राष्ट्रीय

सुप्रीम कोर्ट की दो पहल: डिजिटल न्याय-तकनीक और न्यायिक कल्याण पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने ई-न्यायिक पहलों के समन्वय के लिए डिजिटल कोर्ट टेक्नोलॉजी कार्यालय शुरू किया और न्यायिक अधिकारियों के कल्याण हेतु स्थायी समिति गठित की। दोनों पहलें न्याय-प्रशासन को अधिक सक्षम, सुलभ और टिकाऊ बनाने से जुड़ी हैं।

⭐ मुख्य बिंदु

  • सुप्रीम कोर्ट की ई-समिति ने 16 अक्टूबर 2026 को DCTO का उद्घाटन किया।
  • DCTO न्यायपालिका की तकनीकी पहलों की योजना, क्रियान्वयन और निगरानी करेगा।
  • यह कार्यालय ई-कोर्ट्स परियोजना के तकनीकी आधार को मजबूत करने से जुड़ा है।
  • मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने 10 अक्टूबर को न्यायिक कल्याण समिति गठित की।
  • न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन इस स्थायी समिति के अध्यक्ष हैं।
  • समिति कार्य-दबाव, स्वास्थ्य, कार्य-जीवन संतुलन और संस्थागत सहायता पर ध्यान देगी।
  • दोनों पहलें न्याय-प्रशासन की तकनीकी और मानवीय क्षमता को मजबूत करने का प्रयास हैं।

अक्टूबर 2026 में सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी दो संस्थागत पहलें राष्ट्रीय महत्व की रहीं। 16 अक्टूबर को ई-समिति ने डिजिटल कोर्ट टेक्नोलॉजी कार्यालय (DCTO) का उद्घाटन किया। इससे पहले, 10 अक्टूबर को न्यायालय ने न्यायिक अधिकारियों के मानसिक और शारीरिक कल्याण पर काम करने के लिए स्थायी समिति गठित की थी। पहली पहल न्याय-व्यवस्था में तकनीकी कामकाज को व्यवस्थित करने पर केंद्रित है, जबकि दूसरी न्यायिक सेवा से जुड़े कार्य-दबाव और स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों को संस्थागत रूप से समझने का प्रयास है।

डिजिटल कोर्ट टेक्नोलॉजी कार्यालय का उद्घाटन

क्या हुआ

भारत के सर्वोच्च न्यायालय की ई-समिति ने 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली स्थित सर्वोच्च न्यायालय परिसर में डिजिटल कोर्ट टेक्नोलॉजी कार्यालय का उद्घाटन किया। इसका उद्घाटन सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश और ई-समिति के अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने किया। कार्यक्रम में ई-समिति के उपाध्यक्ष न्यायमूर्ति अंजनी कुमार मिश्रा और न्याय विभाग के सचिव नीरज वर्मा भी उपस्थित थे।

सुप्रीम कोर्ट की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, DCTO ई-समिति की तकनीक-संबंधी पहलों के नियोजन, क्रियान्वयन, निगरानी और समग्र पर्यवेक्षण के लिए एक केंद्रीकृत प्रशासनिक एवं तकनीकी निकाय के रूप में काम करेगा। यह पहल ई-कोर्ट्स परियोजना के अंतर्गत न्यायपालिका की तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के व्यापक प्रयास का हिस्सा है।

पृष्ठभूमि

न्यायालयों में तकनीक का उपयोग केवल ऑनलाइन सुनवाई तक सीमित नहीं है। इसमें मामलों की इलेक्ट्रॉनिक फाइलिंग, डिजिटल रिकॉर्ड, न्यायालयीन सेवाओं का ऑनलाइन प्रबंधन और प्रक्रियाओं की निगरानी जैसे पहलू भी शामिल हैं। ई-कोर्ट्स परियोजना न्याय-प्रशासन में सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के उपयोग को बढ़ावा देती है। DCTO को इन तकनीकी पहलों के बीच योजना और समन्वय का साझा संस्थागत केंद्र समझा जा सकता है; इसे किसी एक नई ऑनलाइन सेवा या अलग न्यायालय के रूप में नहीं समझना चाहिए।

इस पहल का घोषित उद्देश्य न्याय-प्रशासन में दक्षता, पारदर्शिता और सुलभता को बेहतर बनाने के लिए तकनीकी आधार को मजबूत करना है। केंद्रीकृत निगरानी से विभिन्न परियोजनाओं के कार्यान्वयन और प्रगति पर समन्वित दृष्टि रखने में मदद मिल सकती है। यह संभावित लाभ है; वास्तविक प्रभाव परियोजनाओं के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

  • संस्था: डिजिटल कोर्ट टेक्नोलॉजी कार्यालय सुप्रीम कोर्ट की ई-समिति की पहल है।
  • उद्घाटन: 16 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में हुआ।
  • मुख्य कार्य: न्यायपालिका की तकनीकी पहलों का नियोजन, कार्यान्वयन, निगरानी और पर्यवेक्षण।
  • जुड़ाव: ई-कोर्ट्स परियोजना तथा न्याय-प्रशासन में तकनीक के उपयोग से संबंधित।

