अर्थव्यवस्था

कोर सेक्टर में 7.9% की वृद्धि व लौह अयस्क का नया समायोजन; विदेशी मुद्रा भंडार $719.75 अरब पर

वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार कोर उद्योगों में 7.9% की सशक्त वृद्धि दर्ज हुई और लौह अयस्क 9वां कोर उद्योग बना। वहीं, RBI के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार $719.75 अरब रहा।

⭐ मुख्य बिंदु

  • सितंबर में भारत के कोर सेक्टर उत्पादन की वृद्धि दर 7.9% दर्ज की गई।
  • प्रवीण महतो समिति की सिफारिशों पर कोर उद्योगों का आधार वर्ष संशोधित कर 2022-23 किया गया।
  • लौह अयस्क (Iron Ore) को औपचारिक रूप से 9वें प्रमुख कोर उद्योग के रूप में शामिल किया गया।
  • कोर सेक्टर में लौह अयस्क (18.4%), विद्युत (11.4%) और कोयला (10.7%) उत्पादन में तेज उछाल रहा।
  • RBI के आंकड़ों के अनुसार भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में $719.75 अरब रहा।
  • विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCAs) बढ़कर $593.20 अरब हुईं, जबकि स्वर्ण भंडार का मूल्यांकन घटकर $103.10 अरब रहा।
  • भारत का विदेशी मुद्रा भंडार वर्तमान में लगभग 11 महीने से अधिक के आयात को कवर करने में सक्षम है।

कोर सेक्टर उत्पादन में 7.9% का उछाल: बुनियादी ढांचा उद्योगों में नई तेजी

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के अधीन आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत के कोर सेक्टर (बुनियादी उद्योग) की वृद्धि दर सितंबर महीने में 7.9% के उच्च स्तर पर पहुंच गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से बिजली, कोयला, रिफाइनरी उत्पाद और लौह अयस्क (Iron Ore) के मजबूत उत्पादन के दम पर दर्ज की गई है।

क्या हुआ?

आर्थिक सलाहकार कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक, विभिन्न बुनियादी उद्योगों में दोहरा अंकों का विस्तार देखा गया:

  • लौह अयस्क (Iron Ore): 18.4% की उच्चतम वृद्धि दर्ज की गई।
  • विद्युत (Electricity): उत्पादन में 11.4% की वार्षिक वृद्धि हुई।
  • कोयला (Coal): उत्पादन में 10.7% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो पिछले 13 महीनों का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।
  • रिफाइनरी उत्पाद (Refinery Products): 10.3% की दर से वृद्धि हुई, जो अगस्त के 5.6% से काफी अधिक है।
  • सीमेंट और इस्पात: सीमेंट उत्पादन में 9.8% तथा तैयार इस्पात (Steel) में 4.9% की बढ़त रही।

पृष्ठभूमि और नया आधार वर्ष (Base Year 2022-23)

कोर उद्योग सूचकांक (ICI) के ढांचे में ऐतिहासिक सुधार करते हुए सरकार ने आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित कर 2022-23 कर दिया है। प्रवीण महतो समिति की सिफारिशों के आधार पर औद्योगिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले लौह अयस्क (Iron Ore) को 9वें प्रमुख कोर उद्योग के रूप में शामिल किया गया है। पुराने सूचकांक में 8 उद्योग शामिल थे, जिनका औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में 40.27% भारांक था। नई श्रृंखला में दोहरी गणना (Double Counting) से बचने के लिए केवल कच्चे कोयले (Raw Coal) को शामिल किया गया है और इस्पात सूचकांक हेतु सकल उत्पादन (Gross Production) डेटा का उपयोग किया गया है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • नोडल एजेंसी: आर्थिक सलाहकार कार्यालय, उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय।
  • आधार वर्ष: 2022-23 (पूर्व आधार वर्ष: 2011-12)।
  • समिति: प्रवीण महतो कार्यबल/समिति की सिफारिश पर लौह अयस्क को 9वां कोर उद्योग बनाया गया।
  • IIP से संबंध: कोर उद्योग पूरे देश के औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) का एक बड़ा हिस्सा निर्धारित करते हैं, जिससे यह अर्थव्यवस्था की अग्रणी औद्योगिक गतिविधि का संकेतक (Lead Indicator) बनता है।

