बिहार विशेष (13 अक्तूबर): बाढ़ राहत DBT की दूसरी किस्त जारी; RTI आयोग से जुड़ा अपडेट
12 अक्तूबर को बाढ़ प्रभावित परिवारों को दूसरी किस्त DBT ट्रांसफर; राज्य सूचना आयोग ने 12 अक्तूबर की सुनवाई का समय बदला। परीक्षा हेतु पृष्ठभूमि व मुख्य तथ्य।
⭐ मुख्य बिंदु
- 12 अक्तूबर 2026 को बाढ़ राहत की दूसरी किस्त DBT के जरिए अंतरित की गई।
- कुल राहत भुगतान 700 करोड़ रुपये से अधिक तक पहुंचने की मीडिया रिपोर्ट आई।
- द्वितीय चरण DBT का शेड्यूल पहले से CM कार्यालय की खबर में 12 अक्तूबर के लिए दर्ज था।
- RTI आयोग ने 12 अक्तूबर को मुख्य आयुक्त की अदालत की सुनवाई का समय 2:30 PM किया।
- DBT से भुगतान में पारदर्शिता व समयबद्धता सुनिश्चित होती है।
- RTI अधिनियम, 2005 में द्वितीय अपील राज्य सूचना आयोग के समक्ष होती है।
- आपदा प्रबंधन में SDRF/NDRF मानकों के अनुसार अनुग्रहिक सहायता दी जाती है।
- बिहार की बाढ़-प्रवण नदियों का ज्ञान परीक्षा के लिए स्थिर GK आधार देता है।
1) बाढ़ राहत: दूसरी किस्त DBT 12 अक्तूबर को जारी
क्या हुआ
बिहार सरकार ने 12 अक्तूबर 2026 को बाढ़ प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में अनुग्रहिक राहत राशि की दूसरी किस्त डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस चरण में लगभग ₹112.14 करोड़ की राशि 1.60 लाख से अधिक परिवारों को अंतरित की गई, जबकि कुल मिलाकर अब तक लगभग ₹726.17 करोड़ 10.37 लाख से अधिक परिवारों तक पहुंच चुका है। यह वितरण मुख्यमंत्री की पूर्व घोषणा के अनुरूप 12 अक्तूबर को किया गया।
घोषणा के समय-सारिणी का आधिकारिक उल्लेख मुख्यमंत्री कार्यालय की खबर में पहले से दर्ज था, जिसमें कहा गया था कि द्वितीय चरण का वितरण 12 अक्तूबर 2026 को किया जाएगा।
पृष्ठभूमि
बिहार में बाढ़ प्रबंधन व राहत कार्य आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 तथा SDRF/NDRF मानकों के तहत चलते हैं। हाल के वर्षों में राज्य सरकार ने राहत भुगतान में देरी कम करने के लिए DBT तंत्र को प्राथमिकता दी है, ताकि लाभ सीधे पात्र खातों में समय पर पहुंचे। इसके लिए जिलों/प्रखंडों में सर्वे, सत्यापन, बैंक खाता सीडिंग और पोर्टलों के माध्यम से अनुमोदन की प्रक्रियाएं अपनाई जाती हैं।
DBT से लीकेज घटते हैं, पारदर्शिता व ऑडिट-ट्रेल बेहतर होती है, तथा भुगतान की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग संभव होती है। बाढ़ राहत में आम तौर पर अनुग्रहिक सहायता (ex-gratia), पशुधन क्षति, फसल क्षति, आवासीय क्षति आदि मदों में भुगतान होता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- DBT का उद्देश्य: लाभार्थी पहचान + लीकेज नियंत्रण + त्वरित भुगतान।
- कानूनी ढांचा: आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005; SDRF दिशानिर्देश केंद्र/राज्य साझेदारी के साथ।
- प्रशासनिक क्रियान्वयन: जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) और जिलाधिकारी की केन्द्रीय भूमिका।
- डेटा बिंदु: 12 अक्तूबर 2026 को दूसरी किस्त DBT; संचयी भुगतान 700+ करोड़ (मीडिया रिपोर्ट)।
- स्टैटिक GK लिंक: बिहार की बाढ़-प्रवण नदियां—गंगा, घाघरा, गंडक, बागमती, कोसी इत्यादि; ‘कोसी’ को ‘बिहार की शोक’ भी कहा जाता है।
स्रोत दृष्टांत: तिथि-विशिष्ट कार्यक्रम का उल्लेख मुख्यमंत्री कार्यालय की खबर में है; वहीं राशि/लाभार्थी संख्या का समेकित विवरण मीडिया रिपोर्ट में संकलित है।
