₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा सौदे, पेट्रापोल मैत्री द्वार और वडोदरा में C-295 विमान संयंत्र
रक्षा अधिग्रहण परिषद ने ₹2.12 लाख करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी, पेट्रापोल में मैत्री द्वार का उद्घाटन हुआ और वडोदरा में देश के पहले निजी सैन्य विमान संयंत्र की शुरुआत हुई।
⭐ मुख्य बिंदु
- रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए ₹2.12 लाख करोड़ के पूंजीगत खरीद प्रस्तावों को AoN प्रदान किया।
- कुल स्वीकृत रक्षा प्रस्तावों में से लगभग 82% उपकरण घरेलू भारतीय उद्योगों से अधिगृहीत किए जाएँगे।
- गृह मंत्री ने पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित पेट्रापोल लैंड पोर्ट में ₹487 करोड़ के नए यात्री टर्मिनल व मैत्री द्वार का उद्घाटन किया।
- पेट्रापोल दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा भूमि पत्तन है और दोनों देशों के बीच कुल थल व्यापार का लगभग 70% इसी मार्ग से होता है।
- भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत एक सांविधिक निकाय है जिसकी स्थापना LPAI अधिनियम 2010 के तहत हुई थी।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने वडोदरा में देश की पहली निजी सैन्य विमान असेंबली लाइन का उद्घाटन किया।
- C-295 सौदे के अंतर्गत कुल 56 विमानों में से 16 स्पेन से आएंगे और 40 विमानों का निर्माण टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा वडोदरा में किया जाएगा।
भारत ने रक्षा विनिर्माण, सीमा अधोसंरचना और रणनीतिक आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में तीन महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने तीनों सेनाओं के आधुनिकीकरण के लिए ₹2.12 लाख करोड़ के बड़े पूंजीगत प्रस्तावों को ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (Acceptance of Necessity - AoN) प्रदान की है। वहीं, भारत-बांग्लादेश सीमा पर दक्षिण एशिया के सबसे बड़े भूमि पत्तन पेट्रापोल में आधुनिक यात्री टर्मिनल भवन और ‘मैत्री द्वार’ कार्गो गेट का लोकार्पण किया गया। इसके अतिरिक्त, गुजरात के वडोदरा में भारत के पहले निजी सैन्य विमान विनिर्माण संयंत्र का संयुक्त उद्घाटन संपन्न हुआ। ये सभी घटनाक्रम राष्ट्रीय सुरक्षा, मेक इन इंडिया और सीमा प्रबंधन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
1. रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने ₹2.12 लाख करोड़ के रक्षा खरीद प्रस्तावों को दी मंजूरी
क्या हुआ?
रक्षा मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित रक्षा अधिग्रहण परिषद की उच्चस्तरीय बैठक में भारतीय थलसेना, नौसेना और वायुसेना के लिए लगभग ₹2,12,000 करोड़ मूल्य के पूंजीगत खरीद प्रस्तावों को AoN की मंजूरी दी गई। इस कुल मूल्य का लगभग 82 प्रतिशत उपकरण और प्रणालियाँ घरेलू भारतीय रक्षा उद्योग से ‘मेक इन इंडिया’ श्रेणी के तहत अधिगृहीत की जाएँगी।
प्रमुख स्वीकृत प्रणालियाँ
- थलसेना: हाई मोबिलिटी व्हीकल्स (HMV), सेल्फ-प्रोपेल्ड ट्रैक्ड गन सिस्टम (जैसे K-9 वज्र श्रेणी), गन शॉट रिस्पॉन्स सिस्टम (GSRS), बहुत कम दूरी की वायु रक्षा प्रणाली (VSHORADS), और प्लेटफॉर्म-आधारित काउंटर-ड्रोन प्रणाली (C-UAS)। इसके अलावा लंबी दूरी के कामिकेज़ ड्रोन और टोही मानवरहित हवाई वाहन (UAV) भी शामिल हैं।
