बिहार में ₹16,000 करोड़ की 5 राजमार्ग परियोजनाएं, पीरपैंती पावर प्लांट व रबी बीज अनुदान
केंद्र सरकार ने बिहार में ₹16,000 करोड़ से अधिक की 5 फोरलेन राजमार्ग परियोजनाओं को मंजूरी दी है। वहीं भागलपुर के पीरपैंती में 2,400 MW पावर प्लांट और किसानों के लिए रबी बीज अनुदान योजना को गति मिली है।
⭐ मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार ने बिहार में ₹16,000 करोड़ से अधिक लागत की 5 फोरलेन राजमार्ग परियोजनाओं को स्वीकृति दी।
- मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ (146 किमी) मार्ग ₹8,500 करोड़ से बनेगा और अयोध्या को नेपाल के जनकपुर से जोड़ेगा।
- अरवल-बिहारशरीफ (89 किमी) और नौबतपुर-हरिहरगंज (88 किमी) राजमार्गों को फोरलेन में अपग्रेड किया जाएगा।
- भागलपुर के पीरपैंती में 2,400 मेगावाट क्षमता का अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर स्टेशन स्थापित होगा।
- पीरपैंती प्लांट DBFOO मॉडल पर विकसित होगा, जिससे बिहार को ₹6.075 प्रति यूनिट पर 25 साल तक बिजली मिलेगी।
- संयंत्र को केंद्र सरकार की ‘शक्ति’ नीति के तहत कोयला लिंकेज प्रदान किया गया है।
- रबी 2026-27 के लिए बिहार कृषि ऐप के जरिए किसानों को उन्नत बीजों पर 100% तक सब्सिडी दी जा रही है।
बिहार में अवस्थापना (Infrastructure), ऊर्जा सुरक्षा और कृषि आधुनिकीकरण के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ दर्ज की गई हैं। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने राज्य में पाँच प्रमुख फोरलेन राजमार्ग परियोजनाओं के निर्माण की रूपरेखा को अंतिम मंजूरी प्रदान कर दी है। इसके साथ ही, पूर्वी बिहार के ऊर्जा परिदृश्य को नई दिशा देने वाले पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट और कृषि क्षेत्र में रबी सीजन हेतु बीज अनुदान वितरण प्रणाली की आधिकारिक शुरुआत हुई है—जो राज्य लोक सेवा आयोग (BPSC) व अन्य राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत प्रासंगिक हैं।
केंद्र की बिहार को सौगात: ₹16,000 करोड़ की 5 फोरलेन राजमार्ग परियोजनाएं
क्या हुआ?
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना के तहत बिहार में 5 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग खंडों को फोरलेन में उच्चीकृत करने के लिए ₹16,000 करोड़ से अधिक के निवेश को हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं का प्राथमिक उद्देश्य राज्य के आंतरिक जिलों में कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों (उत्तर प्रदेश, झारखंड) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (नेपाल) तक सुगम माल ढुलाई सुनिश्चित करना है।
परियोजनाओं का विवरण व मार्ग संरेखण
- मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ परियोजना (NH-227/227A): लगभग 146 किलोमीटर लंबी यह परियोजना ₹8,500 करोड़ की अनुमानित लागत से तैयार होगी। यह प्रसिद्ध राम-जानकी मार्ग का मुख्य घटक है, जो उत्तर प्रदेश के अयोध्या को सीतामढ़ी के भिट्ठामोड़ (नेपाल सीमा) से जोड़ता है।
- अरवल से बिहारशरीफ फोरलेन (NH-33): लगभग 89 किलोमीटर लंबा यह मार्ग करीब ₹3,300 करोड़ की लागत से बनेगा। यह मगध प्रमंडल और नालंदा के बीच कृषि उत्पादों के परिवहन को सुगम बनाएगा।
- नौबतपुर से हरिहरगंज मार्ग (NH-139): लगभग 88 किलोमीटर लंबा खंड लगभग ₹2,500 करोड़ में अपग्रेड होगा। यह पटना को अरवल, औरंगाबाद होते हुए सीधे झारखंड सीमा से जोड़ेगा।
- छपवा से बेतिया सड़क खंड: लगभग 40 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर ₹1,700 करोड़ का निवेश होगा, जिससे उत्तर बिहार व पश्चिम चंपारण में कनेक्टिविटी तेज होगी।
- बरियारपुर से बिशुनपुर-जमुई खंड: यह परियोजना मुंगेर और जमुई जिलों के बीच भारी वाहनों के दबाव को कम कर क्षेत्रीय व्यापार को बढ़ावा देगी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्व
BPSC मुख्य परीक्षा में ‘बिहार में अधोसंरचना विकास एवं क्षेत्रीय विषमता निवारण’ से संबंधित प्रश्नों में इन मार्गों का उल्लेख किया जा सकता है। विशेष रूप से राम-जानकी मार्ग रामायण सर्किट और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दृष्टि से नीतिगत रूप से महत्वपूर्ण है।
भागलपुर के पीरपैंती में 2,400 MW का अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट
क्या हुआ?
