धातु, अधातु, मिश्र धातु और प्रमुख अयस्क: प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए संपूर्ण गाइड
धातु, अधातु, सक्रियता श्रेणी, प्रमुख अयस्क एवं मिश्र धातुओं का विस्तृत अध्ययन। RRB, SSC और राज्य PCS परीक्षाओं के लिए ट्रिक्स और महत्वपूर्ण तथ्यों का संकलन।
⭐ मुख्य बिंदु
- पारा (Hg) एकमात्र ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है।
- ब्रोमीन (Br) एकमात्र अधातु है जो सामान्य ताप पर द्रव रूप में रहती है।
- सोडियम और पोटैशियम अत्यंत नरम धातुएँ हैं जिन्हें चाकू से आसानी से काटा जा सकता है।
- एल्युमिनियम ऑक्साइड और जिंक ऑक्साइड उभयधर्मी होते हैं जो अम्ल और क्षार दोनों से क्रिया करते हैं।
- जर्मन सिल्वर में ताँबा, जस्ता और निकेल होता है, इसमें चाँदी (Ag) की मात्रा शून्य प्रतिशत होती है।
- गैलेना सीसे (Lead) का, सिनेबार पारे (Mercury) का और बॉक्साइट एल्युमिनियम का मुख्य अयस्क है।
- लोहा पारे के साथ अमलगम नहीं बनाता, इसलिए पारे को सुरक्षित रखने के लिए लोहे के पात्र का उपयोग किया जाता है।
प्रस्तावना: तत्व और उनका वर्गीकरण
रसायन विज्ञान में हमारे आसपास उपस्थित सभी पदार्थों का मूल आधार तत्व (Elements) हैं। आवर्त सारणी में ज्ञात 118 तत्वों को उनके भौतिक एवं रासायनिक गुणों के आधार पर मुख्य रूप से तीन श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: धातु (Metals), अधातु (Non-metals) और उपधातु (Metalloids)। प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे RRB Group D, SSC CHSL, CGL, BPSC तथा UPSC में इस अध्याय से सीधे तथ्यात्मक तथा अनुप्रयोग-आधारित प्रश्न पूछे जाते हैं। इस लेख का उद्देश्य आपको इन सभी अवधारणाओं, प्रमुख अपवादों, अयस्कों और मिश्र धातुओं की पूरी समझ प्रदान करना है।
1. धातु और अधातु के भौतिक गुणधर्म एवं उनके अपवाद
सामान्यतः धातुएँ वे तत्व हैं जो इलेक्ट्रॉन त्यागकर धनायन (Cations) बनाने की प्रवृत्ति रखती हैं, जबकि अधातुएँ इलेक्ट्रॉन ग्रहण करके ऋणायन (Anions) बनाती हैं। परीक्षा की दृष्टि से इनके सामान्य गुणों से अधिक इनके अपवाद (Exceptions) अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
| गुणधर्म | धातु (Metals) | अधातु (Non-metals) | परीक्षा उपयोगी अपवाद |
|---|---|---|---|
| भौतिक अवस्था | कमरे के तापमान पर ठोस | ठोस, द्रव एवं गैस तीनों अवस्थाओं में | पारा (Mercury - Hg) एकमात्र ऐसी धातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में पाई जाती है। ब्रोमीन (Bromine - Br) एकमात्र ऐसी अधातु है जो कमरे के तापमान पर द्रव होती है। गैलियम (Ga) और सीज़ियम (Cs) हथेली पर रखते ही पिघल जाते हैं। |