- नौसेना: आधुनिक एंटी-शिप मिसाइलों से युद्धपोतों की रक्षा हेतु एक्टिव ऑफबोर्ड डिकॉय सिस्टम (AODS) और अगली पीढ़ी के उन्नत नौसैनिक पोतों का स्वदेशी निर्माण।
- वायुसेना व थलसेना: टोही, निगरानी, खोज-बचाव (SAR) तथा आपदा राहत अभियानों के लिए नए ‘लाइट मल्टी-रोल हेलिकॉप्टर’ (LMRH) की खरीद।
पृष्ठभूमि एवं रणनीतिक महत्व
रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) रक्षा मंत्रालय की शीर्ष नीति-निर्माण और खरीद स्वीकृति संस्था है, जिसका गठन 2001 में कारगिल समीक्षा समिति और सुरक्षा सुधारों पर मंत्री समूह (GoM) की सिफारिश पर हुआ था। AoN प्राप्त होना किसी रक्षा खरीद प्रक्रिया का पहला औपचारिक विधिक चरण होता है, जिसके बाद निविदा (RFP) जारी की जाती है।
2. दक्षिण एशिया के सबसे बड़े भूमि पत्तन पेट्रापोल में ‘मैत्री द्वार’ व नए पैसेंजर टर्मिनल का उद्घाटन
क्या हुआ?
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित भारत-बांग्लादेश सीमा पर पेट्रापोल लैंड पोर्ट में ₹487 करोड़ की लागत से निर्मित नए यात्री टर्मिनल भवन और ‘मैत्री द्वार’ (समर्पित कार्गो गेट) का औपचारिक उद्घाटन किया। इसका निर्माण भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (Land Ports Authority of India - LPAI) द्वारा किया गया है।
पेट्रापोल का आर्थिक व भू-रणनीतिक महत्व
- व्यापार की जीवनरेखा: पेट्रापोल-बेनापोल सीमा चौकी भारत और बांग्लादेश के बीच थल मार्ग से होने वाले कुल व्यापार के लगभग 70% (मूल्य के आधार पर) का संचालन करती है।
- विशाल यात्री क्षमता: यह भारत का 8वां सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय आव्रजन केंद्र है, जहाँ से प्रतिवर्ष 23.5 लाख से अधिक यात्रियों की आवाजाही होती है। नया 59,800 वर्ग मीटर में फैला टर्मिनल प्रतिदिन 20,000 यात्रियों को संभालने में सक्षम है।
- मैत्री द्वार का प्रभाव: समर्पित कार्गो गेट ‘मैत्री द्वार’ से सीमा पर ट्रकों और मालवाहक वाहनों की लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी तथा सीमा-पार व्यापार की लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी।
परीक्षा उपयोगी तथ्य
भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) की स्थापना ‘भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 2010’ के अंतर्गत केंद्रीय गृह मंत्रालय के सीमा प्रबंधन विभाग के अधीन एक सांविधिक निकाय के रूप में की गई थी। वर्तमान में देश में 12 एकीकृत चेक पोस्ट/भूमि पत्तन कार्यरत हैं तथा भविष्य में 23 अन्य पत्तन विकसित करने की योजना है।
3. वडोदरा में देश के पहले निजी सैन्य विमान निर्माण संयंत्र (C-295) का शुभारंभ
क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ ने संयुक्त रूप से गुजरात के वडोदरा स्थित टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) परिसर में ‘टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स’ का उद्घाटन किया। यह भारत में सैन्य विमानों के निर्माण के लिए निजी क्षेत्र की पहली ‘फाइनल असेंबली लाइन’ (FAL) है।
