अग्निवीरों के लिए नियमित सेवा का मार्ग, लिथियम-निकेल कैपेक्स योजना और ट्राई का नेटवर्क अनुभव
केंद्रीय कैबिनेट ने अग्निवीरों के नियमितीकरण के नए मार्ग और ₹2,814 करोड़ की लिथियम-निकेल कैपेक्स योजना को मंजूरी दी, जबकि ट्राई ने नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म शुरू किया।
⭐ मुख्य बिंदु
- केंद्रीय कैबिनेट ने 4 वर्ष बाद शेष 75% अग्निवीरों को 2 वर्ष का अतिरिक्त अनुबंध देकर नियमित करने का मार्ग खोला।
- विस्तारित 2 वर्ष पूरे करने के बाद सभी योग्य व इच्छुक अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में शामिल किया जाएगा।
- अग्निवीरों को 2 वर्ष के अतिरिक्त सेवाकाल के दौरान उच्च मानदेय, बेहतर सेवा निधि व वरिष्ठता लाभ प्राप्त होगा।
- लिथियम और निकेल के घरेलू प्रसंस्करण को बढ़ावा देने हेतु ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत सब्सिडी योजना स्वीकृत हुई।
- महत्वपूर्ण खनिज योजना के तहत 4 संयंत्रों (2 लिथियम और 2 निकेल) को 30% पूंजीगत सहायता प्रदान की जाएगी।
- निकेल प्रसंस्करण के साथ सह-उत्पाद के रूप में कोबाल्ट की रिकवरी को अनिवार्य रूप से प्रोत्साहित किया गया है।
- ट्राई (TRAI) ने दूरसंचार गुणवत्ता और ब्रॉडबैंड गति की मैपिंग के लिए नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म शुरू किया।
- नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म जिला और स्थानीय स्तर पर वास्तविक नेटवर्क प्रदर्शन की निगरानी संभव बनाएगा।
भारत सरकार ने रक्षा सुधारों, स्वच्छ ऊर्जा आत्मनिर्भरता और डिजिटल अधोसंरचना के क्षेत्र में कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना की समीक्षा के बाद सभी इच्छुक अग्निवीरों के स्थायी समावेशन (Absorption) के लिए त्रि-स्तरीय रूपरेखा को मंजूरी दी है। इसके साथ ही ऊर्जा सुरक्षा को गति देने के लिए लिथियम और निकेल प्रसंस्करण हेतु ₹2,814 करोड़ की पूंजीगत सब्सिडी योजना स्वीकृत की गई है, जबकि भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने दूरसंचार सेवाओं की गुणवत्ता मापने हेतु अत्याधुनिक भू-स्थानिक प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है।
1. अग्निपथ योजना में बड़ा सुधार: सभी अग्निवीरों के लिए नियमित सेवा का खुला मार्ग
क्या हुआ?
प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अग्निपथ योजना के तहत सशस्त्र बलों में भर्ती किए गए अग्निवीरों के लिए सेवा विस्तार और नियमितीकरण की नई रूपरेखा को मंजूरी प्रदान की। चार वर्षों के संचालन और सेना के आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर यह निर्णय लिया गया है:
- 25% का तत्काल नियमितीकरण: पूर्व निर्धारित योजना के अनुसार, उत्कृष्ट प्रदर्शन और मेरिट के आधार पर पहले 25% अग्निवीरों को 4 वर्ष पूरे होते ही नियमित कैडर में स्थायी रूप से शामिल किया जाएगा।
- 75% को 2 वर्ष का सेवा विस्तार: शेष 75% अग्निवीरों को उनकी सहमति और सेना की अनुशंसा पर 2 वर्ष का अतिरिक्त अनुबंध काल (Engagement Period) प्रदान किया जाएगा।
- 6 वर्ष बाद पूर्ण समावेशन: यह 2 वर्षीय विस्तारित सेवा पूरी करने के बाद सभी इच्छुक एवं निर्धारित चयन मानदंड पूरा करने वाले अग्निवीरों को नियमित सैनिक के रूप में सेना में स्थायी नामांकन की पेशकश की जाएगी।
- संवर्धित वित्तीय लाभ: विस्तारित दो वर्षों के दौरान अग्निवीरों को उच्च वेतनमान, संवर्धित सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता (Seniority) का लाभ मिलेगा।
पृष्ठभूमि
अग्निपथ योजना की घोषणा जून 2022 में की गई थी, जिसके तहत 17.5 से 21 वर्ष के युवाओं को 4 वर्ष के लिए थल सेना, नौसेना और वायु सेना में अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाता है। प्रारंभिक बैच के 4 वर्ष पूरे होने के अवसर पर सेना द्वारा किए गए प्रदर्शन मूल्यांकन में अग्निवीरों की फिटनेस, तकनीकी दक्षता और समर्पण को अत्यंत प्रभावी पाया गया, जिसके फलस्वरूप अनिवार्य एग्जिट क्लॉज को लचीला बनाया गया है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- प्रशासनिक मंत्रालय: रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence)।
- योजना की घोषणा: 14 जून 2022; प्रथम बैच का सेवाकाल 2026 के अंत में पूरा हो रहा है।
- उद्देश्य: सशस्त्र बलों की औसत आयु प्रोफ़ाइल को युवा और तकनीकी रूप से उन्नत बनाना।
2. लिथियम और निकेल प्रसंस्करण हेतु ₹2,814 करोड़ की कैपेक्स सहायता योजना
क्या हुआ?
