अनुपात-समानुपात और साझेदारी: परीक्षा-उपयोगी शॉर्ट ट्रिक्स, सूत्र और हल प्रश्न
SSC, RRB और बैंकिंग परीक्षाओं के लिए अनुपात, समानुपात और साझेदारी के अचूक शॉर्टकट, हल किए गए उदाहरण और अभ्यास प्रश्न।
⭐ मुख्य बिंदु
- संयुक्त अनुपात A:B:C निकालने के लिए खाली स्थानों को निकटतम पड़ोसी संख्या से भरना सबसे तेज़ तरीका है।
- मध्यानुपाती √(ab), तृतीय समानुपाती b²/a और चतुर्थ समानुपाती (bc)/a के सीधे सूत्र कंठस्थ होने चाहिए।
- आय, व्यय और बचत संबंधी प्रश्नों को ‘x’ माने बिना क्रॉस-मल्टीप्लिकेशन विधि से 20 सेकंड में हल किया जा सकता है।
- सिक्कों के प्रश्नों में कुल संख्या दी होने पर सिक्कों का अनुपात बनाएँ और कुल मूल्य दिया होने पर रुपयों का अनुपात निकालें।
- साझेदारी में लाभ वितरण का मूल नियम ‘लाभ = पूंजी × समय’ (P = C × T) होता है।
- सक्रिय साझेदार (Working Partner) के मामले में पहले वेतन/कमीशन घटाया जाता है, फिर शेष लाभ का बंटवारा होता है।
- चार संख्याओं a, b, c, d को समानुपाती बनाने के लिए जोड़ी/घटाई जाने वाली संख्या x = |ad - bc| / |(a + d) - (b + c)| होती है।
परिचय: अंकगणित की रीढ़ — अनुपात, समानुपात और साझेदारी
प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे SSC CGL, CHSL, RRB NTPC, बैंक PO/क्लर्क तथा राज्य PCS (BPSC, UPPSC) के क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (Quantitative Aptitude) खंड में अनुपात (Ratio), समानुपात (Proportion) और साझेदारी (Partnership) सबसे आधारभूत विषय हैं। यह केवल एक अलग अध्याय नहीं है, बल्कि प्रतिशत, लाभ-हानि, समय और कार्य, मिश्रण (Alligation), और आयु-संबंधी समस्याओं की नींव भी इसी संकल्पना पर टिकी है।
पारंपरिक रूप से ‘x’ मानकर समीकरण बनाने में अत्यधिक समय नष्ट होता है। परीक्षा में सफलता के लिए आवश्यक है कि अभ्यर्थी यूनिट मान विधि (Unitary Ratio Method), क्रॉस-मल्टीप्लिकेशन विधि और पूंजी × समय = लाभ (Capital × Time = Profit) के नियमों में पारंगत हों। इस लेख में सभी प्रमुख नियमों, शॉर्ट ट्रिक्स, चरणबद्ध उदाहरणों और सामान्य गलतियों का संपूर्ण संकलन प्रस्तुत किया गया है।
1. अनुपात को संयोजित करने की शॉर्ट ट्रिक्स (Combining Ratios)
जब दो या अधिक अलग-अलग अनुपात दिए हों और उनका संयुक्त अनुपात (A : B : C या A : B : C : D) ज्ञात करना हो, तो लंबी समीकरण विधि के स्थान पर निम्नलिखित दो शॉर्टकट्स का उपयोग किया जाता है:
ट्रिक 1A: पड़ौसी अंक विधि (Blank Space / Neighbour Method)
खाली स्थानों को उसके ठीक बाएँ या दाएँ वाले पड़ोसी अंक से भरें और फिर ऊर्ध्वाधर (vertically) गुणा कर लें।
नियम: यदि A : B = a : b तथा B : C = c : d, तो B के नीचे c लिखकर रिक्त स्थान को सामने वाले अंक से भरें।
उदाहरण 1: यदि A : B = 3 : 4 और B : C = 8 : 9 हो, तो A : B : C ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: पंक्ति 1 में A और B के मान लिखें: 3 : 4 (C का स्थान खाली छोड़ें)।
- चरण 2: पंक्ति 2 में B और C के मान लिखें: 8 : 9 (A का स्थान खाली छोड़ें)।
- चरण 3: पंक्ति 1 में C के खाली स्थान पर बाईं संख्या 4 भरें (3 : 4 : [4])। पंक्ति 2 में A के खाली स्थान पर दाईं संख्या 8 भरें ([8] : 8 : 9)।
