बिहार कैबिनेट: दरभंगा में कार्गो हब, मुंगेर-वैशाली पेयजल व सुपौल पावर ग्रिड को मंजूरी
बिहार कैबिनेट ने दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो हब, वैशाली और मुंगेर में ₹786 करोड़ की सतही पेयजल योजनाओं और सुपौल में नए पावर ग्रिड सब-स्टेशन को मंजूरी दी।
⭐ मुख्य बिंदु
- दरभंगा एयरपोर्ट के पास लॉजिस्टिक्स पार्क व कार्गो हब हेतु 49.99 एकड़ भूमि के लिए ₹225.91 करोड़ मंजूर।
- वैशाली जिले के 493 वार्डों के लिए गंगा जल आधारित ₹506.71 करोड़ की पेयजल परियोजना स्वीकृत।
- मुंगेर के खड़गपुर झील के सतही जल से 177 वार्डों में जलापूर्ति हेतु ₹279.51 करोड़ का प्रावधान।
- सुपौल के पिपरा में ₹575.36 करोड़ की लागत से 220/132 केवी ग्रिड सब-स्टेशन का होगा निर्माण।
- मुंगेर के तारापुर ग्रिड सब-स्टेशन को ₹51.07 करोड़ से वैकल्पिक डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन मिलेगी।
- बिहार सूचना प्रौद्योगिकी अधीनस्थ सेवा नियमावली को राज्य कैबिनेट ने औपचारिक मंजूरी दी।
- सतही पेयजल परियोजनाओं का उद्देश्य भूजल में आर्सेनिक और फ्लोराइड प्रदूषण से आबादी को बचाना है।
1. दरभंगा एयरपोर्ट के पास कार्गो हब और लॉजिस्टिक्स पार्क हेतु ₹225.91 करोड़ स्वीकृत
क्या हुआ: बिहार कैबिनेट ने दरभंगा हवाई अड्डे के समीप अत्याधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क और एयर कार्गो हब की स्थापना के लिए 49.9973 एकड़ भूमि अधिग्रहण हेतु ₹225.91 करोड़ की संशोधित मुआवजा राशि को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
पृष्ठभूमि: उड़ान (UDAN) योजना के तहत दरभंगा हवाई अड्डा उत्तर बिहार का सबसे व्यस्त और सफल क्षेत्रीय हवाई संपर्क केंद्र बनकर उभरा है। इस क्षेत्र में मखाना, शाही लीची, आम और हस्तशिल्प जैसे उच्च मूल्य वाले कृषि और बागवानी उत्पाद प्रचुर मात्रा में होते हैं, जिनके त्वरित निर्यात के लिए समर्पित एयर कार्गो और कोल्ड-चेन बुनियादी ढांचे की लंबे समय से मांग की जा रही थी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु:
- परियोजना स्थल: दरभंगा एयरपोर्ट परिसर के समीप (कुल भूमि: लगभग 50 एकड़)।
- मंजूर राशि: ₹225.91 करोड़ (भूमि अधिग्रहण व मुआवजा मद)।
- आर्थिक प्रभाव: 'मिथिला मखाना' (जीआई टैग प्राप्त उत्पाद) और उत्तर बिहार के पेरिशेबल एग्रो-उत्पादों को दिल्ली, मुंबई और वैश्विक बाजारों तक सीधा एयर कार्गो एक्सेस मिलेगा, जिससे लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी।
2. वैशाली और मुंगेर के लिए ₹786 करोड़ की सतही ग्रामीण पेयजल योजनाएं
क्या हुआ: राज्य सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने हेतु वैशाली और मुंगेर जिलों के लिए कुल ₹786.22 करोड़ की दो बड़ी सतही जल आधारित जलापूर्ति योजनाओं को मंजूरी दी है।
पृष्ठभूमि: बिहार के गंगा तटीय और मैदानी इलाकों में भूजल में आर्सेनिक, फ्लोराइड और अत्यधिक आयरन की समस्या के कारण राज्य सरकार ने भूजल दोहन के स्थान पर नदियों और प्राकृतिक झीलों के सतही जल (Surface Water) के ट्रीटमेंट पर ध्यान केंद्रित किया है।
परियोजना का विवरण व परीक्षा तथ्य:
- वैशाली पेयजल परियोजना: लागत ₹506.71 करोड़। इसके तहत महूआ और चेहराकलां प्रखंडों की 36 पंचायतों के 493 वार्डों को गंगा नदी के शोधित जल से 72 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रति दिन) पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
