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संख्या पद्धति: विभाज्यता के नियम और इकाई अंक ज्ञात करने की अचूक ट्रिक्स

प्रतियोगी परीक्षाओं (SSC, RRB, CSAT, Bank) के लिए विभाज्यता नियमों (7, 11, 13, 72, 88) और इकाई अंक (Cyclicity Method) पर विस्तृत गाइड, हल किए गए उदाहरण और ट्रिक्स।

⭐ मुख्य बिंदु

  • संख्या 2, 4, 8, 16 की विभाज्यता के लिए क्रमशः अंतिम 1, 2, 3 और 4 अंक देखे जाते हैं।
  • 3 और 9 की विभाज्यता के लिए अंकों का योग (डिजिटल सम) देखा जाता है।
  • 7, 11 और 13 के लिए दाईं ओर से 3-3 अंकों के समूहों के एकांतर योग का अंतर जाँचा जाता है।
  • संयुक्त भाजक (जैसे 72, 88, 99) को हमेशा सह-अभाज्य युग्मों (8×9, 8×11, 9×11) में तोड़ा जाता है।
  • अंकों 0, 1, 5, 6 की चक्रीयता 1 होती है, इनका इकाई अंक कभी नहीं बदलता।
  • अंक 4 और 9 की चक्रीयता 2 होती है (सम और विषम घात का नियम लागू होता है)।
  • अंक 2, 3, 7, 8 की चक्रीयता 4 होती है, जहाँ घात को 4 से भाग देकर शेषफल निकाला जाता है।
  • 5! और उससे बड़े सभी फैक्टोरियल का इकाई अंक हमेशा शून्य (0) होता है।

1. प्रस्तावना: संख्या पद्धति (Number System) का आधार

प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC (CGL, CHSL, CPO), रेलवे (RRB NTPC, Group D), बैंकिंग और UPSC CSAT/राज्य PCS की प्रारंभिक परीक्षाओं में संख्या पद्धति (Number System) गणित के सबसे महत्वपूर्ण खंडों में से एक है। इस अध्याय में मुख्य रूप से दो उप-विषयों से सर्वाधिक प्रश्न पूछे जाते हैं—विभाज्यता के नियम (Divisibility Rules) और इकाई अंक ज्ञात करना (Unit Digit Tricks)। इन नियमों की गहरी समझ से अभ्यर्थी जटिल गणनाओं को बिना लंबे भाग या गुणा के मात्र 10 से 20 सेकंड में हल कर सकते हैं।

2. विभाज्यता के आधारभूत और उन्नत नियम

किसी संख्या को बिना पूरा भाग दिए यह पता लगाना कि वह किसी दी गई संख्या से पूर्णतः कटती है या नहीं, विभाज्यता का परीक्षण कहलाता है। इन्हें तीन मुख्य श्रेणियों में समझा जा सकता है:

(क) 2 की घात वाले नियम (2, 4, 8, 16, 32)

  • 2 से विभाज्यता (2^1): संख्या का अंतिम अंक सम (0, 2, 4, 6, 8) होना चाहिए।
  • 4 से विभाज्यता (2^2): संख्या के अंतिम दो अंकों से बनी संख्या 4 से विभाज्य होनी चाहिए (उदा. 54316 में अंतिम दो अंक 16 हैं, जो 4 से कटते हैं)।
  • 8 से विभाज्यता (2^3): संख्या के अंतिम तीन अंकों से बनी संख्या 8 से विभाज्य होनी चाहिए। शॉर्टकट ट्रिक: यदि सैकड़े का अंक सम हो, तो केवल अंतिम दो अंक जाँचें; यदि सैकड़े का अंक विषम हो, तो अंतिम दो अंकों में 4 जोड़कर 8 से भाग दें।
  • 16 से विभाज्यता (2^4): अंतिम चार अंक 16 से विभाज्य होने चाहिए।

(ख) अंकों के योग पर आधारित नियम (3 और 9)

