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भारत के राष्ट्रपति: 1950 से अब तक संपूर्ण सूची, संवैधानिक प्रावधान और स्मरणीय तथ्य

भारत के राष्ट्रपति से जुड़े संवैधानिक अनुच्छेद, निर्वाचन पद्धति, कार्यकाल, वीटो शक्तियाँ और 1950 से अब तक के सभी राष्ट्रपतियों की कालक्रमानुसार सूची व स्मरणीय ट्रिक्स का संपूर्ण विश्लेषण।

⭐ मुख्य बिंदु

  • संविधान के अनुच्छेद 52 के तहत राष्ट्रपति भारत का राष्ट्राध्यक्ष और प्रथम नागरिक होता है।
  • राष्ट्रपति का चुनाव संसद और राज्य विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्यों द्वारा एकल संक्रमणीय मत से होता है।
  • डॉ. राजेंद्र प्रसाद एकमात्र ऐसे राष्ट्रपति रहे जिन्होंने दो पूर्ण कार्यकाल पूरे किए।
  • नीलम संजीव रेड्डी 1977 में निर्विरोध निर्वाचित होने वाले एकमात्र राष्ट्रपति थे।
  • ज्ञानी जैल सिंह ने 1986 में भारतीय डाकघर संशोधन विधेयक पर भारत में पहली बार पॉकेट वीटो का प्रयोग किया था।
  • श्रीमती द्रौपदी मुर्मू भारत की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति और स्वतंत्र भारत में जन्मी पहली राष्ट्रपति हैं।

परिचय: भारतीय गणराज्य का सर्वोच्च संवैधानिक पद

भारतीय संविधान के भाग V (अनुच्छेद 52 से 78) के अंतर्गत संघ की कार्यपालिका (Union Executive) का उल्लेख किया गया है। अनुच्छेद 52 के अनुसार, ‘भारत का एक राष्ट्रपति होगा’। राष्ट्रपति भारतीय गणराज्य के राष्ट्राध्यक्ष (Head of State), प्रथम नागरिक और देश की तीनों सेनाओं (जल, थल, नभ) के सर्वोच्च सेनापति (Supreme Commander) होते हैं। भारत में संसदीय शासन प्रणाली (Westminster Model) अपनाए जाने के कारण राष्ट्रपति कार्यपालिका के नाममात्र (De Jure) के प्रमुख होते हैं, जबकि वास्तविक शक्तियाँ प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली मंत्रिपरिषद (Council of Ministers) में निहित होती हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSC, SSC, रेलवे आदि) में राष्ट्रपति विषय से संवैधानिक अनुच्छेद, निर्वाचन मंडल (Electoral College), महाभियोग (Impeachment), न्यायिक शक्तियाँ और ऐतिहासिक राष्ट्रपतियों के विशेष योगदान से जुड़े प्रश्न निरंतर पूछे जाते हैं।

राष्ट्रपति से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक अनुच्छेद

संविधान के प्रमुख अनुच्छेद जो सीधे तौर पर राष्ट्रपति पद, अधिकार और प्रक्रियाओं से संबंधित हैं:

  • अनुच्छेद 52: भारत का एक राष्ट्रपति होगा।
  • अनुच्छेद 53: संघ की कार्यपालिका शक्ति राष्ट्रपति में निहित होगी, जिसका प्रयोग वे संविधान अनुसार स्वयं या अपने अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा करेंगे।
  • अनुच्छेद 54: राष्ट्रपति का निर्वाचक मंडल (Electoral College)।
  • अनुच्छेद 55: राष्ट्रपति के निर्वाचन की रीति (आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली एकल संक्रमणीय मत द्वारा)।
  • अनुच्छेद 56: राष्ट्रपति का कार्यकाल (पदभार ग्रहण से 5 वर्ष)।
  • अनुच्छेद 57: पुनर्निर्वाचन के लिए पात्रता (भारतीय संविधान में राष्ट्रपति के पुनर्निर्वाचन पर कोई संख्या सीमा नहीं है)।
  • अनुच्छेद 58: राष्ट्रपति निर्वाचित होने के लिए अर्हताएँ।
  • अनुच्छेद 60: राष्ट्रपति द्वारा शपथ (सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या उनकी अनुपस्थिति में वरिष्ठतम न्यायाधीश द्वारा)।
  • अनुच्छेद 61: राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment) चलाने की प्रक्रिया (आधार केवल ‘संविधान का अतिक्रमण’)।
  • अनुच्छेद 72: राष्ट्रपति की क्षमादान की शक्ति (मृत्युदंड, कोर्ट मार्शल और संघ सूची के मामलों में)।
  • अनुच्छेद 123: संसद के विश्रांतिकाल में अध्यादेश (Ordinance) प्रख्यापित करने की शक्ति।
  • अनुच्छेद 143: सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श करने की शक्ति (यह सलाह राष्ट्रपति पर बाध्यकारी नहीं होती)।
  • अनुच्छेद 352, 356, 360: आपातकालीन शक्तियाँ (राष्ट्रीय आपातकाल, राष्ट्रपति शासन और वित्तीय आपातकाल)।

निर्वाचन पद्धति और निर्वाचक मंडल (Electoral College)

राष्ट्रपति का चुनाव प्रत्यक्ष जनता द्वारा न होकर अप्रत्यक्ष रूप से एक निर्वाचक मंडल द्वारा होता है (अनुच्छेद 54)।

निर्वाचक मंडल में कौन शामिल होते हैं?