2) राज्य सूचना आयोग (RTI) से प्रशासनिक अपडेट
क्या हुआ
12 अक्तूबर 2026 को बिहार राज्य सूचना आयोग (SIC) ने सूचित किया कि निर्धारित कारणों से मुख्य राज्य सूचना आयुक्त के न्यायालय में उसी दिन की सुनवाई का समय 11:30 AM से बदलकर 2:30 PM कर दिया गया। यह सूचना आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की गई।
पृष्ठभूमि
सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत हर राज्य में राज्य सूचना आयोग की स्थापना होती है, जो सूचना प्रदाय में विलंब/इन्कार या अपील संबंधी मामलों पर द्वितीय अपील और शिकायतों की सुनवाई करता है। आयोग के प्रशासनिक निर्देश—जैसे सुनवाई समय में परिवर्तन, बेंच निर्धारण, ऑनलाइन/हाइब्रिड सुनवाई—सीधे अपीलकर्ताओं और लोक सूचना अधिकारियों (PIO) की उपस्थिति/तैयारी को प्रभावित करते हैं।
हाल के वर्षों में आयोगों ने ई-फाइलिंग, वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग, और कॉल-आउट शेड्यूल का डिजिटल प्रकाशन बढ़ाया है, जिससे अपीलकर्ताओं को समयबद्ध व पारदर्शी जानकारी मिल सके।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- RTI की धारा-19(3): राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील।
- राज्य सूचना आयोग की संरचना: मुख्य राज्य सूचना आयुक्त + सूचना आयुक्तगण।
- दंड प्रावधान: उचित कारण न होने पर PIO पर प्रतिदिन/अधिकतम राशि का मौद्रिक दंड लगाया जा सकता है।
- सुशासन लिंक: पारदर्शिता, जवाबदेही, नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण।
क्यों महत्वपूर्ण हैं ये अपडेट?
प्रतियोगी परीक्षाओं (BPSC/बिहार विशेष) में राज्य-विशेष समसामयिकी से अक्सर तिथि, योजना-नाम, राशि, लाभार्थी संख्या, कानूनी प्रावधान और संस्था/आयोग की भूमिका जैसे तथ्यात्मक प्रश्न पूछे जाते हैं। 12–13 अक्तूबर की अवधि में—एक तरफ राहत राशि का DBT सामाजिक सुरक्षा/आपदा प्रबंधन के मैदान-स्तर के क्रियान्वयन को दिखाता है; वहीं RTI आयोग का आधिकारिक अपडेट संस्थागत सुशासन की प्रक्रियात्मक पारदर्शिता को रेखांकित करता है।
तैयारी सुझाव
- DBT, SDRF, DDMA, RTI जैसी शर्तें/संक्षेप (acronyms) की परिभाषा व प्रावधान लिखकर दोहराएं।
- बिहार की प्रमुख बाढ़-प्रवण नदियों, जिलों और ऐतिहासिक बाढ़ घटनाओं का मैप-बेस्ड रिविजन करें।
- RTI अधिनियम 2005 की धाराएं 6, 7, 19(1), 19(3), 20(1) पर एक-पेज नोट बनाएं।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| DBT दूसरी किस्त तिथि | 12 अक्तूबर 2026 |
|---|---|
| दूसरी किस्त का अनुमानित आकार | ₹112.14 करोड़ (मीडिया रिपोर्ट) |
| संचयी राहत भुगतान (अब तक) | ₹726.17 करोड़+ (मीडिया रिपोर्ट) |
| द्वितीय चरण का शेड्यूल | 12 अक्तूबर 2026 (CM कार्यालय की खबर) |
| RTI आयोग सुनवाई समय परिवर्तन | 12 अक्तूबर 2026; 11:30 AM से 2:30 PM |
| RTI द्वितीय अपील प्रावधान | धारा 19(3), RTI अधिनियम 2005 |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 12 अक्तूबर 2026 को बिहार में किस योजना से संबंधित DBT हुआ?
Q2 RTI अधिनियम, 2005 में द्वितीय अपील कहाँ दाखिल होती है?
Q3 RTI आयोग ने 12 अक्तूबर 2026 को सुनवाई समय किस प्रकार बदला?
Q4 बाढ़ राहत भुगतान में DBT का एक प्रमुख लाभ क्या है?
Q5 SDRF का पूर्ण रूप क्या है?








