राष्ट्रीय

मुद्रा योजना में ‘तरुण प्लस’ श्रेणी शुरू, ₹6,798 करोड़ की रेल परियोजनाएँ और IBC पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला

केंद्र सरकार ने मुद्रा ऋण सीमा बढ़ाकर ₹20 लाख की, कैबिनेट ने बिहार-आंध्र के लिए रेल व अंतरिक्ष फंड मंजूर किया और सुप्रीम कोर्ट ने IBC प्रक्रिया पर अहम फैसला सुनाया।

⭐ मुख्य बिंदु

  • वित्त मंत्रालय ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के अंतर्गत ऋण की अधिकतम सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख की。
  • मुद्रा योजना में ‘तरुण प्लस’ नाम से एक नई श्रेणी जोड़ी गई है, जो ₹10 लाख से ₹20 लाख तक के ऋण प्रदान करेगी。
  • ‘तरुण प्लस’ का लाभ केवल उन उद्यमियों को मिलेगा जिन्होंने पूर्ववर्ती ‘तरुण’ ऋण का समय पर भुगतान किया है。
  • CCEA ने बिहार और आंध्र प्रदेश-तेलंगाना में अवसंरचना सुदृढ़ीकरण हेतु ₹6,798 करोड़ की दो रेल परियोजनाएँ स्वीकृत कीं。
  • आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती को जोड़ने के लिए कृष्णा नदी पर 3.2 किलोमीटर लंबे नए रेल पुल का निर्माण किया जाएगा。
  • अंतरिक्ष क्षेत्र के स्टार्टअप्स के लिए IN-SPACe के तत्वावधान में ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड मंजूर हुआ。
  • सुप्रीम कोर्ट ने Byju’s मामले में व्यवस्था दी कि NCLAT नियम 11 की अंतर्निहित शक्तियों से IBC धारा 12A को दरकिनार नहीं कर सकता。
  • शीर्ष अदालत ने कहा कि कॉर्पोरेट दिवाला प्रक्रिया शुरू होने के बाद यह सभी लेनदारों का सामूहिक अधिकार बन जाता है।

भारत सरकार एवं न्यायपालिका द्वारा देश के आर्थिक, बुनियादी ढाँचा और विधिक परिदृश्य को गति देने के लिए कई दूरगामी कदम उठाए गए हैं। वित्त मंत्रालय ने लघु उद्यमियों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के दायरे को दोगुना कर दिया है, वहीं केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रणनीतिक रेल परियोजनाओं और अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए वेंचर कैपिटल फंड को हरी झंडी दी है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया पर ऐतिहासिक व्यवस्था दी है。

1. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY): ऋण सीमा बढ़कर ₹20 लाख, नई श्रेणी ‘तरुण प्लस’ अधिसूचित

क्या हुआ?

वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (DFS) ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत ऋण की अधिकतम सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख करने की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। यह निर्णय केंद्रीय बजट 2024-25 की घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इसके साथ ही योजना में एक नई श्रेणी ‘तरुण प्लस’ (Tarun Plus) जोड़ी गई है, जिसके तहत ₹10 लाख से अधिक और ₹20 लाख तक के संपार्श्विक-मुक्त (collateral-free) ऋण उपलब्ध कराए जाएंगे。

मुख्य पात्रता एवं शर्तें

  • पात्रता: ‘तरुण प्लस’ श्रेणी का लाभ केवल उन्हीं उद्यमियों को मिलेगा, जिन्होंने पूर्व में ‘तरुण’ श्रेणी (₹5 लाख से ₹10 लाख) का ऋण लिया हो और उसका समय पर सफलतापूर्वक पुनर्भुगतान किया हो। नए आवेदक सीधे इस श्रेणी में आवेदन नहीं कर सकते।
  • क्रेडिट गारंटी: ₹20 लाख तक के इन संवर्धित ऋणों को ‘क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स’ (CGFMU) के तहत 100% गारंटी कवरेज प्रदान किया जाएगा।

