड्रोजन उत्पन्न करती है।
- प्रणाली का परीक्षण पूरा होने के बाद 2027 में इसे कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बी में रेट्रोफिट किया जाएगा।
- डीएसटी और भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था के विस्तार के लिए 'इनेबल, इन्वेस्ट और अडॉप्ट' का दृष्टिकोण रखा।
- राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 के तहत वर्ष 2030 तक पूरे देश का डिजिटल ट्विन व सटीक भू-मानचित्रण तैयार करने का लक्ष्य है।
- सेमिकॉन इंडिया 2.0 के तहत चिप डिजाइन से लेकर एआई हार्डवेयर निर्माण को सुदृढ़ किया जा रहा है।
1. नौसेना के लिए डीआरडीओ की स्वदेशी एआईपी प्रणाली: 'सेटिंग टू वर्क फेज-2' का सफल आरंभ
क्या हुआ?
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (NMRL) द्वारा विकसित स्वदेशी एयर इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP - वायु-स्वतंत्र प्रणोदन) प्रणाली ने एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। गुजरात के हजीरा स्थित लार्सन एंड टुब्रो (L&T) के एएम नाइक हेवी इंजीनियरिंग कॉम्प्लेक्स में एआईपी एनर्जी मॉड्यूल के ‘सेटिंग टू वर्क फेज-2’ (STW-2) का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस चरण के तहत मॉड्यूल को विद्युत उत्पादन के लिए सक्रिय किया जाएगा और भारतीय नौसेना के कड़े प्रोटोकॉल के तहत इसका परीक्षण होगा। सफल परीक्षण के बाद इसे वर्ष 2027 के आरंभ में कलवरी-श्रेणी (स्कॉर्पीन डिजाइन) की पनडुब्बी में फिट करने हेतु मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) को सौंपा जाएगा।
तकनीकी पृष्ठभूमि और कार्यप्रणाली
पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बियों को अपनी बैटरी चार्ज करने और इंजन चलाने के लिए वायुमंडलीय ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, जिसके लिए उन्हें हर कुछ दिनों में सतह पर आना पड़ता है या 'स्नोर्कलिंग' करनी पड़ती है। स्नोर्कलिंग के दौरान रडार और थर्मल सेंसर से पकड़े जाने का खतरा (Indiscretion Rate) काफी बढ़ जाता है।
- फॉस्फोरिक एसिड फ्यूल सेल (PAFC): भारत की स्वदेशी एआईपी प्रणाली फॉस्फोरिक एसिड आधारित ईंधन सेल तकनीक पर काम करती है। इसमें हाइड्रोजन का भंडारण संपीड़ित गैस के रूप में करने के बजाय ऑन-बोर्ड सुरक्षित रासायनिक प्रक्रिया से उत्पादन किया जाता है।
- अदृश्यता और सहनशक्ति: एआईपी लगने से पारंपरिक पनडुब्बी बिना सतह पर आए लगातार कई हफ्तों तक गहरे समुद्र में गश्त कर सकती है, जिससे उसकी स्टील्थ (अदृश्यता) क्षमता परमाणु पनडुब्बी के समान प्रभावी हो जाती है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रोजेक्ट-75 और स्वदेशी एआईपी तकनीक से संबंधित प्रमुख तथ्य निम्नलिखित हैं:
| विशेषता | पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक | डीजल-इलेक्ट्रिक + स्वदेशी AIP | परमाणु चालित (SSN/SSBN) |
|---|---|---|---|
| ऊर्जा स्रोत | बैटरी और डीजल इंजन | बैटरी + ईंधन सेल (Fuel Cell) | परमाणु रिएक्टर |
| सतह पर आने की आवृत्ति | प्रत्येक 2-3 दिन में | हफ्तों तक पानी के भीतर रहने में सक्षम | महीनों तक जलमग्न (केवल चालक दल राशन सीमित) |
| ध्वनि संकेत (Acoustic Stealth) | इंजन चलने पर उच्च शोर | अत्यंत शांत (कोई घूर्णन भाग नहीं) | शीतलन पंपों के कारण मध्यम शोर |
2. विकसित भारत 2047 के लिए भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था और प्रौद्योगिकी तालमेल
क्या हुआ?