  • 3 से विभाज्यता: संख्या के सभी अंकों का योग 3 से पूर्णतः कटना चाहिए (उदा. 7 + 2 + 5 + 4 = 18, जो 3 से विभाज्य है)।
  • 9 से विभाज्यता: संख्या के सभी अंकों का योग 9 से विभाज्य होना चाहिए। डिजिटल सम (Digital Sum) ट्रिक: जोड़ते समय जहाँ भी 9 या 9 का गुणज बने, उसे शून्य मानकर छोड़ दें।

(ग) 5 की घात वाले नियम (5, 25, 125)

  • 5 से विभाज्यता (5^1): अंतिम अंक 0 या 5 हो।
  • 25 से विभाज्यता (5^2): अंतिम दो अंक 00, 25, 50, या 75 होने चाहिए।
  • 125 से विभाज्यता (5^3): अंतिम तीन अंक 125 से कटने चाहिए।

(घ) 11 का एकांतर अंक नियम (Rule of 11)

किसी संख्या के विषम स्थानों (Right to Left) के अंकों का योग और सम स्थानों के अंकों के योग का अंतर या तो 0 होना चाहिए या 11 का कोई गुणज (11, 22, 33...) होना चाहिए।

सूत्र: |(विषम स्थानों के अंकों का योग) - (सम स्थानों के अंकों का योग)| = 0 या 11k

(ङ) 7, 11 और 13 का संयुक्त 3-अंकीय समूह नियम (Universal Rule of 1001)

चूँकि 7 × 11 × 13 = 1001 होता है, इसलिए यह नियम तीनों पर समान रूप से लागू होता है:

  1. दी गई संख्या को दाईं ओर (इकाई अंक) से 3-3 अंकों के समूहों (triplets) में बाँटें।
  2. एकांतर (alternate) समूहों को आपस में जोड़ें।
  3. दोनों योगों का अंतर निकालें। यदि प्राप्त अंतर 7, 11 या 13 से कटता है, तो पूरी संख्या भी क्रमशः 7, 11 या 13 से अवश्य विभाजित होगी।

3. संयुक्त संख्याओं (Composite Numbers) की विभाज्यता (72, 88, 99)

प्रतियोगी परीक्षाओं में अक्सर 72, 88, 99 आदि से विभाज्यता पूछी जाती है। इसके लिए संख्या को ऐसे दो सह-अभाज्य गुणनखंडों (Co-prime Factors) में तोड़ते हैं जिनका महत्तम समापवर्तक (HCF) 1 हो:

  • 72 की विभाज्यता: 8 और 9 दोनों से विभाज्य होनी चाहिए (8 × 9 = 72, HCF(8, 9) = 1)।
  • 88 की विभाज्यता: 8 और 11 दोनों से विभाज्य होनी चाहिए।
  • 99 की विभाज्यता: 9 और 11 दोनों से विभाज्य होनी चाहिए।

4. विभाज्यता के हल किए हुए उदाहरण (Step-by-Step Solved Examples)

उदाहरण 1 (SSC CGL स्तर):

प्रश्न: यदि 9 अंकों की संख्या 985x3678y, 72 से पूर्णतः विभाज्य है, तो y के सबसे बड़े मान के लिए (4x - 3y) का मान ज्ञात कीजिए।

हल:
चरण 1: 72 = 8 × 9। पहले 8 की विभाज्यता जाँचेंगे। अंतिम तीन अंक हैं: 78y।
78y को 8 से भाग देने पर: 780 = 97 × 8 + 4 शेष बचता है। अतः 78y को कटने के लिए 40 + y को 8 से कटना होगा।
यहाँ y का मान केवल 4 हो सकता है (784 / 8 = 98)। अतः y = 4।
चरण 2: 9 की विभाज्यता नियम के अनुसार सभी अंकों का योग 9 से कटना चाहिए:
योग = 9 + 8 + 5 + x + 3 + 6 + 7 + 8 + 4 = 50 + x।
50 के बाद 9 का अगला गुणज 54 है। अतः 50 + x = 54 ⇒ x = 4।
चरण 3: मान निकालना है: 4x - 3y = 4(4) - 3(4) = 16 - 12 = 4।

उदाहरण 2 (RRB NTPC स्तर):

प्रश्न: यदि 8 अंकों की संख्या 30x558y2 संख्या 88 से विभाज्य है, तो y के न्यूनतम मान के लिए (6x + 5y) का मान क्या होगा?