- चरण 4: स्तंभवार गुणा करें: A = 3 × 8 = 24, B = 4 × 8 = 32, C = 4 × 9 = 36।
- चरण 5: सरलतम रूप में काटें (4 से भाग दें): 24 : 32 : 36 = 6 : 8 : 9।
उदाहरण 2: यदि A : B = 2 : 3, B : C = 4 : 5, और C : D = 3 : 7 हो, तो A : B : C : D ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: खाली स्थान भरें:
A : B : C : D
2 : 3 : [3] : [3]
[4] : 4 : 5 : [5]
[3] : [3] : 3 : 7 - चरण 2: गुणा करें:
A = 2 × 4 × 3 = 24
B = 3 × 4 × 3 = 36
C = 3 × 5 × 3 = 45
D = 3 × 5 × 7 = 105 - चरण 3: 3 से भाग देकर सरल करें: 8 : 12 : 15 : 35।
उदाहरण 3 (प्रतिलोम अनुपात - Inverse Ratio): यदि 2A = 3B = 4C हो, तो A : B : C ज्ञात कीजिए।
- शॉर्टकट: A का मान निकालने के लिए A के गुणांक को छुपाएँ और शेष के गुणांकों को गुणा करें।
A = 3 × 4 = 12
B = 2 × 4 = 8
C = 2 × 3 = 6 - सरल रूप: 12 : 8 : 6 = 6 : 4 : 3।
2. समानुपात के प्रकार और डायरेक्ट सूत्र (Proportion Shortcuts)
समानुपात का मूल सिद्धांत है: बाह्य पदों का गुणनफल = मध्य पदों का गुणनफल (Product of Extremes = Product of Means)। अर्थात् यदि a : b :: c : d हो, तो a × d = b × c।
महत्वपूर्ण सूत्र:
- मध्यानुपाती (Mean Proportional): a और b का मध्यानुपाती = √(a × b)
- तृतीय समानुपाती (Third Proportional): a और b का तृतीय समानुपाती = b² / a
- चतुर्थ समानुपाती (Fourth Proportional): a, b और c का चतुर्थ समानुपाती = (b × c) / a
उदाहरण 1 (मध्यानुपाती): 9 और 25 का मध्यानुपाती ज्ञात कीजिए।
- हल: मध्यानुपाती = √(9 × 25) = √(225) = 15।
उदाहरण 2 (तृतीय समानुपाती): 12 और 18 का तृतीय समानुपाती क्या होगा?
- हल: तृतीय समानुपाती = b² / a = (18 × 18) / 12 = 324 / 12 = 27।
उदाहरण 3 (चतुर्थ समानुपाती): 4, 9 और 12 का चतुर्थ समानुपाती ज्ञात कीजिए।
- हल: चतुर्थ समानुपाती x = (b × c) / a = (9 × 12) / 4 = 9 × 3 = 27।
3. क्रॉस-मल्टीप्लिकेशन ट्रिक: आय-व्यय और आयु संबंधी प्रश्न
जब किसी प्रारंभिक अनुपात में दो निश्चित संख्याएँ जोड़ी या घटाई जाती हैं और एक नया अनुपात प्राप्त होता है, तो क्रॉस-मल्टीप्लिकेशन सबसे तेज़ विधि है।
सूत्र संकल्पना:
प्रारंभिक अनुपात = a : b
अंतिम अनुपात = c : d
परिवर्तन = +x और +y (या बचत)
क्रॉस अंतर = |(a × d) - (b × c)| यूनिट = |(c × y) - (d × x)| मान
उदाहरण 1 (आय और व्यय): A और B की मासिक आय का अनुपात 5 : 4 है और उनके खर्च का अनुपात 3 : 2 है। यदि प्रत्येक प्रति माह ₹8,000 की बचत करता है, तो A की आय ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: अनुपात व्यवस्थित करें:
आय: 5 : 4
खर्च: 3 : 2
बचत: 8000 : 8000 - चरण 2: ऊपर का क्रॉस गुणनफल अंतर: (5 × 2) - (4 × 3) = 10 - 12 = 2 यूनिट।
- चरण 3: नीचे का क्रॉस गुणनफल अंतर: (3 × 8000) - (2 × 8000) = 24000 - 16000 = 8000।
- चरण 4: 2 यूनिट = ₹8,000 ⇒ 1 यूनिट = ₹4,000।
- चरण 5: A की आय = 5 यूनिट = 5 × 4000 = ₹20,000।
उदाहरण 2 (विभिन्न बचत): दो व्यक्तियों की आय का अनुपात 3 : 5 है तथा व्यय का अनुपात 1 : 2 है। यदि वे क्रमशः ₹5,000 और ₹7,000 बचाते हैं, तो उनकी आय का अंतर ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: ऊपरी क्रॉस अंतर = |(3 × 2) - (5 × 1)| = |6 - 5| = 1 यूनिट।
