खेलो इंडिया खेल उपकरण विनिर्माण योजना को मंज़ूरी और अभिषेक शर्मा आईसीसी टी20 में शीर्ष पर
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1,856.67 करोड़ की खेल उपकरण योजना स्वीकृत की, यूनेस्को व नाडा ने स्वच्छ खेल समझौता किया और अभिषेक शर्मा टी20 में नंबर-1 बने।
⭐ मुख्य बिंदु
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹1,856.67 करोड़ के परिव्यय के साथ खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम (2026-27 से 2033-34) को मंज़ूरी दी।
- इस विनिर्माण योजना के तहत देश में समर्पित स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन (SGMZs) स्थापित किए जाएंगे।
- अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों से भारतीय खेल उपकरणों के प्रमाणन व नवीनीकरण हेतु ₹105 करोड़ की सहायता तय की गई है।
- भारत के प्रमुख पारंपरिक खेल उपकरण विनिर्माण क्लस्टर जालंधर (पंजाब) और मेरठ (उत्तर प्रदेश) में स्थित हैं।
- खेल मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और यूनेस्को ने 'स्पोर्ट्स वैल्यूज़ इन एव्री क्लासरूम टूलकिट' को 13 भारतीय भाषाओं में लागू करने हेतु समझौता किया।
- राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) द्वारा नई दिल्ली में 'क्लीन स्पोर्ट कॉन्क्लेव' का आयोजन किया गया।
- भारतीय बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा 897 अंकों के साथ आईसीसी पुरुष टी20आई बल्लेबाज़ी रैंकिंग में शीर्ष स्थान पर पहुंचे।
1. खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम: भारत को वैश्विक खेल उपकरण हब बनाने की पहल
क्या हुआ
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में खेल उपकरण उद्योग को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के उद्देश्य से ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ (Khelo India Sports Goods Manufacturing Scheme) को औपचारिक मंज़ूरी प्रदान की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 से वित्तीय वर्ष 2033-34 (8 वर्षों की अवधि) के लिए ₹1,856.67 करोड़ का कुल वित्तीय परिव्यय तय किया गया है। इस योजना की प्रारंभिक घोषणा केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई थी।
योजना के प्रमुख स्तंभ व वित्तीय प्रावधान
- समर्पित विनिर्माण क्षेत्र (SGMZs): देश में एकीकृत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने हेतु समर्पित ‘स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग ज़ोन’ स्थापित किए जाएंगे। इन्हें ‘भव्य (BHAVYA) योजना’ और राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) के औद्योगिक पार्कों के साथ समन्वित किया जाएगा।
- एंकर निवेश व उत्पादन सहायता: बड़े विनिर्माताओं को आकर्षित करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए ‘एंकर इन्वेस्टमेंट सपोर्ट’ तथा ‘टर्नओवर-लिंक्ड सपोर्ट’ के तहत कुल ₹1,130 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
- अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन सहायता: भारतीय उत्पादों को वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए अंतरराष्ट्रीय खेल महासंघों (International Sports Federations) से प्रमाणन प्राप्त करने हेतु ₹105 करोड़ की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
- उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence): अनुसंधान, नवाचार, उत्पाद डिजाइन, प्रोटोटाइपिंग और कौशल विकास के लिए विशेष उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
पृष्ठभूमि व आर्थिक परिप्रेक्ष्य
भारत में खेल सामग्री विनिर्माण का एक समृद्ध इतिहास रहा है, जिसमें पंजाब का जालंधर और उत्तर प्रदेश का मेरठ दो सबसे बड़े ऐतिहासिक क्लस्टर हैं। वर्तमान में इस क्षेत्र का लगभग 90% उत्पादन सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) द्वारा किया जाता है। वैश्विक खेल उपकरण बाज़ार 2024 में लगभग 140 अरब अमेरिकी डॉलर था, जिसके वर्ष 2036 तक 283 अरब डॉलर तक पहुँचने का अनुमान है। यह योजना भारत को आयात निर्भरता घटाने और ‘खेलो भारत नीति 2025’ तथा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत वैश्विक मूल्य श्रृंखला (Global Value Chains) में अग्रणी बनाने के उद्देश्य से लाई गई है।
परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण बिंदु
- मंत्रालय: युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय (Ministry of Youth Affairs and Sports)।
- उद्देश्य: क्लस्टर आधारित विनिर्माण, अंतरराष्ट्रीय परीक्षण व प्रमाणन और निर्यात में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाना।
- संबद्ध योजनाएँ: खेलो इंडिया मिशन, फिट इंडिया मूवमेंट और राष्ट्रीय औद्योगिक कॉरिडोर कार्यक्रम।
2. खेल एवं शिक्षा मंत्रालय का यूनेस्को के साथ ऐतिहासिक समझौता: कक्षाओं तक पहुँचेगा ‘स्वच्छ खेल मूल्य’ टूलकिट
क्या हुआ