| कठोरता | सामान्यतः कठोर | सामान्यतः नरम एवं भंगुर | सोडियम (Na) और पोटैशियम (K) इतनी नरम धातुएँ हैं कि इन्हें साधारण चाकू से भी काटा जा सकता है। इसके विपरीत हीरा (Diamond), जो कार्बन का एक अपररूप (अधातु) है, प्रकृति का सबसे कठोरतम ज्ञात प्राकृतिक पदार्थ है। |
| धात्विक चमक (Lustre) | चमकदार सतह | सामान्यतः चमकहीन (मलिन) | आयोडीन (Iodine) एक अधातु होते हुए भी चमकदार होती है। |
| आघातवर्धनीयता (Malleability) | उच्च (पीटकर पतली चादर बनाई जा सकती है) | अनाघातवर्धनीय (चोट मारने पर टूट जाती हैं) | सोना (Gold - Au) और चाँदी (Silver - Ag) सर्वाधिक आघातवर्धनीय धातुएँ हैं। |
| तन्यता (Ductility) | उच्च (खींचकर पतले तार बनाए जा सकते हैं) | तन्यता का अभाव | सोना सर्वाधिक तन्य धातु है; मात्र 1 ग्राम सोने से लगभग 2 किलोमीटर लंबा तार खींचा जा सकता है। |
| विद्युत एवं ऊष्मा चालकता | उत्कृष्ट सुचालक | सामान्यतः कुचालक | चाँदी (Ag) ऊष्मा और विद्युत की सर्वश्रेष्ठ चालक है, इसके बाद ताँबा आता है। सीसा (Lead - Pb) और पारा ऊष्मा के सबसे दुर्बल चालक हैं। अधातुओं में ग्रेफाइट (Graphite) कार्बन का अपररूप होते हुए भी विद्युत का उत्तम सुचालक है। |
| ध्वानिक गुण (Sonorous) | कठोर सतह से टकराने पर आवाज़ पैदा करती हैं | ध्वनि उत्पन्न नहीं करतीं | स्कूल की घंटियों और वाद्य यंत्रों के तारों में धातुओं का उपयोग इसी गुण के कारण होता है। |
2. महत्वपूर्ण रासायनिक गुणधर्म
धातुओं और अधातुओं के रासायनिक व्यवहार से संबंधित मुख्य अवधारणाएँ निम्नलिखित हैं:
(क) ऑक्साइडों की प्रकृति
- धातुओं के ऑक्साइड: सामान्यतः क्षारीय (Basic) प्रकृति के होते हैं। उदाहरण के लिए, मैग्नीशियम ऑक्साइड (MgO) जल में घुलकर क्षारीय विलयन बनाता है जो लाल लिटमस को नीला कर देता है।
- उभयधर्मी ऑक्साइड (Amphoteric Oxides): कुछ धातु ऑक्साइड अम्ल और क्षार दोनों के साथ अभिक्रिया करके लवण तथा जल बनाते हैं। परीक्षा में यह बार-बार पूछा जाता है। प्रमुख उदाहरण: एल्युमिनियम ऑक्साइड (Al2O3) और जिंक ऑक्साइड (ZnO)।
- अधातुओं के ऑक्साइड: सामान्यतः अम्लीय (Acidic) या उदासीन (Neutral) होते हैं। कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) और सल्फर डाइऑक्साइड (SO2) अम्लीय हैं, जबकि कार्बन मोनोऑक्साइड (CO), नाइट्रस ऑक्साइड (N2O) और जल (H2O) उदासीन ऑक्साइड हैं।
(ख) जल और अम्लों के साथ अभिक्रिया
- सोडियम और पोटैशियम: ठंडे जल के साथ इतनी हिंसक और ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया करते हैं कि उत्पन्न हाइड्रोजन गैस तुरंत आग पकड़ लेती है। इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए केरोसिन (मिट्टी के तेल) में डुबोकर रखा जाता है।