हल:
चरण 1: 88 = 8 × 11। अंतिम तीन अंक 8y2, 8 से विभाज्य होने चाहिए।
y = 0: 802 (शेष 2), y = 1: 812 (शेष 4), y = 2: 822 (शेष 6), y = 3: 832 (832 / 8 = 104, पूर्ण विभाज्य)।
अतः y का न्यूनतम मान y = 3 है।
चरण 2: 11 का नियम लगाएँ। संख्या है: 3 0 x 5 5 8 3 2
विषम स्थानों का योग (दाएँ से): 2 + 8 + 5 + 0 = 15
सम स्थानों का योग (दाएँ से): 3 + 5 + x + 3 = 11 + x
अंतर = (11 + x) - 15 = x - 4।
अंतर 0 होने के लिए: x - 4 = 0 ⇒ x = 4।
चरण 3: 6x + 5y = 6(4) + 5(3) = 24 + 15 = 39।

5. इकाई अंक (Unit Digit) ज्ञात करने की चक्रीयता विधि (Cyclicity Method)

किसी भी गुणनफल या घात वाले व्यंजक का इकाई अंक केवल उसके आधार (Base) के इकाई अंक पर निर्भर करता है। विभिन्न अंकों की घात बढ़ाने पर इकाई अंक एक निश्चित अंतराल के बाद दोहराते हैं, जिसे चक्रीयता (Cyclicity) कहते हैं:

समूह (Group)अंकचक्रीयता (Cyclicity)नियम व विशेषता
समूह 1 (अपरिवर्तनीय)0, 1, 5, 61इनकी घात कोई भी धनात्मक पूर्णांक हो, इकाई अंक वही रहता है (0→0, 1→1, 5→5, 6→6)।
समूह 2 (सम/विषम घात)4, 924 की विषम घात पर 4, सम घात पर 6।
9 की विषम घात पर 9, सम घात पर 1।
समूह 3 (चार की चक्रीयता)2, 3, 7, 84घात को 4 से भाग दें। प्राप्त शेषफल (1, 2, 3) को नई घात बनाएँ। यदि शेष 0 आए, तो घात 4 लें।

घात 4 के शेषफल नियम (Rule when Remainder is 0):

  • यदि आधार का इकाई अंक सम (2, 4, 6, 8) है और घात 4 से पूर्णतः कटती है (शेष = 0), तो इकाई अंक सदैव 6 होगा।
  • यदि आधार का इकाई अंक विषम (3, 7, 9) है और घात 4 से पूर्णतः कटती है (शेष = 0), तो इकाई अंक सदैव 1 होगा।
  • 5 की घात कुछ भी हो इकाई अंक 5, और 0 की घात कुछ भी हो 0 रहता है।

6. इकाई अंक के हल किए हुए उदाहरण (Step-by-Step Solved Examples)

उदाहरण 1: ऋणात्मक शेषफल वाली सामान्य गलती से बचाव

प्रश्न: व्यंजक (7^95 - 3^58) का इकाई अंक ज्ञात कीजिए।

हल:
चरण 1: 7^95 का इकाई अंक: घात 95 को 4 से भाग दें। 95 = 23 × 4 + 3 (शेषफल = 3)।
7^3 = 343 ⇒ इकाई अंक = 3।
चरण 2: 3^58 का इकाई अंक: घात 58 को 4 से भाग दें। 58 = 14 × 4 + 2 (शेषफल = 2)।
3^2 = 9 ⇒ इकाई अंक = 9।
चरण 3: घटाव: 3 - 9 = -6 नहीं होगा! चूँकि बड़ी संख्या से घटाया जा रहा है, दहाई के अंक से 10 हासिल (borrow) लिया जाएगा: (13 - 9) = 4।
अतः अभीष्ट इकाई अंक 4 है।

उदाहरण 2: फैक्टोरियल (Factorial) वाले प्रश्न

प्रश्न: व्यंजक (1! + 2! + 3! + 4! + ... + 100!) का इकाई अंक क्या होगा?

