बिहार कैबिनेट के 24 फैसले: दो नए विश्वविद्यालय, पुलिस ड्रोन, e‑Sushrut NX और सबवे का नामकरण
23–24 सितम्बर 2026 को बिहार में बड़े निर्णय: पटना में ‘मां सीता’ महिला विश्वविद्यालय, बेगूसराय में ‘दिनकर’ विश्वविद्यालय, 50 ड्रोन, 12 मेडिकल कॉलेजों में e‑Sushrut NX, एग्री फीडर सोलराइजेशन पर CM का निर्देश।
⭐ मुख्य बिंदु
- 23 सितम्बर 2026 को बिहार कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को स्वीकृति दी।
- पटना में ‘मां सीता’ महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में ‘दिनकर’ विश्वविद्यालय स्थापित होंगे।
- पुलिस आधुनिकीकरण के अंतर्गत 50 आधुनिक ड्रोन खरीद का निर्णय लिया गया।
- 12 चिकित्सा संस्थानों में C‑DAC का e‑Sushrut NX लागू किया जाएगा।
- जीपीओ गोलंबर के पास बने भूमिगत मार्ग का नाम ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ होगा।
- CM ने कृषि फीडरों के सोलराइजेशन और नलकूपों को सौर ऊर्जा से चलाने के निर्देश दिए।
- फीडर‑स्तरीय सौरकरण से दिन के समय सिंचाई और डिस्कॉम घाटे में कमी का लक्ष्य है।
- पूर्व BSEB कर्मियों के अनफंडेड टर्मिनल लाभ देयताओं के निपटारे हेतु राशि स्वीकृत।
1) 23 सितम्बर: बिहार कैबिनेट ने 24 प्रस्तावों को मंजूरी
क्या हुआ
23 सितम्बर 2026 (बुधवार) को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 24 प्रस्ताव स्वीकृत हुए। प्रमुख निर्णयों में पटना में ‘मां सीता’ महिला विश्वविद्यालय और बेगूसराय में ‘रामधारी सिंह दिनकर’ विश्वविद्यालय की स्थापना, पुलिस आधुनिकीकरण हेतु 50 आधुनिक ड्रोन की खरीद, डेयरी क्षेत्र के लिए योजनाएँ, 12 चिकित्सा संस्थानों में e‑Sushrut NX लागू करने की प्रशासनिक स्वीकृति, तथा जीपीओ गोलंबर के पास बने भूमिगत मार्ग (सबवे) का आधिकारिक नामकरण ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ शामिल है।
पृष्ठभूमि
उच्च शिक्षा विस्तार हेतु राज्य सरकार विशेष विश्वविद्यालयों की स्थापना पर बल दे रही है। ‘मां सीता’ विश्वविद्यालय से महिला उच्च शिक्षा को समर्पित कैम्पस मिलेगा, जबकि ‘दिनकर’ विश्वविद्यालय मिथिला–अंग क्षेत्र की साहित्यिक-सांस्कृतिक धरोहर से जुड़ा है। पुलिस आधुनिकीकरण के तहत ड्रोन का उपयोग भीड़ नियंत्रण, नदी क्षेत्र (रिवराइन) निगरानी, नक्सल-विरोधी व आपदा प्रबंधन में सहायक होगा। e‑Sushrut NX (C‑DAC द्वारा विकसित) अस्पताल व मेडिकल कॉलेजों में पंजीकरण, जांच, रिपोर्ट और दवा आदि का डिजिटल एकीकरण करता है। पूर्व बिहार राज्य विद्युत बोर्ड के कर्मियों के अनफंडेड टर्मिनल लाभों हेतु राशि स्वीकृत करने का भी निर्णय लिया गया।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- तारीख याद रखें: कैबिनेट बैठक—23 सितम्बर 2026।
- दो नए विश्वविद्यालय: ‘मां सीता’ (पटना), ‘रामधारी सिंह दिनकर’ (बेगूसराय)।
- पुलिस के लिए 50 ड्रोन—उद्देश्य: क्राउड कंट्रोल, रिवराइन/नक्सल-विरोधी/एंटी-क्राइम ऑपरेशन।
- स्वास्थ्य डिजिटलीकरण: 12 संस्थानों में e‑Sushrut NX लागू होगा (C‑DAC द्वारा)।
- शहरी ढांचा: जीपीओ गोलंबर निकट सबवे—‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’।
2) 23–24 सितम्बर: CM का निर्देश—एग्रीकल्चर फीडरों का सोलराइजेशन तेज करें
क्या हुआ
23 सितम्बर 2026 को मुख्यमंत्री ने ऊर्जा/सड़कों आदि परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि कृषि विद्युत फीडरों का सोलराइजेशन शीघ्र पूरा किया जाए और राजकीय नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित किया जाए। 24 सितम्बर को भी यह एजेंडा शीर्ष प्राथमिकताओं में रहा।