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) द्वारा आयोजित ‘क्लीन स्पोर्ट कॉन्क्लेव’ के अवसर पर युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, शिक्षा मंत्रालय और संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक तथा सांस्कृतिक संगठन (UNESCO) के बीच एक ऐतिहासिक त्रिपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत विद्यालयी स्तर पर खेल मूल्यों और सत्यनिष्ठा को स्थापित करने के लिए ‘स्पोर्ट्स वैल्यूज़ इन एव्री क्लासरूम टूलकिट’ (Sports Values in Every Classroom Toolkit) को देश भर के विद्यालयों में लागू किया जाएगा।
प्रमुख विशेषताएँ
- 13 भारतीय भाषाओं में उपलब्धता: इस टूलकिट के वीडियो मॉड्यूल और शिक्षण सामग्री को 13 प्रमुख भारतीय भाषाओं में तैयार किया गया है ताकि देश भर के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों में छात्र इसे आसानी से समझ सकें।
- मूल्य-आधारित शिक्षा: इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों में सम्मान (respect), सत्यनिष्ठा (integrity), निष्पक्षता (fairness) और खेल भावना जैसे मानवीय मूल्यों का बीजारोपण करना है।
- डोपिंग-मुक्त खेल संस्कृति: कम उम्र से ही एथलीटों और छात्रों को डोपिंग के दुष्प्रभावों व अनैतिक आचरण के प्रति सचेत करना इसका प्रमुख लक्ष्य है।
पृष्ठभूमि व स्टैटिक जीके जुड़ाव
भारत ने यूनेस्को के ‘इंटरनेशनल कन्वेंशन अगेंस्ट डोपिंग इन स्पोर्ट’ (International Convention against Doping in Sport) का अनुमोदन किया है। भारत में संसद द्वारा राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम, 2022 पारित किया जा चुका है, जो नाडा को वैधानिक शक्तियाँ प्रदान करता है। नाडा विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (WADA) की आचार संहिता के अनुरूप काम करती है।
3. आईसीसी टी20आई बल्लेबाज़ी रैंकिंग: अभिषेक शर्मा ने फिर हासिल किया दुनिया का नंबर-1 स्थान
क्या हुआ
भारतीय सलामी बल्लेबाज़ अभिषेक शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ताज़ा पुरुष टी20आई बल्लेबाज़ी रैंकिंग में एक बार फिर दुनिया का शीर्ष (नंबर-1) स्थान हासिल कर लिया है। वेलिंगटन में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ तीसरे टी20आई मुकाबले में मात्र 35 गेंदों में शतक (38 गेंदों में 113 रन, 9 चौके और 11 छक्के) जड़ने के बाद अभिषेक 897 रेटिंग अंकों के साथ शीर्ष पर पहुंचे।
प्रमुख रिकॉर्ड व आंकड़े
- ईशान किशन को पछाड़ा: अभिषेक शर्मा ने अपने साथी भारतीय बल्लेबाज़ ईशान किशन (866 अंक, तीसरे स्थान पर) को पीछे छोड़कर नंबर-1 का ताज पुनः हासिल किया; पाकिस्तान के साहिबज़ादा फरहान (883 अंक) दूसरे स्थान पर हैं।
- विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा: यह टी20 क्रिकेट प्रारूप में अभिषेक का 11वां शतक था, जिसके साथ ही उन्होंने पुरुषों के टी20 में भारत की ओर से सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में विराट कोहली (10 शतक) को पीछे छोड़ दिया।
- पावरप्ले का ऐतिहासिक विश्व रिकॉर्ड: इसी मैच में भारतीय टीम ने पहले छह ओवरों में बिना किसी नुकसान के 118 रन बनाकर पुरुष टी20 अंतरराष्ट्रीय इतिहास में पावरप्ले का सर्वोच्च स्कोर खड़ा किया।
परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण तथ्य
| योजना का नाम | खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम |
|---|---|
| योजना परिव्यय व अवधि | ₹1,856.67 करोड़ (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2033-34) |
| भारत के प्रमुख खेल क्लस्टर | जालंधर (पंजाब) और मेरठ (उत्तर प्रदेश) |
| राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) | स्थापना: 2005, मुख्यालय: नई दिल्ली |
| यूनेस्को (UNESCO) | स्थापना: 16 नवंबर 1945, मुख्यालय: पेरिस (फ्रांस) |
| आईसीसी पुरुष टी20 नंबर-1 बैटर | अभिषेक शर्मा (भारत, 897 रेटिंग अंक) |
अभ्यास प्रश्न (MCQ)
👆 सही विकल्प पर क्लिक करें — तुरंत पता चलेगा सही है या गलत।
Q1 हाल ही में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है?
Q2 ‘खेलो इंडिया स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम’ के तहत समर्पित विनिर्माण क्षेत्रों (SGMZs) का विकास किस योजना/पार्क के साथ समन्वय से किया जाएगा?
Q3 स्कूलों में खेल मूल्यों और नैतिक आचरण को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार के खेल व शिक्षा मंत्रालय ने किस वैश्विक संस्था के साथ समझौता किया है?
Q4 भारत की राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. नाडा की स्थापना वर्ष 2005 में की गई थी। 2. भारत की संसद द्वारा राष्ट्रीय डोपिंग रोधी अधिनियम वर्ष 2022 में पारित किया गया। उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
Q5 हाल ही में न्यूज़ीलैंड के खिलाफ 35 गेंदों में शतक लगाकर आईसीसी पुरुष टी20आई रैंकिंग में नंबर-1 बल्लेबाज़ का स्थान किसने पुनः हासिल किया?