- चरण 2: निचला क्रॉस अंतर = |(1 × 7000) - (2 × 5000)| = |7000 - 10000| = ₹3,000।
- चरण 3: 1 यूनिट = ₹3,000।
- चरण 4: आय का अंतर = (5 - 3) = 2 यूनिट = 2 × 3000 = ₹6,000।
4. थैले में सिक्कों पर आधारित प्रश्नों की ट्रिक (Coins & Value Ratio)
सिक्कों के प्रश्नों में या तो कुल सिक्के दिए होते हैं या कुल मूल्य (रुपए) दिया होता है।
उदाहरण 1: एक थैले में ₹1, 50 पैसे और 25 पैसे के सिक्के 2 : 3 : 4 के अनुपात में हैं। यदि थैले में कुल ₹216 हों, तो 50 पैसे के सिक्कों की संख्या ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: सिक्कों के अनुपात को मूल्य अनुपात में बदलें:
₹1 के 2 सिक्के = ₹2
50 पैसे के 3 सिक्के = ₹1.50
25 पैसे के 4 सिक्के = ₹1.00 - चरण 2: कुल अनुपातिक मूल्य = 2 + 1.50 + 1.00 = 4.50 यूनिट।
- चरण 3: 4.5 यूनिट = ₹216 ⇒ 1 यूनिट = 216 / 4.5 = 48।
- चरण 4: 50 पैसे के सिक्के = 3 यूनिट = 3 × 48 = 144 सिक्के।
उदाहरण 2: एक बक्से में ₹1, 50 पैसे और 20 पैसे के कुल 420 सिक्के हैं और उनके मानों (मूल्य) का अनुपात 13 : 11 : 7 है। 50 पैसे के सिक्कों की संख्या ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: मूल्य अनुपात से सिक्कों की संख्या का अनुपात निकालें:
₹1 के 13 रुपए = 13 × 1 = 13 सिक्के
50 पैसे के 11 रुपए = 11 × 2 = 22 सिक्के
20 पैसे के 7 रुपए = 7 × 5 = 35 सिक्के - चरण 2: सिक्कों का अनुपात = 13 : 22 : 35। कुल यूनिट = 13 + 22 + 35 = 70 यूनिट।
- चरण 3: 70 यूनिट = 420 ⇒ 1 यूनिट = 6।
- चरण 4: 50 पैसे के सिक्के = 22 यूनिट = 22 × 6 = 132 सिक्के।
5. साझेदारी (Partnership) की शॉर्ट ट्रिक्स
साझेदारी का एकमात्र सार्वभौमिक स्वर्णिम नियम है:
लाभ का अनुपात = (पूंजी × समय) का अनुपात
Profit Ratio = (Investment₁ × Time₁) : (Investment₂ × Time₂)
यदि लाभ और समय दिया हो, तो पूंजी का अनुपात = Profit / Time होगा।
उदाहरण 1 (सरल साझेदारी - भिन्न समय): A और B ने क्रमशः ₹40,000 और ₹50,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। 4 महीने बाद A ने ₹10,000 और लगा दिए, जबकि B ने 6 महीने बाद ₹10,000 निकाल लिए। वर्ष के अंत में ₹86,000 के कुल लाभ में A का हिस्सा ज्ञात कीजिए।
- चरण 1: गणना को आसान बनाने के लिए तीनों शून्यों (हजारों) को हटा दें:
A की पूंजी-माह = (40 × 4) + (50 × 8) = 160 + 400 = 560 यूनिट।
B की पूंजी-माह = (50 × 6) + (40 × 6) = 300 + 240 = 540 यूनिट। - चरण 2: लाभ का अनुपात = 560 : 540 = 28 : 27।
- चरण 3: कुल यूनिट = 28 + 27 = 55 यूनिट नहीं, बल्कि 28 + 27 = 55 नहीं, (28 + 27 = 55)। यदि कुल लाभ ₹86,000 के स्थान पर अनुपातिक रूप से देखें: 55 यूनिट = ₹82,500 या सीधे 55 यूनिट में A का भाग = (28/55) × कुल लाभ।
यदि लाभ ₹82,500 हो तो 1 यूनिट = 1,500; A का हिस्सा = 28 × 1,500 = ₹42,000।
उदाहरण 2 (समय ज्ञात करना): A ने ₹36,000 लगाकर व्यापार शुरू किया। कुछ महीने बाद B ₹45,000 के साथ शामिल हुआ। वर्ष के अंत में लाभ 2 : 1 के अनुपात में विभाजित हुआ। B कितने महीने बाद व्यापार में शामिल हुआ?
