भौतिक राशियाँ, SI मात्रक और विमाएँ: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण गाइड
RRB Group D, SSC CHSL और राज्य परीक्षाओं के लिए भौतिक राशियों, उनके SI मात्रकों और विमीय सूत्रों की विस्तृत तालिका, ट्रिक्स व पिछले वर्षों के महत्वपूर्ण तथ्य।
⭐ मुख्य बिंदु
- SI पद्धति में कुल 7 मूल राशियाँ और 2 पूरक राशियाँ (समतल कोण व ठोस कोण) स्वीकृत हैं।
- 20 मई 2019 से किलोग्राम, एम्पीयर, केल्विन और मोल को प्राकृतिक सार्वत्रिक स्थिरांकों द्वारा पुनर्परिभाषित किया गया।
- प्रकाश वर्ष और पारसेक समय के नहीं, बल्कि खगोलीय दूरी मापने के मात्रक हैं (1 पारसेक = 3.26 प्रकाश वर्ष)।
- कार्य, ऊर्जा और बल आघूर्ण तीनों का विमीय सूत्र समान [M¹ L² T⁻²] होता है।
- संवेग और आवेग दोनों की विमा समान [M¹ L¹ T⁻¹] तथा SI मात्रक kg·m/s या N·s होता है।
- विकृति, आपेक्षिक घनत्व, अपवर्तनांक और घर्षण गुणांक पूर्णतः विमाहीन [M⁰ L⁰ T⁰] राशियाँ हैं।
- कोण (Angle) ऐसी विशिष्ट राशि है जिसका मात्रक (रेडियन) होता है, किंतु यह विमाहीन होती है।
- 1 न्यूटन में 10⁵ डाइन तथा 1 जूल में 10⁷ अर्ग होते हैं।
भौतिक राशियाँ और मापन: आधारभूत समझ
भौतिकी प्रकृति और उसके नियमों का अध्ययन है। प्रकृति की परिघटनाओं को समझने और उनके गणितीय विश्लेषण के लिए मापन अनिवार्य है। वे सभी राशियाँ जिन्हें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मापा जा सके और जिनके पदों में भौतिकी के नियमों को व्यक्त किया जा सके, भौतिक राशियाँ (Physical Quantities) कहलाती हैं। उदाहरण के लिए लंबाई, द्रव्यमान, समय, ताप, चाल, बल आदि। किसी भी भौतिक राशि के पूर्ण निरूपण के लिए दो चीज़ों की आवश्यकता होती है: आंकिक मान (Numerical Value - n) और उसका मात्रक (Unit - u), यानी Q = n × u। यदि मात्रक बड़ा होगा, तो आंकिक मान छोटा होगा और मात्रक छोटा होने पर आंकिक मान बड़ा होगा।
इतिहास में मापन के लिए कई प्रणालियाँ उपयोग में लाई गईं, जैसे CGS (सेंटीमीटर-ग्राम-सेकंड), FPS (फुट-पाउंड-सेकंड या ब्रिटिश प्रणाली), और MKS (मीटर-किलोग्राम-सेकंड)। अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैज्ञानिक अनुसंधान में एकरूपता लाने के लिए 1960 में 11वें भार एवं माप महासम्मेलन (CGPM) में अंतरराष्ट्रीय मात्रक प्रणाली (Système International d‘Unités - SI) को वैश्विक मान्यता दी गई।
मूल राशियाँ और उनके SI मात्रक (7 Base Units)
मूल राशियाँ (Fundamental Quantities) वे स्वतंत्र राशियाँ हैं जिन्हें किसी अन्य राशि के पदों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। SI पद्धति में सात मूल राशियाँ स्वीकृत हैं। वर्ष 2019 में 26वें CGPM सम्मेलन द्वारा इन सातों मूल मात्रकों को प्राकृतिक सार्वत्रिक स्थिरांकों (Universal Physical Constants) के आधार पर पुनर्परिभाषित किया गया है।
