G20, BRICS, SCO और QUAD: सदस्य देश, संरचना, हालिया विस्तार और महत्वपूर्ण तथ्य
G20, BRICS, SCO और QUAD के सदस्य देशों, स्थापना, मुख्यालय, वित्तीय संस्थानों तथा हालिया विस्तार का संपूर्ण एवं परीक्षा-उपयोगी विश्लेषणात्मक विवरण।
⭐ मुख्य बिंदु
- G20 की स्थापना 1999 में हुई थी और नई दिल्ली शिखर सम्मेलन 2023 में अफ्रीकी संघ (AU) को इसका दूसरा क्षेत्रीय स्थायी सदस्य बनाया गया।
- BRICS शब्द जिम ओ‘नील ने 2001 में दिया था, और 2024-2025 में मिस्र, इथियोपिया, ईरान, यूएई और इंडोनेशिया को पूर्ण सदस्यता मिली।
- ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) का मुख्यालय शंघाई (चीन) में स्थित है।
- SCO की स्थापना 15 जून 2001 को हुई थी; भारत और पाकिस्तान 2017 में, ईरान 2023 में और बेलारूस 2024 में इसके पूर्ण सदस्य बने।
- SCO का सचिवालय बीजिंग में तथा क्षेत्रीय आतंकवाद-रोधी संरचना (RATS) का मुख्यालय ताशकंद में है।
- QUAD की संकल्पना 2007 में जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने रखी थी, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं।
- मध्य एशिया का देश तुर्कमेनिस्तान SCO का सदस्य नहीं है, जो बहुविकल्पीय प्रश्नों में एक सामान्य भ्रामक विकल्प होता है।
प्रस्तावना: 21वीं सदी की बहुपक्षीय कूटनीति
वैश्विक व्यवस्था में शक्ति का संतुलन अब एकध्रुवीय या द्विध्रुवीय न रहकर बहुध्रुवीय (Multipolar) हो चुका है। इस बदलते वैश्विक परिदृश्य में विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय मंच नीति-निर्माण, आर्थिक सहयोग और रणनीतिक संतुलन के प्रमुख केंद्र बनकर उभरे हैं। भारत जैसे उभरते वैश्विक शक्ति केंद्र के लिए ये समूह भू-राजनीतिक स्वायत्तता, आर्थिक संवृद्धि और क्षेत्रीय सुरक्षा साधने के सशक्त माध्यम हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSCs, SSC, Banking) में अंतरराष्ट्रीय संगठनों से संबंधित प्रश्न केवल सदस्यों के नाम तक सीमित नहीं रहते, बल्कि उनके ऐतिहासिक विकास, संगठनात्मक तंत्र, वित्तीय शाखाओं तथा हालिया विस्तार पर भी केंद्रित होते हैं। इस आलेख में G20, BRICS, SCO और QUAD का समग्र विश्लेषण प्रस्तुत किया गया है।
1. G20 (ग्रुप ऑफ ट्वेंटी): वैश्विक अर्थव्यवस्था का प्रमुख मंच
स्थापना एवं ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
G20 की स्थापना 26 सितंबर 1999 को एशियाई वित्तीय संकट (1997-98) के बाद दुनिया के प्रमुख विकसित और विकासशील देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक के रूप में हुई थी। 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट (सबप्राइम क्राइसिस) के उपरांत इसे राष्ट्राध्यक्षों के स्तर पर उन्नत किया गया और पहला शिखर सम्मेलन नवंबर 2008 में वाशिंगटन डी.सी. (अमेरिका) में आयोजित हुआ।
संगठनात्मक ढांचा एवं कार्यप्रणाली
G20 का कोई स्थायी सचिवालय या मुख्यालय नहीं होता। इसका संचालन वार्षिक आधार पर रोटेट होने वाले अध्यक्ष देश (Presidency) द्वारा किया जाता है। अध्यक्षता को सुचारु रखने के लिए ट्रोइका (Troika) व्यवस्था बनाई गई है, जिसमें पिछला अध्यक्ष, वर्तमान अध्यक्ष और आगामी अध्यक्ष देश शामिल होते हैं। कार्य दो समानांतर ट्रैकों के जरिए होता है:
- शेरपा ट्रैक (Sherpa Track): यह राजनीतिक, सामाजिक और विकासात्मक मुद्दों (जैसे जलवायु परिवर्तन, स्वास्थ्य, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना, भ्रष्टाचार-निरोध) पर केंद्रित होता है। शेरपा राष्ट्राध्यक्ष का निजी प्रतिनिधि होता है।
