म्यूचुअल फंड के लिए सेबी का नेट सेटलमेंट तंत्र और ₹14,500 करोड़ की स्टोरेज VGF योजना
सेबी ने म्यूचुअल फंडों हेतु नेट सेटलमेंट फ्रेमवर्क पेश किया और केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 92 GWh ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF योजना को मंज़ूरी दी।
⭐ मुख्य बिंदु
- सेबी ने म्यूचुअल फंडों के लिए नकदी बाज़ार में लेन-देन दायित्वों के निपटान हेतु नेट सेटलमेंट ढाँचा पेश किया है।
- नेट सेटलमेंट से म्यूचुअल फंडों को अनावश्यक नकदी रिज़र्व रखने से मुक्ति मिलेगी और नकदी ड्रैग घटने से रिटर्न सुधरेगा।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF योजना स्वीकृत की।
- ऊर्जा भंडारण योजना में 60 GWh पंप्ड स्टोरेज (PSP) और 30 GWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शामिल हैं।
- BESS परियोजनाओं में स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए घरेलू सामग्री आवश्यकता (DCR) अनिवार्य की गई है।
- ऊर्जा भंडारण योजना से लगभग ₹97,600 करोड़ का कुल घरेलू व निजी पूंजी निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है।
- राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) ने RINL की ज़मीनों की नीलामी के दूसरे चरण में ₹218 करोड़ का राजस्व अर्जित किया।
भारतीय वित्तीय और अवसंरचना बाज़ार को अधिक सुदृढ़, गतिशील और तरल बनाने की दिशा में हाल ही में दो बड़े नीतिगत सुधार किए गए हैं। एक ओर बाज़ार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने नकदी बाज़ार में म्यूचुअल फंडों के लिए लेन-देन लागत घटाने हेतु ‘नेट सेटलमेंट फ्रेमवर्क’ (Net Settlement Framework) लागू किया है, वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने स्वच्छ ऊर्जा ग्रिड को स्थिरता प्रदान करने के लिए ₹14,500 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (VGF) योजना को मंज़ूरी दी है। इसके साथ ही राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) ने अधिशेष सार्वजनिक संपत्तियों के मुद्रीकरण में नई सफलता हासिल की है।
1. म्यूचुअल फंड हेतु सेबी का नया ‘नेट सेटलमेंट फ्रेमवर्क’
क्या हुआ?
SEBI ने नकदी बाज़ार (Cash Market Segment) में म्यूचुअल फंड योजनाओं द्वारा निष्पादित लेन-देन के लिए फंड के नेट सेटलमेंट की एक नई व्यवस्था अधिसूचित की है। इस तंत्र के तहत एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMCs) को अपनी विभिन्न योजनाओं के बीच फंड ‘पे-इन’ (भुगतान देनदारी) और ‘पे-आउट’ (प्राप्ति देनदारी) दायित्वों को आपस में समायोजित (Offset) करने की सुविधा मिल गई है।
पृष्ठभूमि व महत्व
अब तक म्यूचुअल फंड योजनाओं को अपने खरीद-बिक्री सौदों का निपटान योजना-वार सकल (Gross) आधार पर करना पड़ता था। इसका अर्थ यह था कि यदि किसी फंड हाउस की एक स्कीम शेयर खरीद रही थी और दूसरी स्कीम शेयर बेच रही थी, तो दोनों को अलग-अलग पूरा धन देना और लेना पड़ता था। इसके कारण फंड प्रबंधकों को केवल निपटान दायित्व पूरा करने के लिए बड़ी मात्रा में नकदी (Idling Cash) रिज़र्व रखनी पड़ती थी, जिससे ‘कैश ड्रैग’ (Cash Drag) के कारण समग्र रिटर्न पर नकारात्मक असर पड़ता था। नेट सेटलमेंट से कार्यशील पूंजी की आवश्यकता घटेगी, लेन-देन लागत कम होगी और निवेशकों के रिटर्न में सुधार होगा।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- नियामक: SEBI (स्थापना 1988, वैधानिक दर्जा 1992 में सेबी अधिनियम के तहत)।
- निपटान चक्र: भारत में इक्विटी बाज़ार में वर्तमान में T+1 निपटान चक्र लागू है (और चुनिंदा शेयरों में T+0 का परीक्षण चल रहा है)।
- क्लियरिंग कॉरपोरेशन: इस नेटिंग प्रक्रिया का प्रबंधन क्लियरिंग कॉरपोरेशन (जैसे NCL और ICCL) द्वारा किया जाएगा।
2. ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज हेतु ₹14,500 करोड़ की VGF योजना
क्या हुआ?