| क्र.सं. | मूल भौतिक राशि | राशि प्रतीक | SI मात्रक का नाम | SI प्रतीक | विमीय प्रतीक | परिभाषा का आधार स्थिरांक (2019 संसोधन) |
|---|---|---|---|---|---|---|
| 1 | लंबाई (Length) | l, x, r | मीटर (Metre) | m | [L] | निर्वात में प्रकाश की चाल (c) |
| 2 | द्रव्यमान (Mass) | m | किलोग्राम (Kilogram) | kg | [M] | प्लांक स्थिरांक (h) |
| 3 | समय (Time) | t | सेकंड (Second) | s | [T] | सीज़ियम-133 परमाणु संक्रमण आवृत्ति (ΔνCs) |
| 4 | विद्युत धारा (Electric Current) | I, i | एम्पीयर (Ampere) | A | [A] या [I] | मूल विद्युत आवेश (e) |
| 5 | ऊष्मागतिक ताप (Thermodynamic Temp.) | T | केल्विन (Kelvin) | K | [K] या [θ] | बोल्ट्ज़मान स्थिरांक (k) |
| 6 | पदार्थ की मात्रा (Amount of Substance) | n | मोल (Mole) | mol | [mol] या [N] | आवोगाद्रो स्थिरांक (NA) |
| 7 | ज्योति तीव्रता (Luminous Intensity) | Iv | कैंडेला (Candela) | cd | [cd] | दृश्य प्रकाश की दीप्त दक्षता (Kcd) |
पूरक मात्रक (Supplementary Units)
SI पद्धति में दो राशियों को पूरक राशियों का दर्जा दिया गया था, जिन्हें 1995 के बाद से विमाहीन व्युत्पन्न मात्रक माना जाता है:
- समतल कोण (Plane Angle): इसका मात्रक रेडियन (Radian - rad) है। कोण = चाप / त्रिज्या। चूंकि यह दो लंबाइयों का अनुपात है, इसलिए यह विमाहीन राशि [M⁰L⁰T⁰] है।
- ठोस कोण (Solid Angle): त्रिविमीय कोण के लिए इसका मात्रक स्टेरेडियन (Steradian - sr) है। ठोस कोण = क्षेत्रफल / (त्रिज्या)²। यह भी विमाहीन राशि है।
विमा (Dimension) और विमीय सूत्र निकालना सीखें
किसी व्युत्पन्न राशि को मूल राशियों के पदों में व्यक्त करने के लिए मूल राशियों पर जो घातें (Powers) लगाई जाती हैं, उन्हें उस राशि की विमाएँ कहते हैं। विमीय सूत्र को हमेशा बड़े कोष्ठक [ ] में लिखा जाता है।
विमीय सूत्र निकालने की 3-चरणीय विधि:
- सूत्र लिखें: भौतिक राशि का आधारभूत सूत्र लिखें (उदा. चाल = दूरी / समय)।
- मूल मात्रकों में बदलें: दूरी = [L], समय = [T]।
- घातांक के रूप में संयोजित करें: चाल = [L] / [T] = [M⁰ L¹ T⁻¹]।
इसी प्रकार, त्वरण = वेग परिवर्तन / समय = [L T⁻¹] / [T] = [M⁰ L¹ T⁻²]।
बल = द्रव्यमान × त्वरण = [M] × [L T⁻²] = [M¹ L¹ T⁻²]। परीक्षा में बल का विमीय सूत्र सबसे महत्वपूर्ण आधार बनता है, क्योंकि कई जटिल राशियों के सूत्र बल से ही निकलते हैं।
प्रमुख भौतिक राशियाँ, सूत्र, SI मात्रक और विमाएँ (मास्टर तालिका)
प्रतियोगी परीक्षाओं (Railway Group D, NTPC, SSC CHSL, CGL, BPSC) में बार-बार पूछे जाने वाले सभी प्रमुख व्युत्पन्न मात्रक नीचे दिए गए हैं:
| भौतिक राशि | संबंध/सूत्र | व्युत्पन्न SI मात्रक | विशेष SI नाम | विमीय सूत्र |