- फाइनेंस ट्रैक (Finance Track): इसका नेतृत्व वित्त मंत्री और केंद्रीय बैंक के गवर्नर करते हैं, जो मौद्रिक नीति, राजकोषीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय वित्तीय सुधारों पर कार्य करते हैं।
सदस्य देश और 2023 का ऐतिहासिक विस्तार
नई दिल्ली शिखर सम्मेलन (सितंबर 2023) से पूर्व G20 में 19 देश और एक क्षेत्रीय संगठन (यूरोपीय संघ - EU) शामिल थे। भारत की ऐतिहासिक अध्यक्षता में 55 अफ्रीकी देशों के संघ अफ्रीकी संघ (African Union - AU) को इसका स्थायी सदस्य बनाया गया। अतः अब इसमें 19 संप्रभु देश और 2 क्षेत्रीय संघ (EU एवं AU) शामिल हैं।
| वर्ग | सदस्य देश / संगठन |
|---|---|
| अमेरिका महाद्वीप | संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा, मैक्सिको, ब्राजील, अर्जेंटीना |
| यूरोप | यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, फ्रांस, इटली, रूस, यूरोपीय संघ (EU) |
| एशिया एवं मध्य-पूर्व | भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया, सऊदी अरब, तुर्किए |
| अफ्रीका एवं ओशिनिया | दक्षिण अफ्रीका, अफ्रीकी संघ (AU), ऑस्ट्रेलिया |
2. BRICS (ब्रिक्स): ग्लोबल साउथ की आर्थिक एवं राजनीतिक आवाज
उत्पत्ति एवं विकास यात्रा
‘BRIC’ शब्द को वर्ष 2001 में प्रसिद्ध निवेश बैंक गोल्डमैन सैक्स के अर्थशास्त्री जिम ओ‘नील ने अपने शोध पत्र ‘द वर्ल्ड नीड्स बेटर इकोनॉमिक ब्रिक्स’ में गढ़ा था। औपचारिक कूटनीतिक शुरुआत 2006 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान विदेश मंत्रियों के मिलने से हुई। पहला औपचारिक शिखर सम्मेलन 2009 में येकातेरिनबर्ग (रूस) में आयोजित किया गया। 2010 में दक्षिण अफ्रीका के शामिल होने के बाद 2011 (सान्या शिखर सम्मेलन) में इसका नाम बदलकर BRICS हुआ।
वित्तीय एवं संस्थागत तंत्र
ब्रिक्स समूह ने पश्चिमी वित्तीय संस्थानों (विश्व बैंक और IMF) के समानांतर दो महत्वपूर्ण वित्तीय उपकरण विकसित किए हैं:
- न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB): इसकी स्थापना 2014 के फोर्टालेजा (ब्राजील) शिखर सम्मेलन के दौरान हुए समझौते के तहत हुई और इसने 2015 से कार्य करना शुरू किया। इसका मुख्यालय शंघाई (चीन) में है। इसके संस्थापक सदस्यों के अतिरिक्त बांग्लादेश, यूएई, मिस्र और उरुग्वे भी इसके सदस्य बने हैं।
- आकस्मिक आरक्षित व्यवस्था (Contingent Reserve Arrangement - CRA): यह अल्पकालिक भुगतान संतुलन संकट के समय सदस्यों को वित्तीय तरलता सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
हालिया अभूतपूर्व विस्तार (BRICS+)
ब्रिक्स के वैश्विक प्रभाव को बढ़ाने के लिए जोहान्सबर्ग (2023) और कज़ान (2024) शिखर सम्मेलनों में नए सदस्यों के प्रवेश पर मुहर लगी। 1 जनवरी 2024 से मिस्र, इथियोपिया, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पूर्ण सदस्य बने, तथा जनवरी 2025 में इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल हो गया (सऊदी अरब को आमंत्रित किया गया है और वह बैठकों में भाग लेता है)। साथ ही बेलारूस, नाइजीरिया, वियतनाम, मलेशिया, क्यूबा, बोलिविया, कज़ाकिस्तान, उज़्बेकिस्तान, युगांडा और थाईलैंड जैसे देशों को ‘पार्टनर कंट्री’ का दर्जा दिया गया है।
3. SCO (शंघाई सहयोग संगठन): यूरेशियाई सुरक्षा और स्थिरता की धुरी
शंघाई-5 से एससीओ तक
सोवियत संघ के विघटन के बाद सीमा सुरक्षा और सैन्य विश्वास बहाली के लिए 1996 में ‘शंघाई-5’ (रूस, चीन, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान) का गठन हुआ। 15 जून 2001 को उज़्बेकिस्तान के जुड़ने के साथ इसे औपचारिक रूप से शंघाई सहयोग संगठन (SCO) घोषित किया गया। 2002 में इसका चार्टर हस्ताक्षरित हुआ और 2003 में प्रभावी हुआ।
