अंतरराष्ट्रीय

रायसीना मिडिल ईस्ट 2026 और मालदीव को करेंसी स्वैप रोलओवर: भारत की बहुपक्षीय कूटनीति

विदेश मंत्री जयशंकर की यूएई यात्रा और रायसीना मिडिल ईस्ट फोरम में संबोधन; भारत ने मालदीव के लिए ₹3,000 करोड़ के करेंसी स्वैप रोलओवर को दी मंजूरी।

⭐ मुख्य बिंदु

  • विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक यूएई की आधिकारिक यात्रा की और व्यापक रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा की।
  • अबू धाबी में 'रायसीना मिडिल ईस्ट' के दूसरे संस्करण में भारत ने वैश्विक व्यवस्था में संरचनात्मक सुधारों और रणनीतिक विकल्पों पर ज़ोर दिया।
  • भारत ने मालदीव के अनुरोध पर ₹3,000 करोड़ (30 अरब रुपये) की करेंसी स्वैप सुविधा के पहले रोलओवर को मंज़ूरी दी।
  • यह करेंसी स्वैप आरबीआई और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण के बीच सार्क करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क (2024–27) के तहत संचालित है।
  • करेंसी स्वैप रोलओवर से मालदीव के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होगा और अल्पकालिक वित्तीय स्थिरता मिलेगी।
  • रायसीना डायलॉग का अंतरराष्ट्रीय संस्करण पश्चिम एशिया और भारत के बीच कनेक्टिविटी व सुरक्षा संवाद को सशक्त करता है।
  • भारत की 'पड़ोसी प्रथम' और 'सागर' (SAGAR) नीतियां हिंद महासागर क्षेत्र के आर्थिक स्थायित्व में केंद्रीय भूमिका निभा रही हैं।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों के मोर्चे पर भारत ने पश्चिम एशिया और हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को और प्रगाढ़ किया है। 14 से 16 अक्टूबर 2026 के दौरान विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा संपन्न हुई, जहाँ उन्होंने अबू धाबी में 'रायसीना मिडिल ईस्ट' के दूसरे संस्करण को संबोधित किया और भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी (Comprehensive Strategic Partnership) की प्रगति की समीक्षा की। वहीं दूसरी ओर, भारत ने 'पड़ोसी प्रथम' नीति के तहत मालदीव की आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने हेतु ₹3,000 करोड़ के मुद्रा विनिमय (Currency Swap) के रोलओवर को मंज़ूरी दी है। प्रतियोगी परीक्षाओं के दृष्टिकोण से इन दोनों कूटनीतिक कदमों का समग्र विश्लेषण नीचे प्रस्तुत है।

1. भारत–यूएई साझेदारी और 'रायसीना मिडिल ईस्ट' फोरम 2026

क्या हुआ?

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने 14 से 16 अक्टूबर 2026 तक संयुक्त अरब अमीरात का आधिकारिक दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अबू धाबी में यूएई के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान के साथ उच्चस्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की। दोनों नेताओं ने व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा और निवेश सहित भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी प्रमुख स्तंभों की प्रगति की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, विदेश मंत्री ने ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) और यूएई विदेश मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित 'रायसीना मिडिल ईस्ट' (Raisina Middle East) फोरम के दूसरे संस्करण में भाग लिया। उन्होंने 'द वर्ल्ड अहेड: पावर, पर्पज एंड पॉसिबिलिटी' (The World Ahead: Power, Purpose & Possibility) शीर्षक वाले प्रमुख मंत्रिस्तरीय सत्र को संबोधित करते हुए वैश्विक शासन सुधार और पश्चिम एशिया में बहुध्रुवीय सहयोग पर बल दिया।

पृष्ठभूमि एवं कूटनीतिक संदर्भ

रायसीना डायलॉग भारत का प्रमुख भू-राजनीतिक सम्मेलन है, जिसकी शुरुआत 2016 में नई दिल्ली में हुई थी। इसके प्रभाव का विस्तार करते हुए भारत और यूएई ने पश्चिम एशियाई प्राथमिकताओं पर संवाद स्थापित करने के उद्देश्य से 'रायसीना मिडिल ईस्ट' की शुरुआत की। वर्तमान में पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनावों, समुद्री व्यापार सुरक्षा चुनौतियों और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं के पुनर्गठन के बीच भारत की यह कूटनीतिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। भारत और यूएई के बीच वर्ष 2022 में लागू हुआ व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर के पार ले जाने की दिशा में अग्रसर है।

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • रणनीतिक बहुपक्षवाद: जयशंकर ने वैश्विक मंचों और बहुपक्षीय संस्थाओं (विशेषकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद) में त्वरित सुधार की वकालत की।
  • लघु-पक्षीय समूह (Minilaterals): I2U2 (भारत, इज़राइल, यूएई, अमेरिका) और IMEEC (भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारा) के संदर्भ में भारत-यूएई सहयोग वैश्विक कनेक्टिविटी की धुरी बन चुका है।
  • सह-आयोजक: रायसीना डायलॉग का आयोजन भारतीय विदेश मंत्रालय और गैर-सरकारी थिंक टैंक ऑब्जर्वर रिसर्च फाउंडेशन (ORF) द्वारा संयुक्त रूप से किया जाता है।

2. भारत द्वारा मालदीव के ₹3,000 करोड़ करेंसी स्वैप का रोलओवर स्वीकृत

क्या हुआ?