- मुंगेर पेयजल परियोजना: लागत ₹279.51 करोड़। इसके तहत हवेली खड़गपुर और टेटिया बंबर प्रखंडों की 14 पंचायतों (177 वार्डों) को प्रसिद्ध खड़गपुर झील के सतही जल से 22 एमएलडी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी।
- संचालन अवधि: दोनों परियोजनाओं के अंतर्गत निर्माण के साथ-साथ अगले 5 वर्षों के संचालन एवं रखरखाव (O&M) का प्रावधान किया गया है।
- सतत विकास लक्ष्य (SDG 6): यह पहल संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य 6 (स्वच्छ जल और स्वच्छता) तथा बिहार सरकार के 'हर घर नल का जल' निश्चय के सुदृढ़ीकरण से जुड़ी है।
3. सुपौल और मुंगेर में ₹626 करोड़ के विद्युत पारेषण (Power Transmission) प्रोजेक्ट्स
क्या हुआ: बिहार राज्य पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) के पारेषण ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए कैबिनेट ने सुपौल में एक नए ग्रिड सब-स्टेशन और मुंगेर के तारापुर में वैकल्पिक ट्रांसमिशन लाइन हेतु कुल ₹626.43 करोड़ मंजूर किए हैं।
मुख्य बिंदु:
- सुपौल (पिपरा) ग्रिड सब-स्टेशन: सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड में ₹575.36 करोड़ की लागत से 220/132 केवी का नया ग्रिड सब-स्टेशन एवं संबंधित ट्रांसमिशन लाइनें स्थापित की जाएंगी। इसमें ₹115.07 करोड़ राज्य सरकार की इक्विटी होगी और शेष राशि राज्य गारंटी प्राप्त ऋण से जुटाई जाएगी।
- तारापुर ग्रिड (मुंगेर): तारापुर ग्रिड सब-स्टेशन को अतिरिक्त 132 केवी डबल-सर्किट लाइन और चार लाइन-बे प्रदान करने के लिए ₹51.07 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं, जिससे क्षेत्र को निर्बाध दूसरा स्वतंत्र विद्युत स्रोत मिल सकेगा।
- महत्व: कोसी प्रमंडल में कृषि फीडरों, ग्रामीण विद्युतीकरण और संभावित औद्योगिक क्लस्टरों को उच्च गुणवत्ता वाली 24×7 बिजली सुनिश्चित होगी।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| दरभंगा कार्गो हब भूमि अधिग्रहण लागत | ₹225.91 करोड़ (49.9973 एकड़) |
|---|---|
| वैशाली सतही पेयजल परियोजना क्षमता | 72 MLD (लागत: ₹506.71 करोड़) |
| मुंगेर खड़गपुर झील पेयजल क्षमता | 22 MLD (लागत: ₹279.51 करोड़) |
| सुपौल (पिपरा) ग्रिड सब-स्टेशन क्षमता | 220/132 केवी (लागत: ₹575.36 करोड़) |
| संबंधित नोडल विद्युत कंपनी | बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (BSPTCL) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 बिहार कैबिनेट द्वारा हाल ही में किस हवाई अड्डे के समीप लॉजिस्टिक्स पार्क और कार्गो हब हेतु ₹225.91 करोड़ की भूमि अधिग्रहण राशि स्वीकृत की गई?
Q2 मुंगेर जिले में ₹279.51 करोड़ की ग्रामीण सतही पेयजल परियोजना के लिए किस जल स्रोत का उपयोग किया जाएगा?
Q3 वैशाली जिले के महूआ और चेहराकलां प्रखंडों में मंजूर ₹506.71 करोड़ की पेयजल परियोजना की दैनिक शोधन क्षमता कितनी है?
Q4 कोसी प्रमंडल के विद्युत संचरण को सुदृढ़ करने के लिए ₹575.36 करोड़ की लागत से 220/132 केवी का नया ग्रिड सब-स्टेशन किस जिले के पिपरा में स्वीकृत हुआ है?
Q5 बिहार में भूजल से सतही जल आधारित पेयजल योजनाओं की ओर बदलाव का प्राथमिक वैज्ञानिक कारण क्या है?