|---|---|---|---|---|
| क्षेत्रफल (Area) | लंबाई × चौड़ाई | m² | वर्ग मीटर | [M⁰ L² T⁰] |
| आयतन (Volume) | लंबाई × चौड़ाई × ऊँचाई | m³ | घन मीटर | [M⁰ L³ T⁰] |
| घनत्व (Density) | द्रव्यमान / आयतन | kg/m³ | किग्रा प्रति घन मीटर | [M¹ L⁻³ T⁰] |
| चाल / वेग (Speed / Velocity) | दूरी या विस्थापन / समय | m/s | मीटर प्रति सेकंड | [M⁰ L¹ T⁻¹] |
| त्वरण (Acceleration) | वेग / समय | m/s² | मीटर प्रति सेकंड² | [M⁰ L¹ T⁻²] |
| संवेग (Momentum) | द्रव्यमान × वेग | kg·m/s | किग्रा·मीटर/सेकंड | [M¹ L¹ T⁻¹] |
| आवेग (Impulse) | बल × समय | N·s या kg·m/s | न्यूटन-सेकंड | [M¹ L¹ T⁻¹] |
| बल / भार (Force / Weight) | द्रव्यमान × त्वरण | kg·m/s² | न्यूटन (N) | [M¹ L¹ T⁻²] |
| कार्य / ऊर्जा (Work / Energy) | बल × विस्थापन | N·m या kg·m²/s² | जूल (J) | [M¹ L² T⁻²] |
| शक्ति (Power) | कार्य / समय | J/s | वाट (W) | [M¹ L² T⁻³] |
| दाब / प्रतिबल (Pressure / Stress) | बल / क्षेत्रफल | N/m² | पास्कल (Pa) | [M¹ L⁻¹ T⁻²] |
| पृष्ठ तनाव (Surface Tension) | बल / लंबाई | N/m | न्यूटन प्रति मीटर | [M¹ L⁰ T⁻²] |
| श्यानता गुणांक (Viscosity Coeff.) | बल / (क्षेत्रफल × वेग प्रवणता) | Pa·s या N·s/m² | प्वाइज़ुली (Poiseuille) | [M¹ L⁻¹ T⁻¹] |
| सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) | (बल × दूरी²) / द्रव्यमान² | N·m²/kg² | — | [M⁻¹ L³ T⁻²] |
| प्लांक नियतांक (Planck‘s Constant - h) | ऊर्जा / आवृत्ति | J·s | जूल-सेकंड | [M¹ L² T⁻¹] |
| आवृत्ति (Frequency) | 1 / आवर्तकाल | s⁻¹ | हर्ट्ज़ (Hz) | [M⁰ L⁰ T⁻¹] |
| कोणीय संवेग (Angular Momentum) | जड़त्व आघूर्ण × कोणीय वेग | kg·m²/s | — | [M¹ L² T⁻¹] |
| विद्युत आवेश (Electric Charge) | धारा × समय | A·s | कूलॉम (C) | [M⁰ L⁰ T¹ A¹] |
| विद्युत विभव / विभवांतर (Voltage) | कार्य / आवेश | J/C | वोल्ट (V) | [M¹ L² T⁻³ A⁻¹] |
| विद्युत प्रतिरोध (Resistance) | विभवांतर / धारा | V/A | ओम (Ω) | [M¹ L² T⁻³ A⁻²] |
| विद्युत धारिता (Capacitance) | आवेश / विभव | C/V | फैराड (F) | [M⁻¹ L⁻² T⁴ A²] |
| चुंबकीय फ्लक्स (Magnetic Flux) | चुंबकीय क्षेत्र × क्षेत्रफल | V·s | वेबर (Wb) | [M¹ L² T⁻² A⁻¹] |
| चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (B) | बल / (धारा × लंबाई) | N/(A·m) | टेस्ला (T) | [M¹ L⁰ T⁻² A⁻¹] |
| प्रेरकत्व (Inductance) | चुंबकीय फ्लक्स / धारा | Wb/A | हेनरी (H) | [M¹ L² T⁻² A⁻²] |
परीक्षा में सबसे ज़्यादा पूछे जाने वाले 'समान विमाओं वाले जोड़े'
रेलवे और एसएससी के प्रश्नों में अक्सर पूछा जाता है: ‘निम्नलिखित में से किस जोड़े की विमा समान है?’ इन युग्मों को कंठस्थ कर लें:
- कार्य (Work), गतिज ऊर्जा (Kinetic Energy), स्थितिज ऊर्जा (Potential Energy) और बल आघूर्ण (Torque): सबकी विमा [M¹ L² T⁻²] है।
- संवेग (Linear Momentum) और आवेग (Impulse): दोनों की विमा [M¹ L¹ T⁻¹] है (न्यूटन का दूसरा नियम: संवेग परिवर्तन की दर = बल, अतः आवेग = संवेग में परिवर्तन)।
- दाब (Pressure), प्रतिबल (Stress), और प्रत्यास्थता गुणांक (Modulus of Elasticity): सबकी विमा [M¹ L⁻¹ T⁻²] है।
- प्लांक नियतांक (Planck‘s Constant) और कोणीय संवेग (Angular Momentum): दोनों की विमा [M¹ L² T⁻¹] है।
- आवृत्ति (Frequency), कोणीय वेग (Angular Velocity), और क्षय नियतांक (Decay Constant): सबकी विमा [M⁰ L⁰ T⁻¹] या [T⁻¹] है।
विमाहीन भौतिक राशियाँ (Dimensionless Quantities)
कुछ राशियाँ समान भौतिक राशियों का अनुपात होती हैं, इसलिए उनकी कोई इकाई या विमा नहीं होती [M⁰ L⁰ T⁰]:
- विकृति (Strain): लंबाई में परिवर्तन / मूल लंबाई
- आपेक्षिक घनत्व (Relative Density): वस्तु का घनत्व / 4°C पर पानी का घनत्व
- अपवर्तनांक (Refractive Index): निर्वात में प्रकाश की चाल / माध्यम में प्रकाश की चाल
- घर्षण गुणांक (Coefficient of Friction): घर्षण बल / अभिलंब प्रतिक्रिया
- प्वासों अनुपात (Poisson‘s Ratio): पार्श्व विकृति / अनुदैर्ध्य विकृति
- कोण (Angle) और ठोस कोण (Solid Angle): ध्यान दें कि इनके मात्रक (रेडियन व स्टेरेडियन) होते हैं, लेकिन ये विमाविहीन होते हैं।
दैनिक जीवन व खगोलीय मापन के अन्य महत्वपूर्ण मात्रक
- प्रकाश वर्ष (Light Year): प्रकाश द्वारा निर्वात में एक वर्ष में तय की गई दूरी = 9.46 × 10¹⁵ मीटर। (यह समय का नहीं, दूरी का मात्रक है!)
- पारसेक (Parsec): खगोलीय दूरी की सबसे बड़ी व्यावहारिक इकाई = 3.26 प्रकाश वर्ष = 3.08 × 10¹⁶ मीटर।
- खगोलीय इकाई (Astronomical Unit - AU): सूर्य और पृथ्वी के बीच की औसत दूरी = 1.496 × 10¹¹ मीटर।
- एंगस्ट्रॉम (Å): तरंगदैर्घ्य मापन हेतु = 10⁻¹⁰ मीटर।
- फर्मी या फेम्टोमीटर (fm): नाभिकीय त्रिज्या = 10⁻¹⁵ मीटर।
- डाइन (Dyne) व न्यूटन: 1 Newton = 10⁵ Dyne (CGS बल)।
- अर्ग (Erg) व जूल: 1 Joule = 10⁷ Erg (CGS ऊर्जा)।
- लेंस की क्षमता (Lens Power): डायोप्टर (Dioptre, D = 1/f मीटर में)।
- ध्वनि की तीव्रता (Loudness): डेसिबल (Decibel - dB)।
- रेडियोधर्मिता (Radioactivity): बेकरेल (Becquerel - Bq, 1 विघटन/सेकंड) और क्यूरी (Curie = 3.7 × 10¹⁰ Bq)।
स्मार्ट ट्रिक: विमीय संगति का नियम (Principle of Homogeneity)
किसी भी भौतिक समीकरण में केवल उन्हीं पदों को जोड़ा या घटाया जा सकता है जिनकी विमाएँ समान हों। उदाहरण के लिए, समीकरण v = u + at में v, u और (at) तीनों की विमा [L T⁻¹] ही होगी। परीक्षा में यदि किसी स्थिरांक की विमा पूछी जाए, तो समीकरण के दोनों पक्षों की विमा बराबर रखकर तुरंत हल करें!