पृष्ठभूमि
कृषि फीडर सोलराइजेशन केंद्र की PM‑KUSUM योजना (घटक‑C/फीडर सोलराइजेशन) से जुड़ा है। फीडर-स्तरीय सौरकरण से दिन के समय सिंचाई हेतु विश्वसनीय सप्लाई मिलती है, डीज़ल/ग्रिड निर्भरता घटती है और डिस्कॉम का तकनीकी-वाणिज्यिक घाटा भी कम होता है। ऊर्जा विभाग के हालिया आदेशों में फीडर सोलराइजेशन व बैटरी ऊर्जा भंडारण (BESS) जैसी परियोजनाओं के लिए आवंटन/विमुक्ति दर्शाई गई है—इसे CM के निर्देशों का प्रशासनिक बैकअप माना जा सकता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- तारीख: 23 सितम्बर 2026—CM का निर्देश (एग्री फीडर, नलकूप सोलराइजेशन)।
- योजना लिंक: PM‑KUSUM (फीडर सोलराइजेशन/रूफटॉप/पम्प)।
- लाभ: कृषि में दिन के समय बिजली, डीज़ल खपत व सब्सिडी बोझ में कमी, डिस्कॉम की वित्तीय सेहत में सुधार।
3) 24 सितम्बर: 12 मेडिकल कॉलेजों में e‑Sushrut NX—डिजिटल हेल्थ पुश
क्या हुआ
24 सितम्बर 2026 को रिपोर्ट हुआ कि बिहार के 12 मेडिकल कॉलेजों/संस्थानों में e‑Sushrut NX लागू करने का रास्ता साफ हो गया है, जिसमें पंजीकरण से लेकर रिपोर्ट/दवा तक की सेवाएँ एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी। योजना तीन वर्षों के चरणबद्ध क्रियान्वयन के साथ प्रस्तावित है।
पृष्ठभूमि
e‑Sushrut NX C‑DAC द्वारा विकसित हॉस्पिटल इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट सिस्टम का उन्नत संस्करण है, जो OPD‑IPD, लैब, फार्मेसी, बिलिंग, इन्वेंट्री व रिपोर्टिंग को एकीकृत करता है। यह निर्णय 23 सितम्बर की कैबिनेट स्वीकृतियों के स्वास्थ्य‑डिजिटलीकरण घटक से मेल खाता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण
- डिवेलपर: C‑DAC; अनुप्रयोग: e‑Sushrut NX।
- कवरेज: 12 चिकित्सा संस्थान (तीन साल में चरणबद्ध लागू)।
- बिहार की स्वास्थ्य सेवाओं में डिजिटल ट्रांज़िशन—डेटा‑समेकन और पारदर्शिता।
स्टैटिक GK और पृष्ठभूमि जोड़
- सम्राट चौधरी 15 अप्रैल 2026 से बिहार के मुख्यमंत्री हैं।
- रामधारी सिंह ‘दिनकर’ (बेगूसराय) आधुनिक हिंदी के प्रमुख कवि; ‘मां सीता’ नाम मिथिला/जनकपुरकथा परंपरा से जुड़ा प्रतीक है।
- आचार्य किशोर कुणाल—पूर्व IPS अधिकारी; पटना महावीर मंदिर से जुड़ा जनसेवा/धार्मिक कार्यों के लिए प्रसिद्ध नाम।
- PM‑KUSUM (फीडर सोलराइजेशन) कृषि‑ऊर्जा सुधार का प्रमुख राष्ट्रीय ढांचा है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| कैबिनेट बैठक की तारीख | 23 सितम्बर 2026 |
|---|---|
| नए विश्वविद्यालय | ‘मां सीता’ (पटना), ‘रामधारी सिंह दिनकर’ (बेगूसराय) |
| पुलिस ड्रोन | 50 ड्रोन (क्राउड कंट्रोल, रिवराइन/नक्सल-विरोधी/आपदा) |
| हेल्थ IT | 12 संस्थानों में e‑Sushrut NX (C‑DAC) |
| सबवे नामकरण | ‘आचार्य किशोर कुणाल सब-वे’ (GPO गोलंबर क्षेत्र) |
| CM का सोलर निर्देश | 23–24 सितम्बर 2026—एग्री फीडर/नलकूप सोलराइजेशन |
| CM (बिहार) | सम्राट चौधरी (शपथ: 15 अप्रैल 2026) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 23 सितम्बर 2026 की कैबिनेट बैठक में किस विषय पर निर्णय नहीं हुआ?
Q2 पटना में स्थापित होने वाले महिला विश्वविद्यालय का प्रस्तावित नाम क्या है?
Q3 बिहार पुलिस के लिए स्वीकृत तकनीक कौन-सी है?
Q4 स्वास्थ्य सेवाओं में लागू होने वाला डिजिटल प्लेटफॉर्म कौन-सा है?
Q5 CM के निर्देशानुसार किसका सोलराइजेशन प्राथमिकता है?