पृष्ठभूमि और सांख्यिकी जुड़ाव

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना की शुरुआत 8 अप्रैल 2015 को सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि आय सृजन गतिविधियों के लिए संस्थागत ऋण उपलब्ध कराने हेतु की गई थी। योजना का मूल ध्येय ‘फंडिंग द अनफंडेड’ (Funding the Unfunded) है। अब तक इसमें तीन श्रेणियां थीं: शिशु (₹50,000 तक), किशोर (₹50,000 से ₹5 लाख) और तरुण (₹5 लाख से ₹10 लाख)।”तरुण प्लस” के आने से अब श्रेणियों की संख्या चार हो गई है।

2. कैबिनेट के बड़े फैसले: ₹6,798 करोड़ की रेल परियोजनाएँ और अंतरिक्ष के लिए ₹1,000 करोड़ का VC फंड

रेलवे अवसंरचना विकास

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने ₹6,798 करोड़ की अनुमानित लागत वाली दो प्रमुख बहु-ट्रैकिंग और नई लाइन रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी:

  1. बिहार में रेल दोहरीकरण: नरकटियागंज-रक्सौल-सीतामढ़ी-दरभंगा और सीतामढ़ी-मुजफ्फरपुर खंड (256 किलोमीटर) का दोहरीकरण। यह परियोजना नेपाल सीमा, पूर्वोत्तर भारत और आकांक्षी जिलों (सीतामढ़ी एवं मुजफ्फरपुर) के बीच कनेक्टिविटी को अत्यधिक मजबूत करेगी।
  2. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में नई लाइन: एर्रूपालम-अमरावती-नाम्बूर खंड पर 57 किलोमीटर लंबी नई ब्रॉड-गेज लाइन का निर्माण। इसके अंतर्गत कृष्णा नदी पर 3.2 किमी लंबा प्रमुख रेलवे पुल बनाया जाएगा, जिससे आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती सीधे राष्ट्रीय रेल ग्रिड (चेन्नई, हैदराबाद, कोलकाता व दिल्ली) से जुड़ेगी।

अंतरिक्ष स्टार्टअप्स के लिए ₹1,000 करोड़ का वेंचर कैपिटल फंड

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने IN-SPACe (भारतीय राष्ट्रीय अंतरिक्ष संवर्धन और प्राधिकरण केंद्र) के तत्वावधान में अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए ₹1,000 करोड़ के वेंचर कैपिटल फंड (VCF) की स्थापना को मंजूरी दी। इसका संचालन 5 वर्षों तक किया जाएगा, जिसमें प्रति वर्ष औसतन ₹150 से ₹250 करोड़ का निवेश होगा। इस फंड के माध्यम से लगभग 40 उभरते अंतरिक्ष स्टार्टअप्स को ₹10 करोड़ से ₹60 करोड़ की इक्विटी पूंजी प्रदान की जाएगी, ताकि भारत 2033 तक 44 बिलियन डॉलर की अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल कर सके。

3. कॉर्पोरेट दिवाला पर सुप्रीम कोर्ट की नजीर: NCLAT की मनमानी शक्तियों पर अंकुश

क्या था मामला?

सुप्रीम कोर्ट की तीन सदस्यीय पीठ (भारत के मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा) ने GLAS Trust Company LLC बनाम Byju Raveendran मामले में ऐतिहासिक निर्णय सुनाया। न्यायालय ने राष्ट्रीय कंपनी कानून अपीलीय न्यायाधिकरण (NCLAT) के उस आदेश को निरस्त कर दिया, जिसके तहत एडटेक कंपनी Byju’s (थिंक एंड लर्न) और BCCI के बीच ₹158 करोड़ के द्विपक्षीय समझौते को स्वीकार कर कॉर्पोरेट दिवाला समाधान प्रक्रिया (CIRP) को समाप्त कर दिया गया था。