- सफेद फास्फोरस: यह अधातु वायु में स्वतः आग पकड़ लेती है, इसलिए इसे जल में डुबोकर रखा जाता है।
- अम्ल के साथ अभिक्रिया: जब धातुएँ तनु हाइड्रोक्लोरिक या सल्फ्यूरिक अम्ल से क्रिया करती हैं, तो हाइड्रोजन गैस (H2) उत्सर्जित होती है जो ‘पॉप’ ध्वनि के साथ जलती है। परंतु नाइट्रिक अम्ल (HNO3) के साथ अभिक्रिया करने पर हाइड्रोजन गैस नहीं निकलती क्योंकि यह एक प्रबल ऑक्सीकारक है। केवल मैग्नीशियम (Mg) और मैंगनीज (Mn) अति तनु HNO3 के साथ H2 गैस मुक्त करते हैं।
- एक्वा रेजिया (अम्लराज): सांद्र हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (Conc. HCl) और सांद्र नाइट्रिक अम्ल (Conc. HNO3) का 3 : 1 के अनुपात में बना ताजा मिश्रण ‘अम्लराज’ कहलाता है। यह सोने और प्लेटिनम जैसी उत्कृष्ट धातुओं को भी घोलने की क्षमता रखता है।
3. सक्रियता श्रेणी (Reactivity Series)
सक्रियता श्रेणी वह सूची है जिसमें धातुओं को उनकी घटती हुई क्रियाशीलता के क्रम में व्यवस्थित किया गया है। विस्थापन अभिक्रियाओं (Displacement Reactions) को समझने के लिए यह सबसे महत्वपूर्ण उपकरण है।
| धातु का नाम | संकेत | क्रियाशीलता स्तर | अभिक्रिया प्रकृति |
|---|---|---|---|
| पोटैशियम (Potassium) | K | सर्वाधिक क्रियाशील | ठंडे जल के साथ तीव्र अभिक्रिया |
| सोडियम (Sodium) | Na | अत्यधिक क्रियाशील | ठंडे जल और वायु से तीव्र क्रिया |
| कैल्शियम (Calcium) | Ca | उच्च क्रियाशील | जल के साथ कम तीव्र, तैरने लगता है |
| मैग्नीशियम (Magnesium) | Mg | मध्यम-उच्च | गर्म जल के साथ अभिक्रिया करता है |
| एल्युमिनियम (Aluminium) | Al | मध्यम | केवल भाप (Steam) के साथ क्रिया |
| जिंक (Zinc) | Zn | मध्यम | केवल भाप के साथ क्रिया |
| आयरन (Iron) | Fe | मध्यम | लाल गर्म होने पर भाप से क्रिया |
| लेड (Lead) | Pb | निम्न-मध्यम | अम्ल से बहुत मंद क्रिया |
| हाइड्रोजन (Hydrogen) | H | संदर्भ अधातु | मानक संदर्भ बिंदु |
| कॉपर (Copper) | Cu | कम क्रियाशील | जल या तनु अम्लों से कोई क्रिया नहीं |
| मर्करी (Mercury) | Hg | कम क्रियाशील | वायु में गर्म करने पर ऑक्साइड बनाता है |
| सिल्वर (Silver) | Ag | अति निम्न क्रियाशील | मुक्त अवस्था में पाया जाता है |
| गोल्ड (Gold) | Au | सबसे कम क्रियाशील | प्रकृति में सदैव मुक्त अवस्था में |
4. खनिज और अयस्क (Minerals and Ores)
छात्रों को खनिज और अयस्क के बीच का अंतर स्पष्ट होना चाहिए:
खनिज (Mineral): पृथ्वी की भूपर्पटी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले अकार्बनिक तत्व या यौगिक खनिज कहलाते हैं।