स्थायी संरचना एवं RATS
SCO दुनिया का सबसे बड़ा अंतर-सरकारी क्षेत्रीय संगठन है (क्षेत्रफल और जनसंख्या के संदर्भ में)। इसके दो प्रमुख स्थायी अंग हैं:
- सचिवालय (Secretariat): यह बीजिंग (चीन) में स्थित है, जिसका नेतृत्व महासचिव करते हैं।
- रीजनल एंटी-टेररिस्ट स्ट्रक्चर (RATS): इसका मुख्यालय ताशकंद (उज़्बेकिस्तान) में है। RATS का प्राथमिक कार्य ‘तीन बुराइयों’ (Three Evils) यानी आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटना है।
सदस्यता विस्तार क्रम
- 2001 (संस्थापक 6): चीन, रूस, कज़ाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज़्बेकिस्तान।
- 2017 (अस्ताना शिखर सम्मेलन): भारत और पाकिस्तान को पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
- 2023: ईरान 9वां पूर्ण सदस्य बना।
- 2024 (अस्ताना शिखर सम्मेलन): बेलारूस को 10वें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
4. QUAD (चतुर्भुज सुरक्षा संवाद): रणनीतिक संतुलन एवं इंडो-पैसिफिक
उद्भव एवं वैचारिक आधार
क्वाड की अनौपचारिक शुरुआत वर्ष 2004 में हिंद महासागर में आई विनाशकारी सुनामी के बाद राहत कार्यों के समन्वय के लिए गठित ‘त्सुनामी कोर ग्रुप’ से हुई। वर्ष 2007 में जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे ने भारतीय संसद में ‘दो समुद्रों का संगम’ (Confluence of the Two Seas) भाषण देकर इस संकल्पना को बौद्धिक आधार प्रदान किया। हालांकि, चीनी चिंताओं के कारण यह मंच कुछ वर्षों तक निष्क्रिय रहा।
क्वाड 2.0 और प्रमुख आयाम
2017 में मनीला (फिलीपींस) में आसियान शिखर सम्मेलन के हाशिए पर चारों देशों (भारत, अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया) ने इसे पुनर्जीवित किया जिसे ‘क्वाड 2.0’ कहा जाता है। 2021 में इसका पहला वर्चुअल लीडर्स समिट आयोजित हुआ।
क्वाड का घोषित लक्ष्य एक मुक्त, खुला, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत (Free and Open Indo-Pacific - FOIP) सुनिश्चित करना है। यह कोई औपचारिक सैन्य गठबंधन (जैसे नाटो) नहीं है, बल्कि एक बहुआयामी रणनीतिक संवाद मंच है।
यद्यपि यह औपचारिक सैन्य संधि नहीं है, फिर भी चारों देशों की नौसेनाएं वार्षिक मालाबार युद्धाभ्यास (Exercise Malabar) में भाग लेती हैं। इसके अतिरिक्त क्वाड समुद्री डोमेन जागरूकता (IPMDA - Indo-Pacific Maritime Domain Awareness), क्रिटिकल टेक्नोलॉजी, जलवायु लचीलापन, साइबर सुरक्षा और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला पर ठोस कार्य कर रहा है।
चारों प्रमुख संगठनों की तुलनात्मक तालिका
| संगठन | स्थापना वर्ष | मुख्यालय / सचिवालय | कुल पूर्ण सदस्य | भारत की सदस्यता | मुख्य रणनीतिक उद्देश्य |
|---|---|---|---|---|---|
| G20 | 1999 (2008 शिखर सम्मेलन) | स्थायी मुख्यालय नहीं (ट्रोइका प्रणाली) | 19 देश + 2 संघ (EU, AU) | संस्थापक सदस्य (1999) | वैश्विक वित्तीय स्थिरता, सतत विकास, बहुपक्षीय आर्थिक सहयोग |
| BRICS | 2006 (2009 प्रथम शिखर सम्मेलन) | स्थायी मुख्यालय नहीं (NDB का मुख्यालय शंघाई) | 10-11 पूर्ण सदस्य | संस्थापक सदस्य (2006) | ग्लोबल साउथ का प्रतिनिधित्व, वित्तीय सुधार, व्यापार और बहुध्रुवीयता |
| SCO | 2001 (शंघाई-5: 1996) | बीजिंग (सचिवालय), ताशकंद (RATS) | 10 देश | 2017 (अस्ताना सम्मेलन) | यूरेशियाई क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-विरोध (RATS), कनेक्टिविटी |
