ऊर्जा भंडारण हेतु ₹14,500 करोड़ की VGF योजना और क्रिटिकल मिनरल्स पर नीति आयोग-TEXMiN समझौता
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 92 GWh ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण के लिए ₹14,500 करोड़ की VGF योजना मंजूर की; नीति आयोग व TEXMiN ने महत्वपूर्ण खनिजों के लिए मिलाया हाथ।
⭐ मुख्य बिंदु
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 92 GWh क्षमता वाली ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणाली (ESS) हेतु ₹14,500 करोड़ की VGF योजना को मंजूरी दी।
- इस भंडारण क्षमता में 60 GWh हाइड्रो पंप्ड स्टोरेज, 30 GWh बैटरी स्टोरेज और 2 GWh वैकल्पिक प्रौद्योगिकियां शामिल हैं।
- योजना के तहत BESS परियोजनाओं के लिए न्यूनतम 40% अनिवार्य घरेलू सामग्री आवश्यकता (DCR) तय की गई है।
- यह पहल वर्ष 2031-32 तक भारत के 411 GWh राष्ट्रीय भंडारण लक्ष्य को प्राप्त करने में आधारशिला का कार्य करेगी।
- नीति आयोग और TEXMiN (IIT-ISM धनबाद) ने महत्वपूर्ण खनिजों के स्वदेशी नवाचार हेतु आशय पत्र पर हस्ताक्षर किए।
- सहयोग का प्राथमिक उद्देश्य फ्लाई ऐश, रेड मड और ई-कचरे जैसे द्वितीयक स्रोतों से क्रिटिकल खनिजों का निष्कर्षण करना है।
- यह रणनीतिक साझेदारी भारत के नेशनल क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) के उद्देश्यों को सशक्त बनाती है।
भारत ने सतत स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन, ग्रिड स्थिरता और रणनीतिक खनिज सुरक्षा की दिशा में दो निर्णायक वैज्ञानिक व नीतिगत कदम उठाए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में 92 गीगावाट-घंटा (GWh) ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (Grid-Scale Energy Storage Systems) के विकास को गति देने के लिए ₹14,500 करोड़ की व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (Viability Gap Funding - VGF) योजना को स्वीकृति प्रदान की है। इसके साथ ही, नीति आयोग और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के नवाचार केंद्र TEXMiN (IIT-ISM धनबाद) ने भारत के महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों के स्वदेशी मूल्य संवर्धन हेतु आशय पत्र (SoI) पर हस्ताक्षर किए हैं।
1. ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण हेतु ₹14,500 करोड़ की VGF योजना
क्या हुआ?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण प्रणालियों (ESS) के विकास हेतु ₹14,500 करोड़ के कुल वित्तीय परिव्यय वाली VGF योजना को मंजूरी दी है। यह योजना देश भर में कुल 92 GWh की अतिरिक्त भंडारण क्षमता स्थापित करने में वित्तीय सहायता प्रदान करेगी, जिससे लगभग ₹97,600 करोड़ का कुल निवेश आकर्षित होने का अनुमान है।
योजना के प्रमुख तकनीकी घटक
- पंपयुक्त जल भंडारण (Hydro Pumped Storage Projects - PSPs): योजना का सबसे बड़ा हिस्सा यानी 60 GWh जल विद्युत भंडारण परियोजनाओं के लिए निर्धारित किया गया है, जो ग्रिड को त्वरित पीक-लोड संतुलन प्रदान करेगा।
- बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (Battery Energy Storage Systems - BESS): इसके अंतर्गत 30 GWh क्षमता रासायनिक बैटरी प्रणालियों के लिए आरक्षित की गई है।
- वैकल्पिक एवं उभरती प्रौद्योगिकियां: हाइड्रोजन, फ्लो बैटरी तथा थर्मल स्टोरेज जैसी आधुनिक प्रौद्योगिकियों के लिए 2 GWh क्षमता आवंटित की गई है।
- घरेलू सामग्री आवश्यकता (Domestic Content Requirement - DCR): बैटरी भंडारण में विदेशी निर्भरता घटाने के लिए BESS परियोजनाओं में न्यूनतम 40% अनिवार्य घरेलू सामग्री का प्रावधान किया गया है।
पृष्ठभूमि व तकनीकी आवश्यकता
सौर और पवन ऊर्जा जैसे नवीकरणीय स्रोत प्रकृति पर निर्भर होने के कारण परिवर्तनशील (intermittent) होते हैं। जब ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 40-50% से अधिक होती है, तब ग्रिड की आवृत्ति (frequency) और वोल्टेज स्थिरता बनाए रखने के लिए बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता होती है। केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अनुमानों के अनुसार, वर्ष 2031-32 तक भारत को कम से कम 411 GWh ग्रिड भंडारण की आवश्यकता होगी। यह नई VGF योजना वर्तमान ग्रिड भंडारण क्षमता को 170% तक विस्तारित करेगी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- वितरण कंपनियों (DISCOMs) की सहायता: परियोजनाएं सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की वितरण कंपनियों को टैरिफ-आधारित प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से आवंटित की जाएंगी।
- 24×7 राउंड-द-क्लॉक बिजली: यह योजना बेसलोड जीवाश्म ईंधन (कोयला) पर निर्भरता घटाकर दिन में उत्पादित अतिरिक्त सौर ऊर्जा को रात के पीक ऑवर्स में उपलब्ध कराएगी।
2. क्रिटिकल मिनरल्स इकोसिस्टम सुदृढ़ीकरण: नीति आयोग और TEXMiN का रणनीतिक समझौता
क्या हुआ?