अयस्क (Ore): वे विशिष्ट खनिज जिनमें किसी धातु की प्रचुर मात्रा होती है और जिससे धातु को व्यावसायिक एवं आर्थिक रूप से सुगमता से निष्कर्षित किया जा सकता है, अयस्क कहलाते हैं। अतः ‘सभी अयस्क खनिज होते हैं, परंतु सभी खनिज अयस्क नहीं होते।’
प्रमुख धातुएँ और उनके महत्वपूर्ण अयस्क
| धातु (Metal) | प्रमुख अयस्क (Major Ores) | रासायनिक सूत्र (Chemical Formula) | विशेष टिप्पणी |
|---|---|---|---|
| लोहा (Iron - Fe) | हेमेटाइट मैग्नेटाइट सिडेराइट आयरन पाइराइट्स | Fe2O3 Fe3O4 FeCO3 FeS2 | मैग्नेटाइट सर्वोत्तम किस्म (लगभग 72% लोहा, प्राकृतिक चुंबक)। हेमेटाइट भारत में औद्योगिक रूप से सर्वाधिक प्रयुक्त। आयरन पाइराइट्स को ‘झूठा सोना’ (Fool’s Gold) कहते हैं। |
| एल्युमिनियम (Al) | बॉक्साइट क्रायोलाइट कोरन्डम | Al2O3·2H2O Na3AlF6 Al2O3 | बॉक्साइट एल्युमिनियम का मुख्य अयस्क है। क्रायोलाइट का प्रयोग बॉक्साइट के गलनांक को कम करने हेतु विद्युत अपघटन में किया जाता है। |
| ताँबा (Copper - Cu) | कॉपर पाइराइट्स (चाल्कोपाइराइट) क्यूप्राइट मैलाकाइट | CuFeS2 Cu2O CuCO3·Cu(OH)2 | चाल्कोपाइराइट ताँबे का मुख्य अयस्क है। मैलाकाइट का रंग हरा होता है। |
| सीसा (Lead - Pb) | गैलेना एंजलेसाइट | PbS PbSO4 | गैलेना लेड का सबसे प्रमुख सल्फाइड अयस्क है। यह एक्स-रे विकिरण रोकने में उपयोगी है। |
| पारा (Mercury - Hg) | सिनेबार (हिंगुल) | HgS | सिनेबार पारे का एकमात्र प्रमुख सल्फाइड अयस्क है। गर्म करने पर मर्करी वाष्प देता है। |
| जस्ता (Zinc - Zn) | जिंक ब्लेंड (स्फैलेराइट) कैलामाइन जिंकाइट | ZnS ZnCO3 ZnO | लोहे को जंग से बचाने के लिए यशदलेपन (Galvanization) में जिंक की परत चढ़ाई जाती है। |
| मैग्नीशियम (Mg) | डोलोमाइट कार्नेलाइट एप्सम लवण | MgCO3·CaCO3 KCl·MgCl2·6H2O MgSO4·7H2O | क्लोरोफिल के केंद्र में मैग्नीशियम धातु उपस्थित होती है। |
| यूरेनियम (U) | पिचब्लेंड (यूरेनिनाइट) कॉर्नेटाइट | U3O8 K2(UO2)2(VO4)2·3H2O | परमाणु ऊर्जा का प्रमुख स्रोत। भारत में जादूगोड़ा (झारखंड) पिचब्लेंड की प्रसिद्ध खान है। |
| थोरियम (Th) | मोनाजाइट बालू | फॉस्फेट खनिज | केरल के तटीय रेत (Monazite sand) में प्रचुर मात्रा में मिलता है। |
| चाँदी (Silver - Ag) | अर्जेंटाइट (सिल्वर ग्लांस) हॉर्न सिल्वर | Ag2S AgCl | हॉर्न सिल्वर फोटोक्रोमैटिक काँच में उपयोगी है। |
| सोडियम (Na) | रॉक साल्ट चिली साल्टपीटर बोरेक्स (सुहागा) | NaCl NaNO3 Na2B4O7·10H2O | चिली साल्टपीटर उर्वरक उद्योग में महत्वपूर्ण है। |
5. मिश्र धातुएँ (Alloys): संघटक एवं उपयोग
