बिहार विशेष

बिहार विशेष: पटना में 12 MW डेटा सेंटर, बोधगया AI फैक्ट्री और सौर ऊर्जा प्रोत्साहन

बिहार में डिजिटल क्रांति को रफ्तार देते हुए पटना में 12 MW डेटा सेंटर का शुभारंभ, बोधगया में ₹10,000 करोड़ की AI फैक्ट्री और रूफटॉप सोलर पर अतिरिक्त टॉप-अप योजना लागू।

⭐ मुख्य बिंदु

  • कंट्रोलएस (CtrlS) ने पटना के पाटलिपुत्र में 12 MW डेटा सेंटर शुरू किया और बोधगया में ₹10,000 करोड़ की 150 MW AI फैक्ट्री हेतु LoI पर हस्ताक्षर किए।
  • मुख्यमंत्री सौर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत रूफटॉप सोलर पर केंद्र के ₹78,000 के अतिरिक्त ₹20,000 की राज्य सब्सिडी दी जा रही है।
  • बिहार में 3 किलोवाट तक के सोलर रूफटॉप प्लांट लगाने वाले उपभोक्ताओं को कुल ₹98,000 का अनुदान मिल रहा है।
  • सौर ऊर्जा योजना का संचालन दोनों राज्य डिस्कॉम्स (NBPDCL और SBPDCL) द्वारा नेट मीटरिंग मॉडल पर किया जा रहा है।
  • नालंदा के राजगीर में 90 एकड़ में ₹740 करोड़ की लागत से अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर और क्रिकेट स्टेडियम का विस्तार जारी है।
  • राजगीर खेल परिसर में 25 खेलों की अंतरराष्ट्रीय सुविधाएं और बिहार खेल विश्वविद्यालय का मुख्य परिसर स्थापित है।
  • बिहार की वर्तमान खेल नीति के तहत राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को सरकारी सेवाओं में सीधी नियुक्ति प्रदान की जा रही है।

1. डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर: पटना में 12 MW डेटा सेंटर का उद्घाटन, बोधगया में बनेगी ₹10,000 करोड़ की ‘AI फैक्ट्री’

बिहार को पूर्वी भारत का प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी और डेटा हब बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। अग्रणी डेटा सेंटर सेवा प्रदाता ‘कंट्रोलएस’ (CtrlS Datacenters) ने पटना के पाटलिपुत्र औद्योगिक क्षेत्र में ₹400 करोड़ के निवेश से निर्मित 12 मेगावाट (MW) क्षमता के अत्याधुनिक डेटा सेंटर का औपचारिक संचालन शुरू कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने बिहार सरकार के साथ एक समझौता ज्ञापन (LoI) पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसके तहत ऐतिहासिक शहर बोधगया में ₹10,000 करोड़ की लागत से 150 मेगावाट क्षमता वाली हाइपरस्केल ‘एआई फैक्ट्री’ (Hyperscale AI Factory) स्थापित की जाएगी।

क्या हुआ?

पटना में स्थापित यह डेटा सेंटर बिहार का पहला ऐसा हाइपरस्केल-रेडी डेटा सेंटर है, जो उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) वर्कलोड, क्लाउड कंप्यूटिंग और सरकारी ई-गवर्नेंस सेवाओं को सुरक्षित रूप से संभालने में सक्षम है। वहीं बोधगया में प्रस्तावित 150 MW क्षमता की ग्रीन डेटा/एआई फैसिलिटी अगले कुछ वर्षों में चरणबद्ध तरीके से विकसित की जाएगी।