परियोजना का स्वरूप और विशेषताएं
- 56 विमानों का अनुबंध: सितंबर 2021 में भारतीय वायुसेना के पुराने पड़ चुके एवरो-748 (Avro-748) परिवहन बेड़े को बदलने के लिए एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (स्पेन) के साथ ₹21,935 करोड़ का अनुबंध हस्ताक्षरित हुआ था।
- निर्माण का विभाजन: कुल 56 C-295MW विमानों में से 16 विमान एयरबस द्वारा स्पेन के सेविले संयंत्र से ‘फ्लाई-अवे’ स्थिति में सीधे वितरित किए जा रहे हैं, जबकि शेष 40 विमानों का पूर्ण निर्माण व असेंबली वडोदरा स्थित TASL कारखाने में होगी।
- समय-सीमा: भारत में निर्मित पहला C-295 विमान सितंबर 2026 तक रोल-आउट होने की संभावना है, जबकि अगस्त 2031 तक सभी 40 विमानों की आपूर्ति पूरी की जाएगी।
- पारिस्थितिकी तंत्र: इस संयंत्र में विमान के 13,000 से अधिक कलपुर्जे घरेलू स्तर पर निर्मित होंगे, जिससे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) सहित सैकड़ों MSME इकाइयों को आपूर्ति शृंखला का लाभ मिलेगा।
महत्वपूर्ण तुलनात्मक अवलोकन
| परियोजना / पहल | नोडल निकाय / साझीदार | मुख्य उद्देश्य व क्षमता | रणनीतिक उपलब्धि |
|---|---|---|---|
| ₹2.12 लाख करोड़ DAC स्वीकृति | रक्षा मंत्रालय (तीनों सेनाएँ) | आर्टिलरी गन, HMV, VSHORADS, LMRH, ड्रोन | 82% स्वदेशी खरीद, आत्मनिर्भरता 2.0 की दिशा में प्रगति |
| पेट्रापोल यात्री टर्मिनल व मैत्री द्वार | LPAI, गृह मंत्रालय | प्रतिदिन 20,000 यात्री क्षमता, सुगम कार्गो आवाजाही | दक्षिण एशिया के सबसे बड़े लैंड पोर्ट का आधुनिकीकरण |
| C-295 विमान संयंत्र (वडोदरा) | टाटा (TASL) व एयरबस (स्पेन) | 40 सैन्य परिवहन विमानों का स्वदेशी विनिर्माण | रक्षा विमानन क्षेत्र में देश की पहली निजी फाइनल असेंबली लाइन |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| DAC के पदेन अध्यक्ष | केंद्रीय रक्षा मंत्री |
|---|---|
| DAC की स्थापना का वर्ष | 2001 (कारगिल समीक्षा समिति की सिफारिश पर) |
| पेट्रापोल टर्मिनल की निर्माण लागत | ₹487 करोड़ |
| LPAI की स्थापना | 2012 (LPAI अधिनियम 2010 के तहत) |
| C-295 विमान सौदे की कुल संख्या | 56 विमान (16 फ्लाई-अवे + 40 मेक इन इंडिया) |
| भारत में निर्मित पहला C-295 रोल-आउट लक्ष्य | सितंबर 2026 |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 रक्षा खरीद प्रक्रिया में ‘आवश्यकता की स्वीकृति’ (Acceptance of Necessity - AoN) प्रदान करने वाली शीर्ष संस्था कौन-सी है?
Q2 दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा भूमि पत्तन (Land Port) ‘पेट्रापोल’ भारत के किस राज्य में स्थित है?
Q3 टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड (TASL) द्वारा C-295 सैन्य परिवहन विमानों के निर्माण हेतु देश की पहली निजी फाइनल असेंबली लाइन कहाँ स्थापित की गई है?
Q4 भारतीय भूमि पत्तन प्राधिकरण (LPAI) किस केंद्रीय मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत एक सांविधिक निकाय है?
Q5 C-295 परिवहन विमान परियोजना के तहत कुल कितने विमानों का निर्माण भारत में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स द्वारा किया जाएगा?