| QUAD | 2007 (पुनर्जीवित: 2017) | कोई मुख्यालय या चार्टर नहीं | 4 देश | संस्थापक सदस्य (2007/2017) | मुक्त व नियम-आधारित हिंद-प्रशांत, समुद्री सुरक्षा, आपूर्ति-श्रृंखला लचीलापन |
याद रखने की ट्रिक्स (Memory Tricks & Mnemonics)
1. SCO के 10 सदस्यों को याद रखने का सूत्र
ट्रिक: TRUCK + PIBI
- T: Tajikistan (ताजिकिस्तान)
- R: Russia (रूस)
- U: Uzbekistan (उज़्बेकिस्तान)
- C: China (चीन)
- K: Kazakhstan (कज़ाकिस्तान) और Kyrgyzstan (किर्गिस्तान) [K²]
- P: Pakistan (पाकिस्तान - 2017)
- I: India (भारत - 2017)
- B: Belarus (बेलारूस - 2024)
- I: Iran (ईरान - 2023)
(नोट: मध्य एशिया का तुर्कमेनिस्तान SCO का सदस्य नहीं है; यह परीक्षा में सबसे आम कन्फ्यूजन विकल्प होता है।)
2. QUAD के 4 स्तंभ
ट्रिक: JAI + U (जापान, ऑस्ट्रेलिया, भारत और USA) — इसे ‘I-JAU’ के रूप में भी याद रख सकते हैं।
3. G20 के 2 क्षेत्रीय संगठन
यूरोपीय संघ (EU) + अफ्रीकी संघ (AU)। दोनों ही 2 अक्षर वाले महाद्वीपीय संघ हैं जो G20 को समावेशी बनाते हैं।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले प्रमुख पैटर्न
- सदस्यता पर आधारित छंटनी वाले प्रश्न: आयोग अक्सर तुर्कमेनिस्तान (SCO), न्यूजीलैंड (QUAD) या सिंगापुर (G20) का नाम देकर पूछता है कि कौन सदस्य नहीं है। याद रखें कि तुर्कमेनिस्तान SCO का सदस्य नहीं है।
- मुख्यालयों में उलझन: SCO का राजनीतिक सचिवालय बीजिंग में है, जबकि इसका आतंकवाद-रोधी विंग RATS ताशकंद में है। इसी प्रकार ब्रिक्स का कोई मुख्यालय नहीं है, लेकिन ब्रिक्स के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) का मुख्यालय शंघाई में है।
- वर्ष और शिखर सम्मेलन: भारत और पाकिस्तान 2017 में अस्ताना (कज़ाकिस्तान) शिखर सम्मेलन में SCO के पूर्ण सदस्य बने थे। अफ्रीकी संघ को 2023 के नई दिल्ली G20 शिखर सम्मेलन में स्थायी सदस्यता दी गई।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| G20 की स्थापना | 26 सितंबर 1999 (पहला शिखर सम्मेलन: 2008) |
|---|---|
| G20 संरचना | 19 देश + 2 क्षेत्रीय संगठन (EU एवं AU) |
| BRICS न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) | मुख्यालय: शंघाई (स्थापना: 2014 फोर्टालेजा समझौता) |
| SCO के कुल पूर्ण सदस्य | 10 देश (नवीनतम सदस्य: ईरान 2023, बेलारूस 2024) |
| SCO RATS का मुख्यालय | ताशकंद, उज़्बेकिस्तान |
| भारत की SCO सदस्यता | 9 जून 2017 (अस्ताना शिखर सम्मेलन) |
| QUAD के सदस्य | भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका, जापान, ऑस्ट्रेलिया |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 जुलाई 2024 में अस्ताना शिखर सम्मेलन के दौरान किस देश को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 10वें पूर्ण सदस्य के रूप में शामिल किया गया?
Q2 सितंबर 2023 में नई दिल्ली में आयोजित 18वें G20 शिखर सम्मेलन में किस संगठन को G20 का नया स्थायी सदस्य बनाया गया?
Q3 ब्रिक्स (BRICS) देशों द्वारा स्थापित 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' (NDB) का मुख्यालय कहाँ स्थित है?
Q4 वर्ष 2007 में भारतीय संसद में दिए गए 'दो समुद्रों का संगम' (Confluence of the Two Seas) भाषण को किस समूह की वैचारिक नींव माना जाता है?
Q5 शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की 'क्षेत्रीय आतंकवाद-विरोधी संरचना' (RATS) की कार्यकारी समिति का स्थायी मुख्यालय कहाँ स्थित है?