पृष्ठभूमि एवं रणनीतिक महत्त्व

बिहार सरकार ने अपनी औद्योगिक प्रोत्साहन नीति और आईटी नीति 2024 के तहत डेटा सेंटर और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के लिए विशेष सब्सिडी, रियायती भूमि और 24×7 निर्बाध बिजली आपूर्ति की रूपरेखा तैयार की है। पारंपरिक रूप से मुंबई, चेन्नई और हैदराबाद जैसे तटीय शहरों में केंद्रित डेटा सेंटर उद्योग अब ‘टियर-2 और टियर-3’ शहरों की ओर बढ़ रहा है। गंगा के मैदानी क्षेत्र में अवस्थित बिहार विशाल आबादी, बढ़ते इंटरनेट डेटा उपभोग और पूर्वोत्तर भारत तथा नेपाल की निकटता के कारण इस क्षेत्र में रणनीतिक लाभ की स्थिति में है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • स्थानीय स्तर पर डेटा संप्रभुता: राज्य के सभी 48 विभागों का डेटा स्थानीय स्तर पर होस्ट होने से साइबर सुरक्षा और डेटा प्रोसेसिंग गति में सुधार होगा।
  • आर्थिक प्रभाव: ₹10,000 करोड़ का प्रस्तावित निवेश बिहार के सेवा क्षेत्र और आईटी पारिस्थितिकी तंत्र में अब तक के सबसे बड़े निजी निवेशों में से एक है।
  • संबंधित नीतियां: बिहार आईटी नीति 2024 एवं बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नीति (BIIPP)।

2. हरित ऊर्जा पहल: ‘मुख्यमंत्री सौर प्रोत्साहन योजना’ के तहत ₹20,000 का अतिरिक्त राज्य टॉप-अप

बिहार सरकार के ऊर्जा विभाग ने राज्य में गैर-पारंपरिक और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ‘मुख्यमंत्री सौर प्रोत्साहन योजना’ (Mukhyamantri Solar Protsahan Yojana) की विस्तृत रूपरेखा को धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज कर दी है। यह योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना’ के पूरक (Top-up) के रूप में कार्य कर रही है।

क्या हुआ?

इस योजना के तहत बिहार सरकार राज्य के घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर लगाने पर प्रति किलोवाट ₹10,000 का अतिरिक्त राज्य अनुदान दे रही है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹20,000 प्रति उपभोक्ता निर्धारित की गई है। इसके परिणामस्वरूप, यदि कोई उपभोक्ता 3 किलोवाट (kW) का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाता है, तो उसे केंद्र सरकार से मिलने वाली ₹78,000 की वित्तीय सहायता के अतिरिक्त राज्य सरकार से ₹20,000 मिलेंगे। इस प्रकार उपभोक्ता को कुल ₹98,000 का भारी अनुदान प्राप्त होगा।

कार्यान्वयन एवं ग्रिड एकीकरण

इस योजना का क्रियान्वयन राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों—उत्तर बिहार विद्युत वितरण कंपनी (NBPDCL) और दक्षिण बिहार विद्युत वितरण कंपनी (SBPDCL)—द्वारा किया जा रहा है। घरेलू उपभोक्ताओं द्वारा उत्पन्न अधिशेष बिजली को नेट-मीटरिंग के जरिए ग्रिड में भेजा जाएगा, जिसका क्रेडिट उपभोक्ताओं के मासिक बिलों और बैंक खातों में समायोजित किया जा रहा है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • नोडल विभाग: ऊर्जा विभाग, बिहार सरकार।
  • वित्तीय संरचना: 1 kW पर ₹10,000 (राज्य) + ₹30,000 (केंद्र); 2 kW पर ₹20,000 (राज्य) + ₹60,000 (केंद्र); 3 kW पर ₹20,000 (राज्य) + ₹78,000 (केंद्र)।
  • लक्ष्य: जीवाश्म ईंधन पर राज्य की निर्भरता को कम करना और 2030 तक राज्य की गैर-जीवाश्म विद्युत क्षमता को राष्ट्रीय लक्ष्यों के अनुरूप बढ़ाना।

3. खेल अवसंरचना: राजगीर खेल परिसर व अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम संपर्क पथ परियोजना

बिहार के खेल मानचित्र को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने के उद्देश्य से नालंदा जिले के राजगीर में विकसित किए जा रहे अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय खेल परिसर (Rajgir Sports Complex) की अवसंरचना और संपर्क पथ (Access Road) के निर्माण कार्यों की प्रशासनिक समीक्षा की गई है।

क्या हुआ?