विदेश मंत्रालय (MEA) ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि भारत सरकार ने मालदीव सरकार के औपचारिक अनुरोध को स्वीकार करते हुए ₹3,000 करोड़ (30 बिलियन भारतीय रुपये) की मुद्रा विनिमय सुविधा (Currency Swap Facility) के प्रथम रोलओवर (Rollover) को 23 अक्टूबर 2026 से प्रभावी करने की स्वीकृति दे दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि यह कदम मालदीव में विदेशी मुद्रा तरलता संकट को दूर करने और उसकी वित्तीय स्थिरता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से उठाया गया है।

पृष्ठभूमि एवं तकनीकी ढांचा

मालदीव की अर्थव्यवस्था विदेशी मुद्रा भंडार की कमी और बाहरी ऋण भुगतान के गंभीर दबाव का सामना कर रही है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) और मालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (MMA) ने सार्क करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क (SAARC Currency Swap Framework 2024–27) के अंतर्गत द्विपक्षीय मुद्रा विनिमय समझौता हस्ताक्षरित किया था। इसके तहत मालदीव को दो विंडोज़ में सहायता दी गई है:

  1. यूएस डॉलर/यूरो विंडो: 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर तक की सीमा।
  2. भारतीय रुपया (INR) विंडो: ₹3,000 करोड़ की सुविधा, जिसकी पहली निकासी अप्रैल 2026 में की गई थी।
"रोलओवर का अर्थ मौजूदा ऋण सुविधा की परिपक्वता अवधि को आगे बढ़ाना है, जिससे प्राप्तकर्ता देश को तुरंत पुनर्भुगतान का दबाव झेले बिना अल्पकालिक भुगतान संतुलन (Balance of Payments) संकट से उबरने में मदद मिलती है।"

परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु

  • सार्क करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क: इसकी शुरुआत आरबीआई द्वारा 15 नवंबर 2012 को दक्षिण एशियाई देशों में अल्पकालिक विदेशी मुद्रा तरलता आवश्यकताओं और भुगतान संतुलन संकट को पाटने के लिए की गई थी।
  • सागर (SAGAR) दृष्टिकोण: यह निर्णय भारत की Security and Growth for All in the Region (SAGAR) नीति और 'नेबरहुड फर्स्ट' (Neighborhood First) नीति के अनुरूप हिंद महासागर में शुद्ध सुरक्षा प्रदाता एवं आर्थिक साझेदार के रूप में भारत की भूमिका को पुष्ट करता है।
  • स्थानीय मुद्रा व्यापार: आरबीआई और मालदीव ने भारतीय रुपये (INR) और मालदीवियन रूफिया (MVR) में द्विपक्षीय व्यापार निपटान हेतु भी समझौता ढांचा विकसित किया है, जिससे डॉलर पर निर्भरता कम होगी।

3. तुलनात्मक परीक्षा अवलोकन: भारत की कूटनीतिक पहल

पहल / समझौताभागीदार देश / संस्थानोडल एजेंसी / मंचमुख्य उद्देश्य
रायसीना मिडिल ईस्ट 2026संयुक्त अरब अमीरात (UAE)विदेश मंत्रालय (MEA) एवं ORFपश्चिम एशिया में सुरक्षा, भू-राजनीति और आर्थिक एकीकरण पर संवाद
₹3,000 करोड़ स्वैप रोलओवरमालदीवभारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) व MMAविदेशी मुद्रा तरलता सहायता और भुगतान संतुलन का प्रबंधन
CEPA कार्यान्वयनयूएईवाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालयगैर-तेल द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक बढ़ाना

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

सार्क करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क प्रारंभ15 नवंबर 2012 (RBI द्वारा)
मालदीव के लिए स्वीकृत स्वैप आकार400 मिलियन डॉलर + ₹3,000 करोड़ (INR)
रायसीना डायलॉग की स्थापनावर्ष 2016 (नई दिल्ली)
भारत-यूएई CEPA प्रभावी वर्ष1 मई 2022
मालदीव का केंद्रीय बैंकमालदीव मौद्रिक प्राधिकरण (MMA)

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 अक्टूबर 2026 में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने किस देश में आयोजित 'रायसीना मिडिल ईस्ट' के दूसरे संस्करण में भाग लिया?

Q2 हाल ही में भारत सरकार ने किस पड़ोसी देश के लिए ₹3,000 करोड़ की करेंसी स्वैप सुविधा के पहले रोलओवर को मंज़ूरी दी है?

Q3 भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा 'सार्क करेंसी स्वैप फ्रेमवर्क' (SAARC Currency Swap Framework) का संचालन किस वर्ष प्रारंभ किया गया था?

Q4 भू-राजनीतिक सम्मेलन 'रायसीना डायलॉग' (Raisina Dialogue) का आयोजन विदेश मंत्रालय किस संस्था के साथ मिलकर करता है?

Q5 भारत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA) किस वर्ष लागू हुआ था?

स्रोत