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 की अवधि के लिए ₹14,500 करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) के विकास हेतु व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (Viability Gap Funding - VGF) योजना को मंज़ूरी दी है।
योजना के मुख्य प्रावधान
- कुल भंडारण लक्ष्य: यह योजना देश भर में कुल 92 गीगावाट-घंटे (GWh) क्षमता के ऊर्जा भंडारण ढाँचे को समर्थन देगी।
- तकनीकी विभाजन: इसमें 60 GWh क्षमता ‘हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज प्रोजेक्ट्स’ (PSP), 30 GWh क्षमता ‘बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम’ (BESS), और 2 GWh क्षमता उभरती हुई वैकल्पिक भंडारण तकनीकों के लिए आवंटित की गई है।
- अनुमानित निजी निवेश: ₹14,500 करोड़ की सरकारी सहायता के माध्यम से इस क्षेत्र में लगभग ₹97,600 करोड़ का कुल निवेश आकर्षित होने का अनुमान है।
- घरेलू सामग्री अनिवार्यता (DCR): BESS परियोजनाओं के लिए घरेलू उपकरणों के उपयोग को अनिवार्य बनाया गया है, जिससे चीन और अन्य देशों से आयात निर्भरता घटेगी और स्थानीय विनिर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
पृष्ठभूमि एवं आर्थिक महत्व
भारत ने वर्ष 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म बिजली उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है। सौर और पवन ऊर्जा की प्रकृति अस्थायी (Intermittent) होती है—धूप न होने या हवा न चलने पर बिजली आपूर्ति में रुकावट आ सकती है। ग्रिड को 24x7 स्थिर और निर्बाध बिजली प्रदान करने के लिए ऊर्जा भंडारण अपरिहार्य है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अनुसार, भारत को 2031-32 तक 411 GWh ग्रिड-स्केल भंडारण की आवश्यकता होगी, जिसमें यह योजना 170% नई क्षमता वृद्धि का मार्ग प्रशस्त करेगी।
3. NLMC की परिसंपत्ति मुद्रीकरण पहल: विशाखापत्तनम में ₹218 करोड़ का ई-नीलामी राजस्व
क्या हुआ?
केंद्रीय वित्त मंत्रालय के लोक उद्यम विभाग (DPE) के अधीन कार्यरत राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) ने राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL/वाइज़ैग स्टील प्लांट) के भूमि पार्सल की दूसरी चरण की ई-नीलामी सफलतापूर्वक पूरी की। इसमें 114 भूखंडों की नीलामी से कुल ₹218 करोड़ जुटाए गए, जो कि उनके आरक्षित मूल्य (₹184.8 करोड़) से 17.96% अधिक प्रीमियम पर रहे।
राष्ट्रीय मुद्रीकरण पाइपलाइन (NMP) और NLMC
NLMC की स्थापना वर्ष 2022 में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यमों (CPSEs) और अन्य सरकारी एजेंसियों की गैर-प्रमुख (Non-core) भूमि एवं परिसंपत्तियों का पारदर्शी मुद्रीकरण करने के लिए एक पूर्ण स्वामित्व वाली केंद्रीय कंपनी के रूप में की गई थी। इस राजस्व का उपयोग सार्वजनिक निवेश और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने में किया जाता है।
| संस्थान / योजना | नोडल मंत्रालय / संस्था | प्राथमिक उद्देश्य / वित्तीय सीमा |
|---|---|---|
| नेट सेटलमेंट फ्रेमवर्क | SEBI | नकदी बाज़ार में म्यूचुअल फंडों की लेन-देन लागत घटाना व लिक्विडिटी सुधारना |
| एनर्जी स्टोरेज VGF योजना | विद्युत मंत्रालय / केंद्रीय मंत्रिमंडल | ₹14,500 करोड़ VGF से 92 GWh भंडारण क्षमता (कुल निवेश ₹97,600 करोड़) |
| राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) | लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय | CPSEs की गैर-प्रमुख अचल संपत्तियों और अधिशेष भूमि का वाणिज्यिक मुद्रीकरण |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| एनर्जी स्टोरेज VGF योजना परिव्यय | ₹14,500 करोड़ (2026-27 से 2030-31) |
|---|---|
| लक्षित ग्रिड-स्केल स्टोरेज क्षमता | 92 GWh (60 GWh PSP + 30 GWh BESS + 2 GWh अन्य) |
| SEBI का वैधानिक दर्जा | 1992 (सेबी अधिनियम, 1992) |
| NLMC की प्रशासनिक निगरानी | लोक उद्यम विभाग (DPE), वित्त मंत्रालय |
| वर्ष 2031-32 हेतु अनुमानित ESS आवश्यकता | 411 GWh (केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 सेबी द्वारा म्यूचुअल फंडों के लिए नकदी बाज़ार में लागू किए गए ‘नेट सेटलमेंट फ्रेमवर्क’ का मुख्य उद्देश्य क्या है?
Q2 केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंज़ूर ग्रिड-स्केल एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (ESS) VGF योजना का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?
Q3 मंज़ूर एनर्जी स्टोरेज VGF योजना के तहत कुल 92 GWh में से सर्वाधिक क्षमता किस तकनीक के लिए आवंटित की गई है?
Q4 ‘व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण’ (Viability Gap Funding - VGF) का प्राथमिक आर्थिक उद्देश्य क्या होता है?
Q5 राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (NLMC) किस केंद्रीय मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत कार्य करता है?