भवन निर्माण विभाग और जिला प्रशासन नालंदा ने राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के चारों ओर उच्च-क्षमता वाली चार-लेन पहुंच सड़कों और आंतरिक सुविधाओं को तेजी से अंतिम रूप देने के निर्देश जारी किए हैं। 90 एकड़ से अधिक क्षेत्र में लगभग ₹740 करोड़ की लागत से तैयार हो रहे इस परिसर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम और बिहार खेल विश्वविद्यालय (Bihar Sports University) का संचालन भी शामिल है।

विशेषताएं और स्टैटिक GK जुड़ाव

राजगीर खेल परिसर देश के सबसे बड़े और उन्नत एकीकृत खेल परिसरों में से एक है। इसमें 25 से अधिक इनडोर और आउटडोर खेलों (जैसे हॉकी, एथलेटिक्स, तैराकी, फुटबॉल, कुश्ती, बास्केटबॉल और वॉलीबॉल) के लिए अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक मानकों के अनुरूप सुविधाएं तैयार की गई हैं। यहाँ का हॉकी स्टेडियम पेरिस ओलंपिक टर्फ के समान विनिर्देशों पर बना है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • बिहार खेल विश्वविद्यालय: राजगीर में स्थापित यह राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय है, जिसके पहले कुलपति के रूप में पूर्व आईएएस अधिकारी शिशिर सिन्हा नियुक्त हुए थे।
  • स्थानिक महत्त्व: राजगीर ऐतिहासिक रूप से मगध साम्राज्य की प्रथम राजधानी (गिरिव्रज) रहा है, जो पंच पहाड़ियों—विपुल, रत्ना, उदय, सोन और वैभव—से घिरा हुआ है।
  • मेगा स्पोर्ट्स पॉलिसी: बिहार सरकार की ‘मेडल लाओ, नौकरी पाओ’ नीति के तहत अंतर्राष्ट्रीय और राष्ट्रीय पदक विजेताओं को ग्रेड-ए और बी पदों पर सीधी नियुक्ति दी जा रही है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

पटना डेटा सेंटर क्षमता12 मेगावाट (MW), लागत ₹400 करोड़
प्रस्तावित बोधगया AI फैक्ट्री150 MW क्षमता, ₹10,000 करोड़ निवेश
मुख्यमंत्री सौर प्रोत्साहन अधिकतम टॉप-अप₹20,000 प्रति उपभोक्ता (₹10,000/kW)
राजगीर खेल परिसर कुल क्षेत्रफललगभग 90 एकड़ (लागत ~₹740 करोड़)
बिहार राज्य बिजली वितरण कंपनियाँNBPDCL एवं SBPDCL

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 हाल ही में निजी क्षेत्र की प्रमुख कंपनी CtrlS ने बिहार के किस शहर में ₹10,000 करोड़ के निवेश से 150 MW की हाइपरस्केल AI फैक्ट्री स्थापित करने हेतु समझौता किया है?

Q2 ‘मुख्यमंत्री सौर प्रोत्साहन योजना’ के तहत बिहार सरकार घरेलू रूफटॉप सोलर लगाने पर अधिकतम कितनी राज्य सब्सिडी (टॉप-अप) प्रदान कर रही है?

Q3 बिहार के किस जिले में लगभग ₹740 करोड़ की लागत से अत्याधुनिक खेल परिसर और राज्य का पहला खेल विश्वविद्यालय विकसित किया गया है?

Q4 पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और मुख्यमंत्री सौर प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 3 kW सोलर सिस्टम पर बिहार के उपभोक्ता को कुल कितनी संयुक्त सब्सिडी प्राप्त होती है?

Q5 प्राचीन मगध साम्राज्य की प्रारंभिक राजधानी राजगीर (गिरिव्रज) कितनी पहाड़ियों से घिरी हुई मानी जाती है?

स्रोत