हल:
1! = 1
2! = 2
3! = 6
4! = 24 (इकाई अंक = 4)
5! = 120 (इकाई अंक = 0)
5! और उसके बाद के सभी पदों (6!, 7!, ... 100!) में 2 और 5 दोनों गुणनखंड उपस्थित होते हैं, इसलिए उनका इकाई अंक हमेशा 0 ही होगा।
कुल इकाई अंक = 1 + 2 + 6 + 4 + 0 + 0 + ... = 13 ⇒ इकाई अंक = 3।

7. छात्र परीक्षा में कहाँ गलती करते हैं? (Common Mistakes to Avoid)

  • गलती 1: 72 या 88 के गुणनखंड करते समय सह-अभाज्य (Co-prime) संख्याएँ न चुनना। उदाहरण के लिए, 12 की विभाज्यता के लिए 2 × 6 देखना गलत है (क्योंकि HCF 1 नहीं है); सही युग्म 3 × 4 है।
  • गलती 2: जब घात 4 से पूर्णतः विभाजित हो जाए (शेष 0 आए), तो छात्र घात को 0 मान लेते हैं (जैसे 2^0 = 1 लिख देते हैं), जबकि नियम यह है कि शेषफल 0 आने पर घात को 4 माना जाना चाहिए (2^4 = 16 ⇒ इकाई अंक 6)।
  • गलती 3: घटाव वाले प्रश्नों में ऋणात्मक मान आने पर हासिल (10) जोड़ना भूल जाना।

8. परीक्षा ट्रेंड और विगत वर्षों के प्रश्नों का विश्लेषण

विगत 3-4 वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से स्पष्ट होता है:

  • SSC CGL/CHSL: सीधे प्रश्न पूछने के बजाय अब दो अज्ञात चर (जैसे 72 या 88 से विभाज्यता में x और y) देकर व्यंजक जैसे (5x - 2y) का मान पूछा जा रहा है।
  • RRB NTPC: बड़ी घातों वाली संख्याओं के इकाई अंक और गुणनखंडों की संख्या पर सीधे 1-स्टेप सवाल पूछे जाते हैं।
  • UPSC CSAT: विभाज्यता नियमों का उपयोग पहेली और तर्क आधारित प्रश्नों (data sufficiency / logical statements) में अधिक होता है।

9. अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)

  1. यदि 10 अंकों की संख्या 5432y1749x, 72 से विभाज्य है, तो (5x - 4y) का मान ज्ञात कीजिए। (संकेत: अंतिम तीन अंक 49x को 8 से भाग दें, फिर 9 का नियम लगाएँ)
  2. व्यंजक (259^123 - 525^111 - 236^122 - 414^115) का इकाई अंक ज्ञात कीजिए।
  3. यदि 46393x8 संख्या 11 से विभाज्य है, तो x का मान क्या होगा?

परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य

7 × 11 × 13 का मान1001
2, 3, 7, 8 की चक्रीयता4
4 और 9 की चक्रीयता2
0, 1, 5, 6 की चक्रीयता1
5! का इकाई अंक0
सम संख्या की 4 के गुणज वाली घात का इकाई अंक6
विषम संख्या (5 के अतिरिक्त) की 4 के गुणज वाली घात का इकाई अंक1

अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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Q1 यदि सात अंकों की संख्या 78x3945 संख्या 11 से पूर्णतः विभाज्य है, तो x का मान क्या होगा?

Q2 व्यंजक (264)^102 + (264)^103 का इकाई अंक क्या होगा?

Q3 गुणनफल 7^71 × 6^59 × 3^65 में इकाई का अंक क्या है?

Q4 यदि 9 अंकों की संख्या 83P93678Q, 72 से पूर्णतः विभाज्य है, तो (P + Q) का मान क्या होगा?

Q5 व्यंजक (137^13)^47 का इकाई अंक क्या होगा?

स्रोत