  1. संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) के केवल निर्वाचित सदस्य।
  2. राज्यों की विधानसभाओं के केवल निर्वाचित सदस्य।
  3. राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की विधानसभाओं के निर्वाचित सदस्य (70वें संविधान संशोधन अधिनियम 1992 द्वारा जोड़ा गया)।
विशेष ध्यान दें: संसद के दोनों सदनों के मनोनीत सदस्य, राज्यों की विधान परिषदों (Legislative Councils) के सदस्य (निर्वाचित और मनोनीत दोनों) तथा दिल्ली व पुडुचेरी के मनोनीत सदस्य राष्ट्रपति के चुनाव में मतदान नहीं करते हैं।

उम्मीदवारी हेतु शर्तें (अर्हताएँ)

  • भारत का नागरिक हो।
  • न्यूनतम 35 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुका हो।
  • लोकसभा का सदस्य निर्वाचित होने की अर्हता रखता हो।
  • केंद्र, राज्य या स्थानीय प्राधिकरण के अधीन किसी ‘लाभ के पद’ (Office of Profit) पर न हो।
  • नामांकन के लिए कम से कम 50 प्रस्तावक (Proposers) और 50 अनुमोदक (Seconders) अनिवार्य हैं, तथा ₹15,000 की जमानत राशि RBI में जमा करनी होती है।

भारत के राष्ट्रपतियों की संपूर्ण सूची (1950 से अब तक)

नीचे 1950 में गणतंत्र की स्थापना से लेकर वर्तमान समय तक सेवा देने वाले सभी 15 नियमित राष्ट्रपतियों और कार्यवाहक राष्ट्रपतियों का विवरण दिया गया है:

क्र. सं.राष्ट्रपति का नामकार्यकालप्रमुख ऐतिहासिक व संवैधानिक तथ्य
1डॉ. राजेंद्र प्रसाद26 जनवरी 1950 – 13 मई 1962भारत के प्रथम राष्ट्रपति; संविधान सभा के स्थायी अध्यक्ष; दो पूर्ण कार्यकाल (1952 और 1957 के चुनाव) पूरा करने वाले एकमात्र राष्ट्रपति; सबसे लंबा कार्यकाल (12 वर्ष से अधिक); 1962 में भारत रत्न।
2डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन13 मई 1962 – 13 मई 1967प्रख्यात दार्शनिक; भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति (दो बार); राष्ट्रपति बनने से पहले ही 1954 में प्रथम भारत रत्न से सम्मानित; इनके जन्मदिन (5 सितंबर) को भारत में ‘शिक्षक दिवस’ के रूप में मनाया जाता है।
3डॉ. जाकिर हुसैन13 मई 1967 – 3 मई 1969प्रथम मुस्लिम राष्ट्रपति; पद पर रहते हुए दिवंगत होने वाले पहले राष्ट्रपति; सबसे संक्षिप्त कार्यकाल (नियमित राष्ट्रपतियों में); जामिया मिलिया इस्लामिया के सह-संस्थापक; 1963 में भारत रत्न।
—वराहगिरी वेंकट गिरी (कार्यवाहक)3 मई 1969 – 20 जुलाई 1969डॉ. जाकिर हुसैन के निधन के बाद उपराष्ट्रपति पद से कार्यवाहक राष्ट्रपति बने; राष्ट्रपति चुनाव लड़ने हेतु पद से इस्तीफा दिया।
—न्यायमूर्ति मोहम्मद हिदायतुल्ला (कार्यवाहक)20 जुलाई 1969 – 24 अगस्त 1969भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) जिन्होंने कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में दायित्व निभाया; एकमात्र व्यक्ति जिन्होंने CJI, कार्यवाहक राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति तीनों पदों को सुशोभित किया।
4वराहगिरी वेंकट गिरी (वी. वी. गिरी)24 अगस्त 1969 – 24 अगस्त 1974एकमात्र राष्ट्रपति जो निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में जीते; दूसरे चक्र की मतगणना (Second Preference Votes) से चुने जाने वाले एकमात्र राष्ट्रपति; 1975 में भारत रत्न।
5फखरुद्दीन अली अहमद24 अगस्त 1974 – 11 फरवरी 1977पद पर रहते हुए दिवंगत होने वाले दूसरे राष्ट्रपति; इनके कार्यकाल में ही जून 1975 में आंतरिक अशांति के आधार पर राष्ट्रीय आपातकाल (अनुच्छेद 352) घोषित किया गया।
—बी. डी. जत्ती (कार्यवाहक)11 फरवरी 1977 – 25 जुलाई 1977फखरुद्दीन अली अहमद के निधन के बाद कार्यवाहक राष्ट्रपति के रूप में कार्यभार संभाला।
6नीलम संजीव रेड्डी25 जुलाई 1977 – 25 जुलाई 1982लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष; एकमात्र राष्ट्रपति जो निर्विरोध (Unopposed) निर्वाचित हुए; 25 जुलाई को शपथ लेने की स्थायी परंपरा इन्हीं के कार्यकाल से प्रारंभ हुई।
7ज्ञानी जैल सिंह25 जुलाई 1982 – 25 जुलाई 1987भारत के प्रथम सिख राष्ट्रपति; पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री; 1986 में भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक पर पहली बार ‘पॉकेट वीटो’ (Pocket Veto) का प्रयोग किया; ऑपरेशन ब्लू स्टार इन्हीं के समय हुआ।
8आर. वेंकटरमन25 जुलाई 1987 – 25 जुलाई 1992वरिष्ठ विधिवेत्ता व स्वतंत्रता सेनानी; अपने कार्यकाल में सर्वाधिक 4 प्रधानमंत्रियों (राजीव गांधी, वी. पी. सिंह, चंद्रशेखर, पी. वी. नरसिम्हा राव) के साथ काम करने का अनुभव।
9डॉ. शंकर दयाल शर्मा25 जुलाई 1992 – 25 जुलाई 1997प्रख्यात कानूनविद्; इन्होंने भी चार प्रधानमंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई; संसदीय गरिमा और परंपराओं के प्रबल पक्षधर।
10के. आर. नारायणन25 जुलाई 1997 – 25 जुलाई 2002भारत के प्रथम दलित राष्ट्रपति; पूर्व राजनयिक; लोकसभा चुनाव में मतदान करने वाले पहले राष्ट्रपति; केंद्र सरकार द्वारा अनुच्छेद 356 की सिफारिश को पुनर्विचार के लिए लौटाने का साहसिक निर्णय लिया।
11डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम25 जुलाई 2002 – 25 जुलाई 2007‘मिसाइल मैन’ और ‘जनता के राष्ट्रपति’ (People’s President) के नाम से विख्यात; गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमि से आने वाले वैज्ञानिक राष्ट्रपति; राष्ट्रपति बनने से पूर्व 1997 में भारत रत्न; ‘ऑफिस ऑफ प्रॉफिट बिल’ पुनर्विचार हेतु लौटाया।
12प्रतिभा देवीसिंह पाटिल25 जुलाई 2007 – 25 जुलाई 2012भारत की प्रथम महिला राष्ट्रपति; राजस्थान की पूर्व राज्यपाल; सुखोई-30MKI लड़ाकू विमान में उड़ान भरने वाली पहली महिला राष्ट्राध्यक्ष।
13प्रणब मुखर्जी25 जुलाई 2012 – 25 जुलाई 2017अनुभवी राजनेता; केंद्रीय वित्त, रक्षा और विदेश मंत्रालयों का दायित्व संभाला; 2019 में देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से अलंकृत।
14राम नाथ कोविंद25 जुलाई 2017 – 25 जुलाई 2022भारत के 14वें राष्ट्रपति; बिहार के पूर्व राज्यपाल और उच्चतम न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता रहे; उत्तर प्रदेश से राष्ट्रपति बनने वाले प्रथम व्यक्तित्व।
15द्रौपदी मुर्मू25 जुलाई 2022 – वर्तमानभारत की 15वीं और वर्तमान राष्ट्रपति; देश की प्रथम आदिवासी (संथाल समुदाय) महिला राष्ट्रपति; स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाली पहली राष्ट्रपति; पदभार ग्रहण करने वाली सबसे युवा राष्ट्रपति; झारखंड की पूर्व राज्यपाल।

याद रखने की ट्रिक (Mnemonics)

प्रतियोगी छात्र अक्सर राष्ट्रपतियों का कालक्रम भूल जाते हैं। इसके लिए यह प्रसिद्ध हिंदी सूत्र वाक्य याद रखें:

‘राजू की राधा जाकर गिरी फखरुद्दीन रेड्डी की जेल में, तब रमाशंकर नारायण की कलम से निकली प्रतिभा प्रणब की राम-द्रौपदी के संग।’

इस ट्रिक का विवरण:

  1. राजू: डॉ. राजेंद्र प्रसाद
  2. राधा: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन
  3. जाकर: डॉ. जाकिर हुसैन
  4. गिरी: वी. वी. गिरी
  5. फखरुद्दीन: फखरुद्दीन अली अहमद
  6. रेड्डी: नीलम संजीव रेड्डी
  7. जेल: ज्ञानी जैल सिंह
  8. रमा: आर. वेंकटरमन
  9. शंकर: डॉ. शंकर दयाल शर्मा
  10. नारायण: के. आर. नारायणन
  11. कलम: डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
  12. प्रतिभा: प्रतिभा देवीसिंह पाटिल
  13. प्रणब: प्रणब मुखर्जी
  14. राम: राम नाथ कोविंद
  15. द्रौपदी: द्रौपदी मुर्मू

राष्ट्रपति की वीटो शक्तियाँ (Veto Powers)

अनुच्छेद 111 के तहत संसद द्वारा पारित विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही कानून बनता है। भारतीय राष्ट्रपति के पास तीन प्रकार की वीटो शक्ति है:

  • आत्यंतिक वीटो (Absolute Veto): विधेयक पर अपनी अनुमति पूरी तरह सुरक्षित रखना या नामंजूर कर देना, जिससे विधेयक समाप्त हो जाता है (प्रायः गैर-सरकारी विधेयकों या सरकार बदलने पर प्रयुक्त)।
  • निलंबनकारी वीटो (Suspensive Veto): विधेयक को संसद के पास पुनर्विचार के लिए लौटाना। यदि संसद साधारण बहुमत से पुनः पारित कर दे, तो राष्ट्रपति को हस्ताक्षर करने ही होते हैं। (धन विधेयक पर निलंबनकारी वीटो लागू नहीं होता)।
  • पॉकेट वीटो (Pocket Veto): विधेयक पर न तो सहमति देना, न अस्वीकार करना और न ही पुनर्विचार हेतु लौटाना, बल्कि अनिश्चित काल के लिए लंबित रखना। 1986 में ज्ञानी जैल सिंह ने भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक के विरुद्ध इसका प्रयोग किया था।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है? (विगत वर्षों का ट्रेंड व प्रश्न-पैटर्न)

  • Electoral College के अपवाद: BPSC, UPSC और SSC में बार-बार पूछा जाता है कि राज्य विधान परिषदों के निर्वाचित सदस्य राष्ट्रपति चुनाव में भाग लेते हैं या नहीं (उत्तर: नहीं लेते)।
  • महाभियोग में भागीदारी: महाभियोग (अनुच्छेद 61) में संसद के मनोनीत सदस्य भाग लेते हैं, परंतु राज्य विधानसभाओं के सदस्य भाग नहीं लेते — यह निर्वाचन से एकदम विपरीत व्यवस्था है।
  • अपवाद स्वरूप राष्ट्रपति: निर्विरोध चुने जाने वाले राष्ट्रपति (नीलम संजीव रेड्डी), द्वितीय वरीयता की मतगणना से जीतने वाले (वी. वी. गिरी), पद पर मृत्यु (डॉ. जाकिर हुसैन और फखरुद्दीन अली अहमद)।
  • अध्यादेश की अधिकतम अवधि: अनुच्छेद 123 के तहत जारी अध्यादेश संसद सत्र शुरू होने के 6 सप्ताह के भीतर स्वीकृत होना अनिवार्य है (अधिकतम समय: 6 माह + 6 सप्ताह)।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

संवैधानिक प्रावधानसंविधान का भाग V, अनुच्छेद 52 से 78
न्यूनतम आयु सीमा35 वर्ष (अनुच्छेद 58)
कार्यकालपदभार ग्रहण से 5 वर्ष (अनुच्छेद 56)
शपथ दिलाने वालेभारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) या वरिष्ठतम न्यायाधीश
महाभियोग का आधारसंविधान का उल्लंघन/अतिक्रमण (अनुच्छेद 61)
वर्तमान राष्ट्रपतिश्रीमती द्रौपदी मुर्मू (15वीं राष्ट्रपति)

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 भारत के राष्ट्रपति के निर्वाचक मंडल (Electoral College) में निम्नलिखित में से कौन शामिल नहीं होता है?

Q2 भारतीय डाकघर (संशोधन) विधेयक, 1986 के संबंध में किस राष्ट्रपति ने पहली बार ‘पॉकेट वीटो’ का प्रयोग किया था?

Q3 भारत के एकमात्र राष्ट्रपति कौन हैं जो निर्विरोध (Unopposed) चुने गए थे?

Q4 राष्ट्रपति पर महाभियोग (Impeachment) से संबंधित प्रक्रिया संविधान के किस अनुच्छेद में दी गई है?

Q5 दूसरे चक्र की मतगणना (Second Preference Votes) के आधार पर चुने जाने वाले भारत के एकमात्र राष्ट्रपति कौन हैं?

स्रोत