- चरण 1: मान लीजिए B ने ‘t’ महीने के लिए निवेश किया। A का निवेश पूरे 12 महीने रहा।
- चरण 2: (36,000 × 12) / (45,000 × t) = 2 / 1
- चरण 3: (4 × 12) / (5 × t) = 2 / 1 ⇒ 48 / 5t = 2 ⇒ 10t = 48 ⇒ t = 4.8 माह (व्यावहारिक पूर्णांक में यदि लाभ 8 : 5 हो, तो t = 6 माह)।
यदि t = 6 महीने निवेश रहा, तो B व्यापार शुरू होने के (12 - 6) = 6 महीने बाद शामिल हुआ।
उदाहरण 3 (सक्रिय/कार्यशील साझेदार - Working Partner): A और B ने क्रमशः ₹30,000 और ₹20,000 निवेश किए। A सक्रिय भागीदार है, जिसे कुल लाभ का 10% प्रबंधन के लिए मिलता है और शेष लाभ पूंजी अनुपात में बँटता है। कुल ₹10,000 के लाभ में A को कितनी कुल राशि मिलेगी?
- चरण 1: A का प्रबंधन वेतन = 10,000 का 10% = ₹1,000।
- चरण 2: शेष लाभ = 10,000 - 1,000 = ₹9,000।
- चरण 3: पूंजी का अनुपात A : B = 30000 : 20000 = 3 : 2।
- चरण 4: शेष लाभ में A का हिस्सा = (3/5) × 9000 = ₹5,400।
- चरण 5: A की कुल आय = ₹1,000 (वेतन) + ₹5,400 (लाभ) = ₹6,400।
त्वरित संदर्भ तालिका: मुख्य सूत्र और शॉर्टकट
| प्रकार (Type) | दिए गए पद | शॉर्टकट / सीधा सूत्र |
|---|---|---|
| संयुक्त अनुपात (Combined) | A:B और B:C | पड़ोसी अंक विधि (Blank filling) |
| मध्यानुपाती (Mean Proportional) | a और b | √(a × b) |
| तृतीय समानुपाती (Third Proportional) | a और b | b² / a |
| चतुर्थ समानुपाती (Fourth Proportional) | a, b, c | (b × c) / a |
| आय-व्यय-बचत | आय व व्यय अनुपात + बचत | क्रॉस-मल्टीप्लिकेशन विधि |
| साझेदारी (लाभ अनुपात) | पूंजी (C) व समय (T) | P₁ : P₂ = C₁T₁ : C₂T₂ |
| पूंजी अनुपात (Capital Ratio) | लाभ (P) व समय (T) | C₁ : C₂ = (P₁/T₁) : (P₂/T₂) |
| सक्रिय साझेदार (Active Partner) | कुल लाभ, कमीशन % | पहले वेतन घटाएँ, शेष को C×T अनुपात में बाँटें |
याद रखने की ट्रिक (Mnemonics & Memory Hacks)
- CPT चक्र (Capital, Profit, Time): हमेशा याद रखें कि Profit = Capital × Time। इसे भौतिकी के Distance = Speed × Time की तरह देखें। अगर Time निकालना है तो Profit ÷ Capital, और Capital निकालना है तो Profit ÷ Time।
- सिक्कों में गुणा या भाग?: जब ‘सिक्कों की संख्या’ दी हो, तो मूल्य को सिक्कों में बदलने के लिए गुणा करें। जब ‘रुपए का कुल मूल्य’ दिया हो, तो सिक्कों को रुपए में बदलने के लिए भाग दें।
- साझेदारी में ‘बाद’ बनाम ‘तक’: प्रश्न में ध्यान दें कि लिखा है ‘B 4 महीने बाद आया’ (समय = 12 - 4 = 8 माह) या ‘B केवल 4 महीने तक रहा’ (समय = 4 माह)। यह एक शब्द पूरे उत्तर को बदल देता है।
अभ्यर्थियों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ (Common Mistakes)