परीक्षा में कैसे पूछे जाते हैं प्रश्न (Previous Years Exam Trends)
विगत वर्षों के SSC CGL/CHSL और RRB Group D प्रश्नपत्रों के विश्लेषण से पता चलता है कि प्रश्न तीन प्रमुख श्रेणियों में बँटे होते हैं:
- सीधा मात्रक मिलान: जैसे ‘लक्स (Lux) किसका मात्रक है?’ उत्तर: प्रदीप्ति घनत्व (Illuminance)। ‘वेबर किसका मात्रक है?’ उत्तर: चुंबकीय फ्लक्स।
- कन्वर्ज़न आधारित प्रश्न: 1 अश्वशक्ति (Horse Power) = 746 वाट; 1 बार (Bar) = 10⁵ पास्कल; 1 न्यूटन में कितने डाइन होते हैं (10⁵)।
- विमीय तुलना: ‘सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक G की विमा क्या है?’ ([M⁻¹ L³ T⁻²]) या ‘कौन-सी राशि विमाहीन है?’ (विकृति / अपवर्तनांक)।
हालिया बदलाव एवं मानक परिभाषाएँ (2019 का ऐतिहासिक सुधार)
20 मई 2019 से लागू नई SI प्रणाली के तहत मानव-निर्मित भौतिक प्रोटोटाइप का युग समाप्त हो गया। पहले किलोग्राम पेरिस के ‘इंटरनेशनल ब्यूरो ऑफ वेट्स एंड मेजर्स’ (BIPM) में रखे प्लैटिनम-इरीडियम बेलन (Le Grand K) के द्रव्यमान पर निर्भर था। अब किलोग्राम को प्लांक स्थिरांक (h = 6.62607015 × 10⁻³⁴ J·s) द्वारा निर्धारित किया जाता है। इसी तरह एम्पीयर को मूल आवेश (e = 1.602176634 × 10⁻¹⁹ C), केल्विन को बोल्ट्ज़मान स्थिरांक (k = 1.380649 × 10⁻²³ J/K), और मोल को आवोगाद्रो स्थिरांक (NA = 6.02214076 × 10²³ mol⁻¹) द्वारा परिभाषित किया गया है।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| SI प्रणाली की स्थापना | 1960 (11वाँ CGPM सम्मेलन) |
|---|---|
| SI मूल मात्रकों की संख्या | 7 (मीटर, किग्रा, सेकंड, एम्पीयर, केल्विन, मोल, कैंडेला) |
| नवीनतम SI पुनर्परिभाषा प्रभावी तिथि | 20 मई 2019 |
| दूरी की सबसे बड़ी खगोलीय इकाई | पारसेक (Parsec ≈ 3.08 × 10¹⁶ m) |
| 1 अश्वशक्ति (Horsepower) | 746 वाट (Watt) |
| सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) विमा | [M⁻¹ L³ T⁻²] |
| ध्वनि तीव्रता का व्यावहारिक मात्रक | डेसिबल (Decibel - dB) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 निम्नलिखित में से किस भौतिक राशि युग्म की विमाएँ (Dimensions) एक समान हैं?
Q2 ‘प्रकाश वर्ष’ (Light Year) निम्नलिखित में से किसकी इकाई है?
Q3 सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण नियतांक (G) का सही विमीय सूत्र क्या है?
Q4 निम्नलिखित में से कौन-सी राशि मात्रक रखती है परंतु विमाहीन (Dimensionless) है?
Q5 20 मई 2019 को लागू नई SI परिभाषा के अनुसार ‘किलोग्राम’ को किस प्राकृतिक स्थिरांक के मान पर आधारित किया गया है?