दो या दो से अधिक धातुओं, अथवा किसी धातु और अधातु के समांगी मिश्रण (Homogeneous Mixture) को मिश्र धातु (Alloy) कहते हैं। शुद्ध धातुओं की तुलना में मिश्र धातुओं की सामर्थ्य, संक्षारण रोधकता (Corrosion Resistance) तथा कठोरता अधिक होती है, जबकि उनका गलनांक और विद्युत चालकता प्रायः कम होती है।
| मिश्र धातु (Alloy) | प्रमुख संघटक तत्व (Composition) | महत्वपूर्ण उपयोग | परीक्षा में आने वाला मुख्य बिंदु |
|---|---|---|---|
| पीतल (Brass) | ताँबा (Cu ~ 70%) + जस्ता (Zn ~ 30%) | बर्तन, मूर्तियाँ, वाद्य यंत्र, कारतूस खोल | पीतल में ताँबा और जिंक होता है, टिन नहीं होता। |
| कांसा (Bronze) | ताँबा (Cu ~ 88-90%) + टिन (Sn ~ 10-12%) | सिक्के, पदक (Medals), मूर्तियाँ, बेयरिंग | सिंधु घाटी सभ्यता कांस्य युगीन सभ्यता थी। |
| टांका / शोल्डर (Solder) | सीसा (Pb ~ 50%) + टिन (Sn ~ 50%) | विद्युत तारों को जोड़ने (Soldering) में | इसका गलनांक अत्यंत निम्न होता है। |
| स्टेनलेस स्टील (Stainless Steel) | लोहा (Fe ~ 73%) + क्रोमियम (Cr ~ 18%) + निकेल (Ni ~ 8%) + कार्बन (C ~ 1%) | शल्य चिकित्सा उपकरण (Surgical instruments), बर्तन, ब्लेड | क्रोमियम जंग रोधी बनाता है; कार्बन कठोरता प्रदान करता है। |
| जर्मन सिल्वर (German Silver) | ताँबा (Cu ~ 60%) + जस्ता (Zn ~ 20%) + निकेल (Ni ~ 20%) | नकली आभूषण, बर्तन, प्रतिरोधक तार | अत्यंत महत्वपूर्ण: जर्मन सिल्वर में सिल्वर (चाँदी) शून्य प्रतिशत (0%) होती है। |
| गन मेटल (Gun Metal) | ताँबा (Cu ~ 88%) + टिन (Sn ~ 10%) + जस्ता (Zn ~ 2%) | तोप, बंदूकें, गियर, बेयरिंग निर्माण | ताँबा, टिन और जिंक का त्रिक मिश्रण। |
| ड्युरालुमिन (Duralumin) | एल्युमिनियम (Al ~ 95%) + ताँबा (Cu ~ 4%) + मैग्नीशियम (Mg) + मैंगनीज (Mn) | हवाई जहाज के ढांचे, प्रेशर कुकर, वाहन | वजन में अत्यंत हल्का किंतु इस्पात जितना मजबूत। |
| मैग्नेलियम (Magnalium) | एल्युमिनियम (Al ~ 95%) + मैग्नीशियम (Mg ~ 5%) | हल्के तराजू, वैज्ञानिक उपकरण | हल्का और मजबूत मिश्र धातु। |
| अमलगम (Amalgam) | पारा (Hg) + कोई अन्य धातु (जैसे Ag, Sn, Zn) | दांतों के गड्ढे भरने (डेंटल फिलिंग) में | अपवाद: लोहा (Fe), प्लेटिनम और टंगस्टन अमलगम नहीं बनाते। इसलिए पारे को लोहे के पात्र में रखा जाता है। |
| बेल मेटल (Bell Metal) | ताँबा (Cu ~ 80%) + टिन (Sn ~ 20%) | घंटियाँ तथा पूजा के बर्तन बनाने में | टिन की अधिक मात्रा के कारण यह तेज गूँज पैदा करता है। |
6. याद रखने की आसान ट्रिक्स (Mnemonics)
ट्रिक 1: सक्रियता श्रेणी याद रखने का सूत्र
‘केदार नाथ का माली आलू जरा फीके पकाता है, कौन है आगे आओ’