सुप्रीम कोर्ट के महत्वपूर्ण निष्कर्ष

  • प्रक्रिया को दरकिनार नहीं किया जा सकता: शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया कि NCLAT नियम 11 के तहत प्रदत्त ‘अंतर्निहित शक्तियों’ (Inherent Powers) का उपयोग दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (IBC), 2016 की धारा 12A और CIRP विनियम 30A में दी गई वैधानिक प्रक्रिया को नजरअंदाज करने के लिए नहीं कर सकता।
  • सामूहिक लेनदारों का हित सर्वोपरि: न्यायालय ने व्यवस्था दी कि एक बार जब राष्ट्रीय कंपनी कानून न्यायाधिकरण (NCLT) द्वारा किसी कंपनी के विरुद्ध दिवाला याचिका स्वीकार कर ली जाती है, तो वह कार्यवाही केवल दो पक्षों का व्यक्तिगत विवाद नहीं रह जाती, बल्कि वह सभी लेनदारों (वित्तीय और परिचालन) के सामूहिक हितों (Collective Proceeding) की प्रक्रिया बन जाती है।
  • समाधान राशि पर आदेश: सुप्रीम कोर्ट ने BCCI को निर्देश दिया कि समझौते के तहत प्राप्त ₹158 करोड़ की राशि को लेनदारों की समिति (CoC) के एस्क्रो खाते में जमा कराया जाए।”

प्रतियोगी परीक्षा के लिए त्वरित तुलना

योजना / निर्णयनोडल निकाय / मंत्रालयप्रमुख वित्तीय सीमा / लागतमुख्य प्रभाव
PMMY (तरुण प्लस)वित्त मंत्रालय / DFS₹10 लाख से ₹20 लाखसफल उद्यमियों को विस्तार हेतु संपार्श्विक-मुक्त ऋण
अंतरिक्ष VC फंडIN-SPACe / अंतरिक्ष विभाग₹1,000 करोड़40 स्पेस-टेक स्टार्टअप्स को वित्तीय संबल
अमरावती-बिहार रेल विकासरेल मंत्रालय / CCEA₹6,798 करोड़अमरावती कैपिटल कनेक्टिविटी और नेपाल सीमा व्यापार सुगमता
IBC धारा 12A नियमनसुप्रीम कोर्ट / MCAवैधानिक प्रक्रियाNCLAT की अंतर्निहित शक्तियों पर नियंत्रण और लेनदारों की सुरक्षा

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

PMMY की शुरुआत8 अप्रैल 2015
मुद्रा योजना की अधिकतम ऋण सीमा₹20 लाख (तरुण प्लस श्रेणी)
मुद्रा ऋण गारंटी प्रदाताक्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स (CGFMU)
अंतरिक्ष वेंचर कैपिटल फंड₹1,000 करोड़ (IN-SPACe)
स्वीकृत रेल परियोजनाओं का परिव्यय₹6,798 करोड़ (कुल 313 किमी)
IBC लागू होने का वर्ष2016
IBC में दिवाला याचिका वापसी की धाराधारा 12A

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

स्कोर 0 / 5

👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।

Q1 प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत हाल ही में जोड़ी गई ‘तरुण प्लस’ श्रेणी के अंतर्गत अधिकतम ऋण राशि कितनी निर्धारित की गई है?

Q2 केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत अंतरिक्ष क्षेत्र के ₹1,000 करोड़ के वेंचर कैपिटल फंड (VCF) का प्रबंधन किस निकाय के तत्वावधान में किया जाएगा?

Q3 हाल ही में स्वीकृत एर्रूपालम-अमरावती-नाम्बूर नई रेलवे लाइन परियोजना के तहत किस नदी पर 3.2 किलोमीटर लंबे रेलवे पुल का निर्माण किया जाएगा?

Q4 सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में किस मामले में व्यवस्था दी कि NCLAT अपनी अंतर्निहित शक्तियों का उपयोग कर IBC की धारा 12A की वैधानिक प्रक्रिया को नहीं टाल सकता?

Q5 प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) के तहत संवर्धित संपार्श्विक-मुक्त ऋणों को गारंटी कवरेज किसके द्वारा प्रदान की जाती है?

स्रोत