बिहार स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (BSPGCL) ने राज्य की दोनों वितरण कंपनियों—नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (NBPDCL) और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (SBPDCL)—की ओर से भागलपुर जिले के पीरपैंती में 2,400 मेगावाट के ग्रीनफील्ड अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्लांट की स्थापना हेतु लेटर ऑफ अवार्ड (LoA) जारी किया है।
प्रमुख तकनीकी व वित्तीय पहलू
- क्षमता व इकाइयाँ: संयंत्र में 800-800 मेगावाट की 3 इकाइयाँ (3 × 800 MW) स्थापित की जाएँगी।
- निवेश व मॉडल: यह परियोजना लगभग $3 बिलियन (करीब ₹25,000 करोड़) के निजी निवेश से ‘डिजाइन, बिल्ड, फाइनेंस, ओन एंड ऑपरेट’ (DBFOO) मॉडल पर विकसित होगी।
- बिजली दर व आपूर्ति: प्रतिस्पर्धी ई-निविदा में ₹6.075 प्रति यूनिट की सबसे कम बोली दर्ज की गई। कंपनी 25 वर्षों तक राज्य को 2,274 मेगावाट शुद्ध विद्युत आपूर्ति करेगी।
- ईंधन आपूर्ति: केंद्र सरकार की ‘शक्ति’ (SHAKTI - Scheme for Harnessing and Allocating Koyala Transparently in India) नीति के पैरा B(IV) के तहत कोयला लिंकेज आवंटित किया गया है।
ऐतिहासिक व सांस्कृतिक जुड़ाव (Static GK)
भागलपुर का पीरपैंती और कहलगांव क्षेत्र प्राचीन ऐतिहासिक विरासत से समृद्ध है। कहलगांव में ही 8वीं शताब्दी के पाल वंशीय शासक धर्मपाल द्वारा स्थापित विक्रमशिला विश्वविद्यालय के खंडहर स्थित हैं। राज्य व केंद्र सरकार विक्रमशिला के पुनरुद्धार हेतु केंद्रीय विश्वविद्यालय परियोजना पर भी तीव्र गति से कार्य कर रही है।
रबी 2026-27: ‘बिहार कृषि ऐप’ से 100% तक बीज अनुदान
क्या हुआ?
कृषि विभाग, बिहार सरकार ने रबी विपणन सत्र 2026-27 के लिए राज्य के किसानों को प्रमाणित एवं उच्च गुणवत्ता वाले बीजों पर 50% से 100% तक अनुदान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की है। इसके तहत किसान ‘बिहार कृषि ऐप’ (Bihar Krishi App) और डीबीटी कृषि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- पारदर्शिता और होम डिलीवरी: बिहार राज्य बीज निगम (BRBN) द्वारा किसानों के घर तक बीज पहुँचाने (Home Delivery) का विकल्प भी उपलब्ध कराया गया है।
- फसलें: गेहूं, दलहन (चना, मसूर, मटर) और तेलहन (राई, सरसों) की जलवायु-अनुकूल (Climate-Resilient) किस्मों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- आपदा राहत इनपुट अनुदान: इसके साथ ही, हालिया बाढ़ से प्रभावित 9 जिलों के 43 प्रखंडों की 289 चिह्नित पंचायतों के किसानों के लिए डीबीटी के जरिए फसल क्षति अनुदान प्रक्रिया भी सक्रिय की गई है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| 5 राजमार्ग परियोजनाओं की अनुमानित लागत | ₹16,000+ करोड़ |
|---|---|
| राम-जानकी मार्ग (मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़) लंबाई | 146 किलोमीटर |
| पीरपैंती पावर प्लांट कुल क्षमता | 2,400 MW (3 × 800 MW) |
| पीरपैंती परियोजना कार्यान्वयन मॉडल | DBFOO मॉडल |
| बिजली आपूर्ति हेतु न्यूनतम टैरिफ | ₹6.075 प्रति यूनिट |
| विक्रमशिला विश्वविद्यालय के संस्थापक | पाल शासक धर्मपाल (8वीं शताब्दी) |
| बीज अनुदान वितरण हेतु नोडल एजेंसी | बिहार राज्य बीज निगम (BRBN) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 हाल ही में केंद्र सरकार द्वारा अनुमोदित लगभग 146 किमी लंबी मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ फोरलेन परियोजना किस ऐतिहासिक व सांस्कृतिक मार्ग का प्रमुख हिस्सा है?
Q2 बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में स्थापित होने वाले 2,400 MW थर्मल पावर प्लांट की तकनीकी संरचना क्या है?
Q3 राष्ट्रीय राजमार्ग 139 (NH-139) का कौन-सा खंड हाल ही में फोरलेन चौड़ीकरण हेतु स्वीकृत हुआ है, जो झारखंड सीमा तक सीधी कनेक्टिविटी देता है?
Q4 पीरपैंती थर्मल प्रोजेक्ट के समीप स्थित प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय, जिसे केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूप में पुनर्जीवित किया जा रहा है, के संस्थापक कौन थे?
Q5 रबी मौसम 2026-27 के लिए बिहार में गुणवत्तापूर्ण बीजों पर अनुदान और होम डिलीवरी का लाभ लेने हेतु किस मोबाइल ऐप्लिकेशन को लागू किया गया है?