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अधीन कार्यरत भारतीय सर्वेक्षण विभाग (Survey of India) द्वारा नई दिल्ली में ‘गवर्नमेंट एंड इंडस्ट्री सिनर्जी फॉर जियोस्पेशियल ट्रांसफॉर्मेशन: को-क्रिएटिंग द जियोस्पेशियल इकोनॉमी फॉर विकसित भारत 2047’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सरकार ने देश के सतत आर्थिक विकास, अवसंरचना निर्माण और सटीक नीति-निर्माण के लिए भू-स्थानिक (Geospatial) क्षमताओं को प्राथमिक इंजन बताया तथा इस क्षेत्र के लिए ‘इनेबल, इन्वेस्ट और अडॉप्ट’ (Enable, Invest and Adopt) का त्रि-आयामी मंत्र दिया।
पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 और उदारीकरण
भारत सरकार ने वर्ष 2021 में भू-स्थानिक डेटा दिशानिर्देशों का उदारीकरण किया था, जिसके बाद राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति 2022 (National Geospatial Policy) अधिसूचित की गई। इस नीति का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्थलाकृतिक सर्वेक्षण और डिजिटल ट्विन (Digital Twins) का निर्माण करना तथा वर्ष 2035 तक भू-स्थानिक क्षेत्र में भारत को वैश्विक नेता बनाना है।
- पारंपरिक से डिजिटल रूपांतरण: 1767 में स्थापित भारतीय सर्वेक्षण विभाग अब पारंपरिक शारीरिक सर्वेक्षण से आगे बढ़कर ड्रोन, उपग्रह इमेजरी और कॉर्स (CORS - सतत संचालन संदर्भ स्टेशन) नेटवर्क आधारित वास्तविक-समय मैपिंग पर निर्भर हो चुका है।
- स्वामित्व (SVAMITVA) योजना: ड्रोन आधारित मैपिंग के माध्यम से ग्रामीण भारत में भूमि अभिलेखों का सटीक डिजिटलीकरण किया जा रहा है, जिससे संपत्ति विवादों में कमी और वित्तीय समावेशन को गति मिली है।
परीक्षा के लिए रणनीतिक जुड़ाव
भू-स्थानिक अवसंरचना सीधे तौर पर पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, स्मार्ट सिटीज मिशन, लॉजिस्टिक्स सुधार, सटीक कृषि और आपदा जोखिम न्यूनीकरण (Disaster Risk Reduction) से जुड़ी है। निजी अंतरिक्ष स्टार्टअप्स और जियो-डेटा कंपनियों की भागीदारी से भारत की भू-स्थानिक अर्थव्यवस्था के वर्ष 2030 तक ₹60,000 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
3. सेमिकॉन इंडिया 2.0 और चिप-से-एआई क्रांति का विस्तार
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा घोषित सेमिकॉन इंडिया 2.0 के तहत ₹1,27,500 करोड़ के परिव्यय के साथ देश में संपूर्ण सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला (Design, Fab, ATMP/OSAT) को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के हार्डवेयर इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एकीकृत किया जा रहा है। इसका प्राथमिक लक्ष्य भविष्य के एआई सुपरकंप्यूटिंग, रक्षा रडार, क्वांटम प्रोसेसर और ऑटोमोटिव उद्योग के लिए भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर विनिर्माण केंद्र बनाना है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| एआईपी विकास प्रयोगशाला | नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (NMRL, अंबरनाथ - DRDO) |
|---|---|
| एआईपी औद्योगिक भागीदार | लार्सन एंड टुब्रो (L&T) एवं मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) |
| भारतीय सर्वेक्षण विभाग की स्थापना | वर्ष 1767 (भारत की सबसे पुरानी वैज्ञानिक संस्था) |
| भारतीय सर्वेक्षण विभाग मुख्यालय | देहरादून, उत्तराखंड |
| राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति की घोषणा | दिसंबर 2022 |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 डीआरडीओ की नौसेना सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला (NMRL) द्वारा विकसित स्वदेशी एआईपी (AIP) प्रणाली किस तकनीक पर आधारित है?
Q2 स्वदेशी एआईपी प्रणाली का 'सेटिंग टू वर्क फेज-2' परीक्षण किस औद्योगिक परिसर में आयोजित किया गया?
Q3 पारंपरिक डीजल-इलेक्ट्रिक पनडुब्बी में एआईपी (AIP) प्रणाली जोड़ने का मुख्य सामरिक लाभ क्या है?
Q4 भारत का सबसे पुराना वैज्ञानिक विभाग 'भारतीय सर्वेक्षण विभाग' (Survey of India) किस वर्ष स्थापित किया गया था?
Q5 राष्ट्रीय भू-स्थानिक नीति (National Geospatial Policy) 2022 के अनुसार, उच्च-रिज़ॉल्यूशन स्थलाकृतिक डेटा और डिजिटल ट्विन निर्माण का लक्ष्य किस वर्ष तक रखा गया है?