- केदार (K) - पोटैशियम
- नाथ (Na) - सोडियम
- का (Ca) - कैल्शियम
- माली (Mg) - मैग्नीशियम
- आलू (Al) - एल्युमिनियम
- जरा (Zn) - जिंक
- फीके (Fe) - आयरन
- पकाता (Pb) - लेड
- है (H) - हाइड्रोजन
- कौन (Cu) - कॉपर
- है (Hg) - मर्करी
- आगे (Ag) - सिल्वर
- आओ (Au) - गोल्ड
ट्रिक 2: पीतल (Brass) का संघटक
याद रखें शब्द: ‘पिताजी’
पी = पीतल, ता = ताँबा (Copper), जी = जिंक (जस्ता)।
ट्रिक 3: जर्मन सिल्वर का भ्रम
याद रखें: ‘नेताजी की जर्मन कार’
ने = निकेल (Ni), ता = ताँबा (Cu), जी = जिंक (Zn)। इसमें चाँदी (Silver) 0% होती है।
7. परीक्षा में पूछे जाने वाले प्रमुख पैटर्न (Previous Years Insights)
- अपवादों पर आधारित प्रश्न: ‘कौन सी अधातु कमरे के ताप पर द्रव है?’ (उत्तर: ब्रोमीन) अथवा ‘चाकू से काटी जा सकने वाली धातुएँ कौन सी हैं?’ (उत्तर: सोडियम, पोटैशियम)।
- मिश्र धातु में अनुपस्थित तत्व: रेलवे और एसएससी में बार-बार पूछा जाता है कि जर्मन सिल्वर में चाँदी का प्रतिशत कितना होता है? (उत्तर: 0%)।
- अयस्क मिलान (Match the Following): एक तरफ धातु और दूसरी तरफ अयस्क देकर सही सुमेलित करने को कहा जाता है (उदा. सिनेबार - Hg, गैलेना - Pb, बॉक्साइट - Al, पिचब्लेंड - U)।
- उभयधर्मी ऑक्साइड की पहचान: Al2O3 और ZnO के रासायनिक व्यवहार पर प्रश्न पूछे जाते हैं।
- संक्षारण एवं सुरक्षा: लोहे पर जस्ते की परत चढ़ाने की प्रक्रिया को क्या कहते हैं? (उत्तर: यशदलेपन / Galvanization)।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| द्रव धातु | पारा (Mercury - Hg) |
|---|---|
| द्रव अधातु | ब्रोमीन (Bromine - Br) |
| विद्युत की सर्वश्रेष्ठ चालक धातु | चाँदी (Silver - Ag) |
| प्रकृति का सबसे कठोर प्राकृतिक पदार्थ | हीरा (कार्बन का अपररूप) |
| ‘झूठा सोना’ (Fool’s Gold) | आयरन पाइराइट्स (FeS₂) |
| अम्लराज (Aqua Regia) का अनुपात | सांद्र HCl और सांद्र HNO₃ (3 : 1) |
| पीतल के घटक | ताँबा (Cu) + जस्ता (Zn) |
| जर्मन सिल्वर में चाँदी का प्रतिशत | 0% |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
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Q1 निम्नलिखित में से किस धातु को मिट्टी के तेल (केरोसिन) में डुबोकर रखा जाता है?
Q2 ‘जर्मन सिल्वर’ नामक मिश्र धातु में निम्नलिखित में से कौन सा तत्व उपस्थित नहीं होता है?
Q3 ‘सिनेबार’ (Cinnabar) निम्नलिखित में से किस धातु का प्रमुख अयस्क है?
Q4 निम्नलिखित में से कौन सा ऑक्साइड उभयधर्मी (Amphoteric) प्रकृति का है?
Q5 लोहे की वस्तुओं को संक्षारण (जंग) से बचाने के लिए उन पर जस्ते की पतली परत चढ़ाने की विधि को क्या कहते हैं?