न्यायिक कल्याण पर स्थायी समिति गठित

क्या हुआ

10 अक्टूबर 2026 को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के अधीन न्यायिक कल्याण पर स्थायी समिति गठित की। सुप्रीम कोर्ट की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, समिति की अध्यक्षता न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन करेंगे। समिति में मनोचिकित्सा, मनोविज्ञान, वकालत और न्यायालयीन अनुसंधान से जुड़े सदस्य भी शामिल हैं।

समिति का उद्देश्य देशभर के न्यायिक अधिकारियों, विशेषकर जिला न्यायपालिका में कार्यरत अधिकारियों, के पेशेवर और व्यक्तिगत कल्याण से जुड़े मुद्दों पर निरंतर विचार करना है। इसमें कार्य-दबाव, भारी मुकदमा-भार, लंबे कार्य-घंटे, मानसिक एवं शारीरिक थकान, संसाधनों की कमी, स्थानांतरण और कार्य-जीवन संतुलन जैसी चुनौतियों की पहचान शामिल है।

पृष्ठभूमि

न्यायिक अधिकारियों का काम लंबे समय तक चलने वाली सुनवाई, जटिल निर्णय और संवेदनशील मामलों से जुड़ा हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट के अनुसार, समिति का गठन न्यायिक अधिकारियों के कल्याण को न्याय-प्रदाय की प्रभावशीलता और निरंतरता से जोड़कर देखने की दिशा में किया गया है। न्यायालय के Centre for Research and Planning ने जिला न्यायपालिका के अधिकारियों के कल्याण से संबंधित अध्ययन किया था; समिति का काम इस तरह के शोध और संस्थागत हस्तक्षेप के बीच निरंतर मंच उपलब्ध कराना है।

समिति का दायित्व चुनौतियों का अध्ययन करना, जहां संस्थागत कदमों की जरूरत हो उसे पहचानना, कल्याणकारी उपायों में समन्वय को बढ़ावा देना और पहलों की समय-समय पर समीक्षा करना है। इसका उद्देश्य केवल अलग-अलग अस्थायी उपाय नहीं, बल्कि न्यायिक कल्याण के लिए सतत ढांचा विकसित करना है। प्रेस विज्ञप्ति में इस पहल को न्यायिक अधिकारियों के स्वास्थ्य और न्याय-व्यवस्था की क्षमता के बीच संबंध के संदर्भ में प्रस्तुत किया गया है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण

  • गठन की तारीख: 10 अक्टूबर 2026; अवसर विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस।
  • अध्यक्ष: सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन।
  • गठनकर्ता: भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत।
  • कार्य-क्षेत्र: न्यायिक अधिकारियों का कल्याण, कार्य-दबाव, स्वास्थ्य और संस्थागत सहायता।
  • संबंधित अध्ययन: सुप्रीम कोर्ट के Centre for Research and Planning का जिला न्यायपालिका-केंद्रित शोध।

दोनों पहलों का व्यापक महत्व

इन पहलों को न्याय-प्रशासन के दो पूरक पक्षों के रूप में समझा जा सकता है। DCTO तकनीकी पहलों के समन्वय और निगरानी के लिए संस्थागत व्यवस्था बनाता है; स्थायी समिति न्यायिक अधिकारियों के कार्य-परिवेश और कल्याण से जुड़े सवालों पर नियमित ध्यान देने का मंच देती है। एक ओर प्रक्रियाओं और तकनीकी आधार को मजबूत करने का लक्ष्य है, दूसरी ओर उन अधिकारियों की क्षमता और स्वास्थ्य को महत्व दिया गया है जो न्यायिक प्रणाली चलाते हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं में इन खबरों को ई-गवर्नेंस, न्यायिक सुधार, ई-कोर्ट्स, जिला न्यायपालिका और न्याय तक पहुंच जैसे विषयों से जोड़कर पढ़ना उपयोगी होगा। उत्तर लिखते समय घोषित उद्देश्य और संभावित परिणाम में अंतर रखना चाहिए: कार्यालय और समिति का गठन तथ्य है, जबकि पारदर्शिता, दक्षता या बेहतर कार्य-परिवेश में कितना सुधार होगा, यह उनके काम और क्रियान्वयन से तय होगा। दोनों पहलों का साझा संदेश है कि प्रभावी न्याय-व्यवस्था के लिए तकनीकी क्षमता के साथ मानवीय और संस्थागत पक्ष पर भी ध्यान आवश्यक है।

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

DCTO उद्घाटन16 अक्टूबर 2026
DCTO की पहलसुप्रीम कोर्ट की ई-समिति
DCTO का प्रमुख दायित्वतकनीकी पहलों का नियोजन, क्रियान्वयन, निगरानी और पर्यवेक्षण
न्यायिक कल्याण समिति गठन10 अक्टूबर 2026
समिति अध्यक्षन्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन
समिति गठनकर्तामुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 डिजिटल कोर्ट टेक्नोलॉजी कार्यालय (DCTO) किसकी पहल है?

Q2 DCTO का मुख्य कार्य किससे संबंधित है?

Q3 DCTO का उद्घाटन किस तारीख को हुआ?

Q4 न्यायिक कल्याण पर स्थायी समिति के अध्यक्ष कौन हैं?

Q5 न्यायिक कल्याण समिति का गठन किस अवसर पर घोषित हुआ?

स्रोत