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में महत्वपूर्ण खनिजों के घरेलू प्रसंस्करण को गति देने के लिए ‘कैपेक्स सपोर्ट स्कीम फॉर क्रिटिकल मिनरल प्रोसेसिंग’ को मंजूरी दी है। इसका कुल वित्तीय परिव्यय ₹2,814 करोड़ है, जो वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पाँच वर्षों के लिए संचालित होगी।
| प्रमुख घटक | विवरण |
|---|---|
| योजना परिव्यय | ₹2,814 करोड़ (5 वर्ष: 2026-27 से 2030-31) |
| पूंजीगत सब्सिडी (Capex Subsidy) | योग्य निवेश का 30 प्रतिशत |
| लक्ष्य संयंत्र | कुल 4 संयंत्र (2 लिथियम और 2 निकेल) |
| न्यूनतम क्षमता मानक | लिथियम: 30 किलो-टन प्रति वर्ष; निकेल: 50 किलो-टन प्रति वर्ष |
| अधिकतम वित्तीय सहायता सीमा | लिथियम संयंत्र हेतु ₹500 करोड़; निकेल संयंत्र हेतु ₹900 करोड़ |
| उप-उत्पाद लाभ | निकेल प्रसंस्करण से कोबाल्ट की रिकवरी सुनिश्चित करना |
पृष्ठभूमि एवं रणनीतिक महत्व
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (EV), बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS), अर्धचालक, रक्षा उपकरण और विशेष इस्पात के लिए लिथियम व निकेल अत्यंत अनिवार्य हैं। वर्तमान में वैश्विक स्तर पर इन खनिजों का प्रसंस्करण गिने-चुने देशों में केंद्रित है, जिससे आपूर्ति शृंखला में भू-राजनीतिक जोखिम बना रहता है। भारत ने 24 महत्वपूर्ण खनिजों की पहचान की है। यह योजना कच्चे या रीसायकल किए गए अयस्क को उद्योग-उपयोगी उच्च शुद्धता वाले रसायनों में बदलने के लिए लगभग ₹10,000 करोड़ का निजी निवेश आकर्षित करेगी।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- नोडल मंत्रालय: खान मंत्रालय (Ministry of Mines)।
- संबंधित कानून: खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2023, जिसने निजी क्षेत्र को महत्वपूर्ण खनिजों के खनन व प्रसंस्करण की अनुमति दी।
- राष्ट्रीय लक्ष्य: वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन (Net Zero Emissions) और 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता प्राप्त करना।
3. ट्राई ने लॉन्च किया ‘नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म’ (Network Anubhav Platform)
क्या हुआ?
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने देश भर में दूरसंचार नेटवर्क की गुणवत्ता और डेटा स्पीड की वास्तविक स्थिति दर्शाने वाला सार्वजनिक भू-स्थानिक डैशबोर्ड ‘नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म’ लॉन्च किया है।
- पारदर्शिता और उपभोक्ता सशक्तिकरण: यह प्लेटफॉर्म नागरिकों को जिला, ब्लॉक और पिन-कोड स्तर पर मोबाइल व फिक्स्ड ब्रॉडबैंड की डाउनलोड एवं अपलोड स्पीड तथा सेवा की गुणवत्ता (QoS) देखने की सुविधा देता है।
- डेटा एकीकरण: यह डैशबोर्ड ट्राई के मायस्पीड (MySpeed) और मायकॉल (MyCall) ऐप्स के क्राउड-सोर्स्ड डेटा तथा स्वतंत्र ड्राइव टेस्ट (Independent Drive Tests - IDT) के आंकड़ों को एकीकृत करता है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- TRAI की स्थापना: 20 फरवरी 1997 को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण अधिनियम, 1997 के तहत एक वैधानिक निकाय के रूप में।
- मुख्यालय: नई दिल्ली।
- विवाद समाधान: दूरसंचार क्षेत्र के विवादों के निपटारे के लिए वर्ष 2000 में टीडीसैट (TDSAT - Telecom Disputes Settlement and Appellate Tribunal) की स्थापना की गई थी।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| अग्निपथ योजना का शुभारंभ | जून 2022 |
|---|---|
| अग्निवीर संशोधित रूपरेखा | 25% मेरिट पर तत्काल + 75% को 2 वर्ष विस्तार बाद नियमितिकरण |
| महत्वपूर्ण खनिज कैपेक्स योजना परिव्यय | ₹2,814 करोड़ (2026-27 से 2030-31) |
| संयंत्रों को पूंजीगत सब्सिडी दर | योग्य निवेश का 30 प्रतिशत |
| भारत द्वारा चिह्नित क्रिटिकल मिनरल्स | 24 खनिज |
| ट्राई (TRAI) का स्थापना वर्ष | 1997 (TRAI अधिनियम 1997) |
| ट्राई का मुख्यालय | नई दिल्ली |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा हाल ही में अनुमोदित संशोधित व्यवस्था के अनुसार, प्रारंभिक 4 वर्ष की सेवा के बाद नियमित कैडर में चयनित न होने वाले शेष 75% अग्निवीरों के लिए क्या प्रावधान किया गया है?
Q2 घरेलू स्तर पर लिथियम और निकेल प्रसंस्करण को बढ़ावा देने हेतु केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत कैपेक्स सहायता योजना का कुल परिव्यय कितना है?
Q3 महत्वपूर्ण खनिज प्रसंस्करण सहायता योजना के तहत संयंत्रों की स्थापना के लिए कितनी पूंजीगत सब्सिडी (Capital Subsidy) प्रदान की जाएगी?
Q4 देशभर में मोबाइल और ब्रॉडबैंड की वास्तविक गति एवं सेवा गुणवत्ता को दर्शाने वाला ‘नेटवर्क अनुभव प्लेटफॉर्म’ किस संस्था द्वारा लॉन्च किया गया है?
Q5 भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के संबंध में कौन-सा कथन सत्य है?