नीति आयोग और आईआईटी (आईएसएम) धनबाद में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) समर्थित टेक्नोलॉजी ट्रांसलेशन रिसर्च पार्क—‘TEXMiN’ (Technology Innovation in Exploration & Mining Foundation)—ने महत्वपूर्ण एवं रणनीतिक खनिजों (Critical & Strategic Minerals) के क्षेत्र में अनुसंधान और तकनीकी क्षमता निर्माण हेतु संयुक्त आशय पत्र (SoI) पर हस्ताक्षर किए हैं।
रणनीतिक सहयोग के मुख्य आयाम
- एकीकृत मूल्य श्रृंखला (Integrated Value Chain): केवल खनन (mine-centric) तक सीमित रहने के बजाय यह सहयोग अन्वेषण, प्रसंस्करण, शुद्धिकरण, उन्नत सामग्री निर्माण और पुनर्चक्रण (recycling) की संपूर्ण शृंखला पर केंद्रित है।
- द्वितीयक स्रोतों से खनिज निष्कर्षण: लिथियम, कोबाल्ट, निकल और दुर्लभ मृदा तत्वों (Rare Earth Elements - REEs) को फ्लाई ऐश (fly ash), रेड मड (red mud), माइन टेलिंग्स और ई-कचरे से निकालने की स्वदेशी तकनीकों का विकास किया जाएगा।
- राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन (NCMM) को समर्थन: यह पहल भारत के राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन और आत्मनिर्भर भारत के तकनीकी लक्ष्यों के अनुरूप है।
महत्वपूर्ण खनिजों का भू-रणनीतिक महत्व
ऊर्जा भंडारण बैटरियों (लिथियम, निकल, ग्रेफाइट), इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टरबाइनों (नियोडिमियम, डिस्प्रोसियम) और रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति पर फिलहाल चुनिंदा देशों (जैसे चीन) का एकाधिकार है। भारत ने 30 खनिजों को महत्वपूर्ण (critical) सूची में अधिसूचित किया है। घरेलू स्तर पर औद्योगिक अपशिष्टों और माध्यमिक स्रोतों से इनका निष्कर्षण भारत की भू-आर्थिक संप्रभुता (geoeconomic sovereignty) की रक्षा करेगा।
तुलनात्मक विश्लेषण: ऊर्जा भंडारण प्रौद्योगिकियां
| प्रौद्योगिकी प्रकार | भंडारण अवधि / रिस्पॉन्स टाइम | मुख्य लाभ | चुनौतियां / सीमाएं |
|---|---|---|---|
| पंप्ड स्टोरेज (PSP) | दीर्घकालिक (6-10 घंटे) / मध्यम रिस्पॉन्स | दीर्घ आयुकाल (40-50 वर्ष), कम प्रति यूनिट लागत | भौगोलिक बाधाएं, उच्च प्रारंभिक पूंजी निवेश |
| बैटरी स्टोरेज (BESS) | अल्पकालिक (2-4 घंटे) / मिलिसेकंड रिस्पॉन्स | त्वरित ग्रिड प्रतिक्रिया, मॉड्यूलर एवं लचीली स्थापना | खनिज निर्भरता, सेल का सीमित जीवनकाल (8-12 वर्ष) |
| वैकल्पिक/उभरती तकनीकें | अति दीर्घकालिक (दिन/सप्ताह) | पर्यावरण अनुकूल, न्यूनतम अपक्षरण | उच्च आरएंडडी लागत, प्रारंभिक टीआरएल (TRL) स्तर |
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| VGF योजना कुल वित्तीय परिव्यय | ₹14,500 करोड़ (FY 2026-27 से 2030-31) |
|---|---|
| लक्षित ग्रिड ऊर्जा भंडारण क्षमता | 92 GWh (अनुमानित कुल निवेश ₹97,600 करोड़) |
| BESS हेतु अनिवार्य DCR | न्यूनतम 40% घरेलू सामग्री |
| 2031-32 हेतु राष्ट्रीय ESS लक्ष्य | 411 GWh (केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण अनुसार) |
| TEXMiN का संबद्ध संस्थान | IIT (ISM) धनबाद (DST समर्थित पार्क) |
| भारत द्वारा अधिसूचित क्रिटिकल खनिज | 30 रणनीतिक खनिज |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ₹14,500 करोड़ की VGF योजना के तहत कुल कितनी ग्रिड-स्तरीय ऊर्जा भंडारण क्षमता विकसित करने का लक्ष्य है?
Q2 ऊर्जा भंडारण VGF योजना के अंतर्गत बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली (BESS) के लिए न्यूनतम कितनी प्रतिशत घरेलू सामग्री आवश्यकता (DCR) अनिवार्य की गई है?
Q3 केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) के अनुसार भारत को वर्ष 2031-32 तक कितने ग्रिड-स्तरीय ESS क्षमता की आवश्यकता होगी?
Q4 महत्वपूर्ण और रणनीतिक खनिजों के मूल्य संवर्धन हेतु नीति आयोग ने हाल ही में किस संस्थान के नवाचार केंद्र ‘TEXMiN’ के साथ समझौता किया है?
Q5 नीति आयोग और TEXMiN के बीच हुए समझौते के तहत किन द्वितीयक स्रोतों से महत्वपूर्ण खनिजों के निष्कर्षण पर विशेष बल दिया गया है?