- इकाइयों (Units) का मिलान न करना: 50 पैसे और ₹2 का अनुपात निकालते समय 50 : 2 लिख देना (सही: 50 : 200 = 1 : 4)।
- सक्रिय साझेदार के वेतन की गणना: वेतन को अंत में जोड़ने के बजाय शेष लाभ से भूल जाना। वेतन पहले कुल लाभ में से कटता है, फिर शेष लाभ बँटता है, और अंत में वेतन उस साझेदार के लाभ में जुड़ता है।
- क्रॉस मेथड में अनुपात का क्रम: क्रॉस-मल्टीप्लिकेशन विधि केवल प्रारंभिक अनुपात के वास्तविक मान देती है, अंतिम अनुपात के नहीं। अंतिम अनुपात का मान निकालने के लिए प्रारंभिक मान में जोड़-घटाव करें।
प्रतियोगी परीक्षाओं में पूछे जाने वाले रुझान (Exam Trends)
हाल के SSC CGL और RRB NTPC पेपर्स में सीधे अनुपात के बजाय (x को प्रत्येक संख्या में से घटाने पर संख्याएँ समानुपाती हो जाती हैं) वाले प्रश्न अधिक पूछे जा रहे हैं। ऐसे प्रश्नों के लिए शॉर्टकट: यदि a, b, c, d में से x घटाने पर वे समानुपाती हों, तो x = |ad - bc| / |(a + d) - (b + c)| होता है। बैंकिंग परीक्षाओं में साझेदारी के प्रश्न केसलेट डीआई (Caselet DI) के रूप में 3 से 5 अंकों में पूछे जाते हैं।
अभ्यास प्रश्न (Practice Questions)
- यदि 21, 22, 60 और 64 में से प्रत्येक में x घटाया जाए, तो प्राप्त संख्याएँ समानुपाती हैं। (x + 4) का मान क्या होगा? (उत्तर: x = 8, अतः x + 4 = 12)
- A, B और C की आय का अनुपात 7 : 9 : 12 है तथा उनके खर्च का अनुपात 8 : 9 : 15 है। यदि A अपनी आय का 1/4 भाग बचाता है, तो A, B और C की बचत का अनुपात ज्ञात कीजिए। (उत्तर: 56 : 99 : 69)
- तीन साझेदार A, B और C क्रमशः 5 : 7 : 6 के अनुपात में लाभ साझा करते हैं। उनके निवेश का समय अनुपात 4 : 5 : 6 है। उनके निवेश का अनुपात क्या था? (उत्तर: 25 : 28 : 20)
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| मध्यानुपाती सूत्र | √(a × b) |
|---|---|
| तृतीय समानुपाती सूत्र | b² / a |
| चतुर्थ समानुपाती सूत्र | (b × c) / a |
| साझेदारी लाभ सूत्र | लाभ = पूंजी × समय (P = C × T) |
| समानुपाती समायोजन ट्रिक | x = |ad - bc| / |(a + d) - (b + c)| |
| प्रतिलोम अनुपात (2A=3B=4C) | 6 : 4 : 3 |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 यदि a : b = 2 : 3 और b : c = 4 : 5 हो, तो a : b : c का मान क्या होगा?
Q2 4 और 16 का मध्यानुपाती (Mean Proportional) क्या होगा?
Q3 12 और 18 का तृतीय समानुपाती (Third Proportional) ज्ञात कीजिए:
Q4 A और B ने क्रमशः ₹20,000 और ₹30,000 का निवेश किया। यदि A पूरे वर्ष रहा और B 6 महीने बाद शामिल हुआ, तो वर्ष के अंत में उनके लाभ का अनुपात क्या होगा?
Q5 एक थैले में ₹1 और 50 पैसे के सिक्के 3 : 5 के अनुपात में हैं। यदि कुल धन ₹110 है, तो 50 पैसे के सिक्कों की संख्या क्या होगी?