RBI विदेशी मुद्रा भंडार: $719.75 अरब पर भारत की विदेशी मुद्रा निधि

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा 30 अक्टूबर को जारी साप्ताहिक सांख्यिकीय पूरक (Weekly Statistical Supplement) के अनुसार, 23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) $1.27 अरब घटकर $719.748 अरब ($719.75 अरब) पर आ गया। इससे पूर्व सप्ताह में भंडार में $5 अरब से अधिक की गिरावट देखी गई थी।

विदेशी मुद्रा भंडार के विभिन्न घटक

घटक (Component)वर्तमान मूल्य (अरब डॉलर)साप्ताहिक रुझान
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCAs)$593.20 अरब$1.36 अरब की वृद्धि
स्वर्ण भंडार (Gold Reserves)$103.10 अरब$2.60 अरब की गिरावट (मूल्यांकन प्रभाव)
विशेष आहरण अधिकार (SDRs)$18.50 अरब (लगभग)स्थिर
IMF के पास रिज़र्व स्थिति (RTP)$4.94 अरब (लगभग)स्थिर
कुल विदेशी मुद्रा भंडार$719.75 अरब-$1.27 अरब

गिरावट का कारण और पृष्ठभूमि

विदेशी मुद्रा भंडार में आई इस मामूली गिरावट का मुख्य कारण केंद्रीय बैंक द्वारा डॉलर की सीधी बिक्री नहीं, बल्कि मूल्यांकन परिवर्तन (Valuation Effect) और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव रहा। जहां विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCAs) में $1.36 अरब की बढ़ोतरी हुई, वहीं सोने के भंडार के मूल्यांकन में $2.60 अरब की कमी दर्ज हुई। उल्लेखनीय है कि सितंबर माह में प्रवासी जमा (FCNR-B) प्रवाह के दम पर भंडार $785.7 अरब के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचा था। वर्तमान स्तर भारत के 11 महीने से अधिक के आयात बिल को वित्तपोषित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा कवच प्रदान करता है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • चार प्रमुख घटक: विदेशी मुद्रा भंडार में 1. विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA), 2. स्वर्ण (Gold), 3. विशेष आहरण अधिकार (SDR) और 4. IMF में रिज़र्व ट्रैंच स्थिति (RTP) शामिल होते हैं।
  • FCA का निर्धारण: विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड, और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राएं भी शामिल होती हैं। डॉलर के संदर्भ में इनके मूल्य में उतार-चढ़ाव को मूल्यांकन प्रभाव कहा जाता है।
  • वैश्विक स्थिति: भारत विश्व में चीन, जापान और स्विट्जरलैंड के बाद दुनिया के शीर्ष विदेशी मुद्रा धारकों में शामिल है।
  • प्रबंधन दायित्व: भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की धारा 17 के तहत RBI विदेशी मुद्रा भंडार का संरक्षक (Custodian) और प्रबंधक होता है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

कोर सेक्टर विकास दर (सितंबर)7.9%
कोर सूचकांक का नया आधार वर्ष2022-23
नया शामिल कोर उद्योगलौह अयस्क (9वां उद्योग)
कोर सेक्टर डेटा जारीकर्ताआर्थिक सलाहकार कार्यालय (DPIIT)
कुल विदेशी मुद्रा भंडार$719.748 अरब
विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (FCA)$593.20 अरब
स्वर्ण भंडार मूल्य$103.10 अरब

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।

Q1 प्रवीण महतो समिति की सिफारिशों के आधार पर कोर उद्योग सूचकांक में 9वें उद्योग के रूप में किसे शामिल किया गया है?

Q2 कोर उद्योग सूचकांक (Index of Core Industries - ICI) किस मंत्रालय के तहत आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) द्वारा जारी किया जाता है?

Q3 भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserves) में निम्नलिखित में से कौन-सा घटक शामिल नहीं है?

Q4 विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) के मूल्य में गैर-डॉलर मुद्राओं के विनिमय दर में परिवर्तन से होने वाले उतार-चढ़ाव को क्या कहा जाता है?

Q5 भारतीय रिज़र्व बैंक अधिनियम, 1934 की कौन-सी धारा RBI को विदेशी मुद्रा भंडार के प्रबंधन और संरक्षण का अधिकार प्रदान करती है?

स्रोत